{"_id":"6251f26d4babec27a702988a","slug":"up-board-exam-bareilly-cheated-nawabganj-news-bly480953872","type":"story","status":"publish","title_hn":"उम्र में हेराफेरी कर परीक्षा दे रहे तीन परीक्षार्थी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उम्र में हेराफेरी कर परीक्षा दे रहे तीन परीक्षार्थी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवाबगंज। उम्र में हेराफेरी कर नवाबगंज के सरदार बल्लभ भाई पटेल इंटर कॉलेज केंद्र पर हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा दे रहे पीलीभीत के तीन छात्रों को जिला विद्यालय निरीक्षक मुकेश कुमार ने शक होने पर पकड़ लिया। तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। केंद्र व्यवस्थापक की ओर से तीनों के खिलाफ नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
यूपी बोर्ड की शनिवार को सुबह की पाली में हाईस्कूल के सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा थी। कुंडरा कोठी गांव के सरदार बल्लभ भाई पटेल इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर सैदूपुर गांव के सोमवती इंटर कॉलेज के परीक्षार्थी भी परीक्षा दे रहे है। इस दौरान डीआईओएस मुकेश कुमार के सचल दल ने वहां ंछापा मारा तो 25 से 30 वर्ष के तीन परीक्षार्थियों पेपर देते देखकर उनसे पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम पीलीभीत के थाना जहानाबाद के गांव वीरापुर निवासी पोप सिंह, सत्यपाल और यशपाल बताए। उनके आधार कार्ड और प्रवेश पत्र की जांच करने पर दोनों में आयु अलग-अलग मिली।
पूछताछ में तीनों ने बताया कि वह पहले भी हाईस्कूल की परीक्षा दे चुके हैं, लेकिन फेल हो गए थे। बाद में उनके घरों से अभिलेख मंगवाकर देखे गए तो पता चला कि सत्यपाल 2012 में हाईस्कूल की परीक्षा दे चुका है। उस समय के अभिलेखों में उसकी आयु पांच जनवरी 1994 दर्ज है। इस बार के प्रवेश पत्र पर उसकी आयु एक जुलाई 2005 दर्ज है। यशपाल ने वर्ष 2013 में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। अब उसके प्रवेश पत्र में उसकी जन्मतिथि 13 अगस्त 2005 दर्ज है, जबकि पोप सिंह ने वर्ष 2016 में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। पूछताछ के बाद तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। केंद्र व्यवस्थापक कमल कुमार ने तीनों के खिलाफ थाना नवाबगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
तीन साल पहले कक्षा आठ में लिया था प्रवेश
तीनों परीक्षार्थियों ने तीन साल पहले सैदूपुर गांव के सोमवती इंटर कॉलेज में कक्षा आठ में प्रवेश लिया था। तब उन्होंने अपनी जन्मतिथि बदलवाकर आयु कम करा ली थी। इस कॉलेज से कक्षा आठ और नौ की परीक्षा पास करने के बाद वह संस्थागत छात्र के रूप में परीक्षा दे रहे थे। चार पेपर देने के बाद भी कॉलेज का स्टाफ नहीं पकड़ सका, जबकि कॉलेज गेट पर तलाशी लेने के साथ ही प्रवेश पत्र चेक किए जाते हैं। तीनों हाईस्कूल के चार पेपर दे चुके हैं। डीआईओएस ने सचल दल के साथ छापा मारा तो पकड़े गए। इसी केंद्र पर दस दिन पहले इंटरमीडिएट का अंग्रेजी का पेपर देते एक सॉल्वर पकड़ गया था। वह अपने चचेरे भाई के स्थान पर परीक्षा दे रहा था।
विज्ञापन
यूपी बोर्ड की शनिवार को सुबह की पाली में हाईस्कूल के सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा थी। कुंडरा कोठी गांव के सरदार बल्लभ भाई पटेल इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर सैदूपुर गांव के सोमवती इंटर कॉलेज के परीक्षार्थी भी परीक्षा दे रहे है। इस दौरान डीआईओएस मुकेश कुमार के सचल दल ने वहां ंछापा मारा तो 25 से 30 वर्ष के तीन परीक्षार्थियों पेपर देते देखकर उनसे पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम पीलीभीत के थाना जहानाबाद के गांव वीरापुर निवासी पोप सिंह, सत्यपाल और यशपाल बताए। उनके आधार कार्ड और प्रवेश पत्र की जांच करने पर दोनों में आयु अलग-अलग मिली।
विज्ञापन
पूछताछ में तीनों ने बताया कि वह पहले भी हाईस्कूल की परीक्षा दे चुके हैं, लेकिन फेल हो गए थे। बाद में उनके घरों से अभिलेख मंगवाकर देखे गए तो पता चला कि सत्यपाल 2012 में हाईस्कूल की परीक्षा दे चुका है। उस समय के अभिलेखों में उसकी आयु पांच जनवरी 1994 दर्ज है। इस बार के प्रवेश पत्र पर उसकी आयु एक जुलाई 2005 दर्ज है। यशपाल ने वर्ष 2013 में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। अब उसके प्रवेश पत्र में उसकी जन्मतिथि 13 अगस्त 2005 दर्ज है, जबकि पोप सिंह ने वर्ष 2016 में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। पूछताछ के बाद तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। केंद्र व्यवस्थापक कमल कुमार ने तीनों के खिलाफ थाना नवाबगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
तीन साल पहले कक्षा आठ में लिया था प्रवेश
तीनों परीक्षार्थियों ने तीन साल पहले सैदूपुर गांव के सोमवती इंटर कॉलेज में कक्षा आठ में प्रवेश लिया था। तब उन्होंने अपनी जन्मतिथि बदलवाकर आयु कम करा ली थी। इस कॉलेज से कक्षा आठ और नौ की परीक्षा पास करने के बाद वह संस्थागत छात्र के रूप में परीक्षा दे रहे थे। चार पेपर देने के बाद भी कॉलेज का स्टाफ नहीं पकड़ सका, जबकि कॉलेज गेट पर तलाशी लेने के साथ ही प्रवेश पत्र चेक किए जाते हैं। तीनों हाईस्कूल के चार पेपर दे चुके हैं। डीआईओएस ने सचल दल के साथ छापा मारा तो पकड़े गए। इसी केंद्र पर दस दिन पहले इंटरमीडिएट का अंग्रेजी का पेपर देते एक सॉल्वर पकड़ गया था। वह अपने चचेरे भाई के स्थान पर परीक्षा दे रहा था।