{"_id":"600731b38ebc3e32b4380ad8","slug":"university-will-conduct-14-colleges-with-its-own-resources-bareilly-news-bly4342748186","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वविद्यालय अपने संसाधनों से संचालित करेगा 14 महाविद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वविद्यालय अपने संसाधनों से संचालित करेगा 14 महाविद्यालय
विज्ञापन
MJP Rohilkhand university
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुलपति ने इन कॉलेजों के संचालन और पाठ्यक्रमों को लेकर बनाई रूपरेखा
विज्ञापन
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के स्टाफ एसोसिएशन सभागार में शासन की अपर मुख्य सचिव मोनिका गर्ग द्वारा जारी शासनादेश को लेकर मीटिंग हुई। इसमें कुलपति ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय को 14 महाविद्यालय को संचालित करने की जानकारी दी है।
बैठक में कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को भवन एवं जमीन का आवंटन किया जाएगा। जिस पर कॉलेज चलाने के लिए विश्वविद्यालय अपने संसाधनों का उपयोग करते हुए विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए स्वतंत्र होगा। इसके लिए सरकार द्वारा कोई वित्तीय सहायता विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय एक कमेटी का गठन करेगा, जो ऐसे महाविद्यालयों का दौरा कर वहां खोले जाने योग्य पाठ्यक्रमों के संबंध में विश्वविद्यालय को अवगत कराएगी। इस कमेटी के सदस्य के रूप में प्रोफेसर विजय बहादुर सिंह यादव, प्रोफेसर पीबी सिंह, प्रोफेसर एमके सिंह, डॉ. एसडी सिंह, प्रोफेसर ओपी उपाध्याय, प्रोफेसर नलिनी श्रीवास्तव, प्रोफेसर केके चौधरी, डॉ. अमित सिंह, प्रोफेसर एसके पांडे एवं डॉ आलोक श्रीवास्तव आदि शामिल किए गए हैं।
कुलपति ने बताया कि कॉलेजों के संचालन के लिए उद्योगों एवं प्राकृतिक संसाधनों के साथ वहां के परिवेश एवं आवश्यकता के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। महाविद्यालयों को शुरू करने के लिए कुलपति ने जुलाई 2021 तक की समय सीमा निर्धारित की है। मीटिंग में शिक्षकों ने कुलपति को बताया कि अधिकतर कॉलेज दूरदराज के क्षेत्रों में हैं। इनमें संचालित कोसों का वित्तीय भार विश्वविद्यालय के ही कंधों पर होगा। कुलपति ने कहा कि यदि इन कॉलेजों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम खोले जाएं तो इन कॉलेजों को सफलतापूर्वक चलाया जा सकता है।
बैठक में कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को भवन एवं जमीन का आवंटन किया जाएगा। जिस पर कॉलेज चलाने के लिए विश्वविद्यालय अपने संसाधनों का उपयोग करते हुए विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए स्वतंत्र होगा। इसके लिए सरकार द्वारा कोई वित्तीय सहायता विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय एक कमेटी का गठन करेगा, जो ऐसे महाविद्यालयों का दौरा कर वहां खोले जाने योग्य पाठ्यक्रमों के संबंध में विश्वविद्यालय को अवगत कराएगी। इस कमेटी के सदस्य के रूप में प्रोफेसर विजय बहादुर सिंह यादव, प्रोफेसर पीबी सिंह, प्रोफेसर एमके सिंह, डॉ. एसडी सिंह, प्रोफेसर ओपी उपाध्याय, प्रोफेसर नलिनी श्रीवास्तव, प्रोफेसर केके चौधरी, डॉ. अमित सिंह, प्रोफेसर एसके पांडे एवं डॉ आलोक श्रीवास्तव आदि शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन
कुलपति ने बताया कि कॉलेजों के संचालन के लिए उद्योगों एवं प्राकृतिक संसाधनों के साथ वहां के परिवेश एवं आवश्यकता के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। महाविद्यालयों को शुरू करने के लिए कुलपति ने जुलाई 2021 तक की समय सीमा निर्धारित की है। मीटिंग में शिक्षकों ने कुलपति को बताया कि अधिकतर कॉलेज दूरदराज के क्षेत्रों में हैं। इनमें संचालित कोसों का वित्तीय भार विश्वविद्यालय के ही कंधों पर होगा। कुलपति ने कहा कि यदि इन कॉलेजों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम खोले जाएं तो इन कॉलेजों को सफलतापूर्वक चलाया जा सकता है।
विज्ञापन