Bareilly: कैबिनेट मंत्री के दो रिश्तेदारों ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, भेजा जेल; फायरिंग कांड के हैं आरोपी
जोगी नवादा फायरिंग कांड के दो आरोपियों ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
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उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री के संरक्षण में बताए जा रहे जोगी नवादा फायरिंग कांड के दो आरोपी बिना किसी पूर्व सूचना के सीजेएम कोर्ट में हाजिर होकर जेल चले गए। इनाम घोषित होते ही यह कवायद हुई। बताया जा रहा है कि इन्हें एनकाउंटर का खतरा सता रहा था। अब बाकी दो आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जोगी नवादा में पिछले साल महिला वकील रीना सिंह के पति व ससुराल पक्ष के लोगों पर फायरिंग की गई थी। इसमें कई लोग घायल हुए थे। रीना सिंह ने उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री के पति के भतीजों समेत करीबियों पर रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
पुलिस काफी समय से चार आरोपियों को तलाश कर रही थी। इनमें टिंकू राठौर, आकाश राठौर, विशाल राठौर व अभिषेक शामिल थे। पुलिस इनकी तलाश में कई बार उत्तराखंड व दिल्ली दबिश दे चुकी थी पर इनका सुराग नहीं मिल रहा था। आत्मसमर्पण के लगभग सभी प्रयास विफल हो चुके थे। इसलिए बारादरी पुलिस के अनुरोध पर एसएसपी अनुराग आर्य ने बुधवार को चारों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये इनाम की घोषणा कर दी थी।
आरोपियों से जेल में हो सकती है पूछताछ, ली जाएगी रिमांड
इनाम की घोषणा के साथ ही दो आरोपी आकाश राठौर व विशाल राठौर सीजेएम कोर्ट में हाजिर हो गए। कोर्ट में इन्होंने घटना से जुड़ाव न होने की दुहाई देकर न्यायिक हिरासत में लेने का अनुरोध किया। कोर्ट ने इन्हें जेल भेज दिया है। कोर्ट के पैरोकार से मिली जानकारी के बाद बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय कोर्ट पहुंचे। वहां पता लगा कि इन लोगों ने हाजिर होने के लिए कोई पूर्व सूचना कोर्ट को नहीं दी थी, इस लिहाज से पुलिस से भी कोई जानकारी नहीं मांगी गई थी।
इंस्पेक्टर ने इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। पुलिस आरोपियों से जेल में पूछताछ कर सकती है, इनकी रिमांड भी ली जा सकती है। बाकी दो आरोपियों को तलाशने के लिए पुलिस ने नए सिरे से कवायद शुरू कर दी है, पुलिस उत्तराखंड भी जा सकती है।
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एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि जोगी नवादा में फायरिंग करने के दो आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है। इनसे पूछताछ की जाएगी। बाकी दो आरोपियों की भी तलाश की जा रही है, वह नहीं मिले तो कोर्ट के आदेश से उनकी संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।