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Bareilly News: दो जर्जर मकान धराशायी, मलबा सड़क पर आने से आवागमन बाधित

Wed, 06 Aug 2025 02:53 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 06 Aug 2025 02:53 AM IST
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Two dilapidated houses collapsed, traffic disrupted as debris fell on the road
सुभाषनगर व जकाती मोहल्ला में हादसा, स्थानीय लोगों का आरोप-शिकायत के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार
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बरेली। मूसलाधार बारिश के बीच मंगलवार को सुभाषनगर व जकाती मोहल्ले में दो जर्जर मकान धराशायी हो गए। गनीमत रही कि कोई चपेट में नहीं आया। मलबा सड़क पर आने की वजह से आवागमन बाधित हो गया। धराशायी हुए मकानों के कुछ हिस्से अब भी बचे हैं, इनके भी कभी भी गिरने का अंदेशा है।
सुभाषनगर में खालसा स्कूल की गली में मंगलवार सुबह करीब नौ बजे प्रीतम लाल खुराना का करीब 90 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भर-भराकर गिर गया। मलबे की वजह से यहां दोपहर दो बजे तक आवागमन ठप रहा। प्रीतम के बेटे विनोद खुराना ने बताया कि मकान जर्जर होने की वजह से खाली पड़ा था। जो हिस्सा बचा है, उसे जल्द ही गिरवा दिया जाएगा।
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वहीं, बजरिया पूरनमल स्थित जकाती मोहल्ले में चार-पांच साल से बंद पड़े जर्जर मकान का एक हिस्सा सोमवार को रात करीब 12 बजे गिर गया। चौकीदार धनसिंह ने बताया कि जिस समय मकान गिरा वह मकान से दो कदम ही आगे थे। मलबा गिरा तो वह दूसरी ओर फंस गए। उन्होंने बताया कि खतरे की जानकारी पहले ही मकान मालिक को दी गई थी। नगर निगम को भी बताया गया था। इसके बाद भी कोई नहीं चेता। ब्यूरो
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शहर में 200 मकान जर्जर
खस्ताहाल मकानों को ध्वस्त करने के लिए तमाम नियम बने हैं, लेकिन नगर निगम और प्रशासन के स्तर कार्रवाई नोटिस थमाने और उसे चस्पा कराने तक ही सीमित है। शहर के विभिन्न हिस्सों में 200 मकान ऐसे हैं जिनके गिरने का खतरा है। ये मकान 100 से 200 साल तक पुराने हैं। मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने बताया कि जर्जर मकानों को ध्वस्त करने में जो अड़चनें हैं, उन्हें दूर कराया जाएगा।


पड़ोसियों को दहशत के मारे नींद नहीं आई
जकाती मोहल्ले में जो मकान गिरा उसके एक हिस्से की दीवार मनु सक्सेना के मकान से सटी है। मनु के बेटे शिवांश ने बताया कि मकान का जो हिस्सा बचा है वह कभी भी गिर सकता है। डर की वजह से वह पूरी रात सो नहीं पाए। आसपास के दो-तीन परिवार तो सुबह होते ही रिश्तेदारी में चले गए। अभी मौके पर दो मंजिला खंडहर इमारत के कुछ हिस्से खड़े हैं। इनकी मिट्टी खिसक रही है रोड़ा गिर रहा है। अब यहां सो नहीं सकते। हम भी रिश्तेदारी में जाएंगे क्योंकि मलबा कभी भी जानलेवा हो सकता है। मोहल्ला जकाती निवासी रमेश, पुष्पा, रिंकू, सचिन, ओमप्रकाश आदि का कहना है कि कई माह पहले नगर निगम ने नोटिस दिया था, पर जर्जर मकान को गिराया नहीं गया।
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