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Bareilly News: अपहरण और पॉक्सो एक्ट के दो आरोपी दोषमुक्त
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15 दिन बाद उज्जैन बाल कल्याण समिति में मिली थी किशोरी, बयान से मुकरी
बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कुमार मयंक ने 20 जनवरी को अपहरण और पॉक्सो एक्ट के आरोपी बहेड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव के निवासी इकराम और बादल उर्फ रईस को दोषमुक्त करार दिया है। दोनों के खिलाफ किशोरी के पिता ने 31 मई को नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किशोरी 13 मई 2016 को लापता हुई और 28 मई को उज्जैन बाल कल्याण समिति के जरिये मिली थी।
किशोरी के पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसकी 14 साल की बेटी को बहला-फुसला कर इकराम और बादल उर्फ रईस ले गए थे। उसके साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने 15 मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
15 दिन बाद जब बाल कल्याण समिति के जरिये बेटी मिली तो उसने पूरी घटना के बारे में बताया। यह भी बताया कि दोनों ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए।
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कोर्ट में गवाही के दौरान किशोरी के पिता ने बयान दिया कि तहरीर में उसने दो अज्ञात व्यक्ति लिखवाए थे। उनके नाम आज तक उसे पता नहीं हैं। बेटी ने भी उसको इकराम और बादल के नाम नहीं बताए थे। विवेचक ने उसका कोई बयान नहीं लिया। किशोरी ने बयान दिया कि इकराम और बादल ने उसका अपहरण नहीं किया। उसके साथ दुष्कर्म भी नहीं किया। संवाद
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बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कुमार मयंक ने 20 जनवरी को अपहरण और पॉक्सो एक्ट के आरोपी बहेड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव के निवासी इकराम और बादल उर्फ रईस को दोषमुक्त करार दिया है। दोनों के खिलाफ किशोरी के पिता ने 31 मई को नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किशोरी 13 मई 2016 को लापता हुई और 28 मई को उज्जैन बाल कल्याण समिति के जरिये मिली थी।
किशोरी के पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसकी 14 साल की बेटी को बहला-फुसला कर इकराम और बादल उर्फ रईस ले गए थे। उसके साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने 15 मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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15 दिन बाद जब बाल कल्याण समिति के जरिये बेटी मिली तो उसने पूरी घटना के बारे में बताया। यह भी बताया कि दोनों ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए।
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कोर्ट में गवाही के दौरान किशोरी के पिता ने बयान दिया कि तहरीर में उसने दो अज्ञात व्यक्ति लिखवाए थे। उनके नाम आज तक उसे पता नहीं हैं। बेटी ने भी उसको इकराम और बादल के नाम नहीं बताए थे। विवेचक ने उसका कोई बयान नहीं लिया। किशोरी ने बयान दिया कि इकराम और बादल ने उसका अपहरण नहीं किया। उसके साथ दुष्कर्म भी नहीं किया। संवाद