{"_id":"798d6362f5a851a52e5270b2609bddd4","slug":"twelve-million-stolen-from-the-doctor-s-mansion-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टर की कोठी से बारह लाख की चोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टर की कोठी से बारह लाख की चोरी
बरेली
Updated Mon, 14 Dec 2015 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। थाना बारादरी की आकाश गंगा कॉलोनी के फेस-दो में रहने वाले चंद्रलोक अस्पताल के एमडी डॉक्टर हिमांशु अग्रवाल की कोठी से चोर करीब बारह लाख रुपये का माल साफ कर ले गए। ड्राइंग रूम की ग्रिल निकालकर चोर कोठी में घुसे थे। घटना की सूचना पुलिस के साथ फील्ड यूनिट ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की। पुलिस ने डॉक्टर हिमांशु की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके चोरों का पता लगाना शुरू कर दिया है।
शनिवार की रात को डॉक्टर हिमांशु अपने बेडरूम में सोए थे। उनकी पत्नी रेशू अग्रवाल भी उसी कमरे में सो रही थीं। दूसरे कमरे में उनके दोनों बेटे प्रत्यूष और आयूष सोए हुए थे। इसी बीच रात को चोर मेन गेट से कोठी के अंदर आ गए। मेनगेट का ताला काफी समय से खराब है। कोठी में आने के बाद उन्होंने ड्राइंग रूम की ग्रिल निकालकर सिटकनी खोल ली और दरवाजा खोलकर कोठी में घुस गए। यहां से चोर डॉक्टर के बेडरूम से होकर स्टोर में पहुंच गए। वहां रखी अलमारी से चोरों ने एक डब्बा चोरी कर लिया। डब्बा में करीब एक लाख रुपये की नकदी और ग्यारह लाख रुपये के जेवरात थे। चोर इतने शातिर थे कि डाक्टर परिवार को चोरों के घुसने की भनक तक नहीं लगी। डॉक्टर के मुताबिक चोर जिस रास्ते से आए थे, उसी से निकल गए। रविवार की सुबह उठने पर अलमारी खुली देखी तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। घटना की सूचना पर इंस्पेक्टर मोहम्मद कासिम मौके पर पहुंच गए। चौकी इंचार्ज जगतपुर को भी उन्होंने बुला लिया। सीओ धर्म सिंह मार्छाल ने भी घटना स्थल का मुआयना किया। फील्ड यूनिट की टीम ने मौके पर पहुंचकर फुट प्रिंट ले लिए। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद चोरों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
चोरी की भनक तक नहीं लग पाई
-डॉक्टर हिमांशु अग्रवाल के घर में घुसे चोर उनके बेडरूम से होकर स्टोर में गए। वहीं से चोरी करने के बाद निकलकर भी आए। उनके बेटे भी पड़ोस के कमरे में सो रहे थे, लेकिन डॉक्टर दंपति और उनके बेटों को चोरों के आने-जाने की भनक तक नहीं लग पाई। वह गहरी नींद में सोए थे या उन्हें नशा देकर सुला दिया गया था। इसकी चर्चा पूरी कॉलोनी में है। वरना ऐसा नहीं होता। चोरों के अलमारी को खोलते समय कुछ तो खटपट हुई होगी। किसी की तो आंख चोरी के वक्त खुलनी चाहिए थी।
विज्ञापन
दीवार के पास मिला पैर का निशान
-फील्ड यूनिट की टीम ने कोठी के बाहर की दीवार से पैर का निशान लिया है। असलारी से कुछ फिंगर प्रिंट्स भी लिए गए हैं। जिस ग्रिल को निकालकर चोरों के अंदर घुसने की बात कही जा रही है। वह ताजा खुली हुई नहीं है। पहले ही किसी ने उसे खोल रखा था। ग्रिल निकालने के बाद चोर उसे उसी स्थान पर फिट कर गए थे।
बाकी रुपये और जेवर क्यों छोड़ गए
-डॉक्टर हिमांशु अग्रवाल का कहना है कि उनके स्टोर में रखी अलमारी से चोर एक प्लास्टिक का डब्बा ले गए हैं। उसमें करीब एक लाख रुपये और जेवर समेत करीब बारह लाख रुपये का माल था। जबकि इसी अलमारी में और भी रुपये और चांदी का सिक्का रखा था, उन्हें चोर क्यों छोड़ गए। यह सवाल पुलिस के अधिकारियों की जुबान पर था।
मेन गेट का लॉक ही नहीं है
-डॉक्टर हिमांशु अग्रवाल की कोठी के मेन गेट का इलेक्ट्रानिक ताला कई सालों से खराब है। घर के बाहर कैमरा तो लगा है, लेकिन उसमें रिकार्डिंग नहीं हो रही थी। उसके जरिए यही देखा जा सकता है कि कोठी के आगे से निकलकर आता-जाता है।
नौकरों से होगी पूछताछ
सीओ ने बताया कि आसपास के क्रिमिनलों के बारे में पता लगाया जा रहा है। इसके अलावा डॉक्टर हिमांशु के नौकरों से भी पूछताछ की जाएगी। डॉक्टर के घर और अस्पताल में काम करने वाले स्टाफ की पुलिस ने सूची मांगी है।
विज्ञापन
शनिवार की रात को डॉक्टर हिमांशु अपने बेडरूम में सोए थे। उनकी पत्नी रेशू अग्रवाल भी उसी कमरे में सो रही थीं। दूसरे कमरे में उनके दोनों बेटे प्रत्यूष और आयूष सोए हुए थे। इसी बीच रात को चोर मेन गेट से कोठी के अंदर आ गए। मेनगेट का ताला काफी समय से खराब है। कोठी में आने के बाद उन्होंने ड्राइंग रूम की ग्रिल निकालकर सिटकनी खोल ली और दरवाजा खोलकर कोठी में घुस गए। यहां से चोर डॉक्टर के बेडरूम से होकर स्टोर में पहुंच गए। वहां रखी अलमारी से चोरों ने एक डब्बा चोरी कर लिया। डब्बा में करीब एक लाख रुपये की नकदी और ग्यारह लाख रुपये के जेवरात थे। चोर इतने शातिर थे कि डाक्टर परिवार को चोरों के घुसने की भनक तक नहीं लगी। डॉक्टर के मुताबिक चोर जिस रास्ते से आए थे, उसी से निकल गए। रविवार की सुबह उठने पर अलमारी खुली देखी तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। घटना की सूचना पर इंस्पेक्टर मोहम्मद कासिम मौके पर पहुंच गए। चौकी इंचार्ज जगतपुर को भी उन्होंने बुला लिया। सीओ धर्म सिंह मार्छाल ने भी घटना स्थल का मुआयना किया। फील्ड यूनिट की टीम ने मौके पर पहुंचकर फुट प्रिंट ले लिए। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद चोरों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
विज्ञापन
चोरी की भनक तक नहीं लग पाई
-डॉक्टर हिमांशु अग्रवाल के घर में घुसे चोर उनके बेडरूम से होकर स्टोर में गए। वहीं से चोरी करने के बाद निकलकर भी आए। उनके बेटे भी पड़ोस के कमरे में सो रहे थे, लेकिन डॉक्टर दंपति और उनके बेटों को चोरों के आने-जाने की भनक तक नहीं लग पाई। वह गहरी नींद में सोए थे या उन्हें नशा देकर सुला दिया गया था। इसकी चर्चा पूरी कॉलोनी में है। वरना ऐसा नहीं होता। चोरों के अलमारी को खोलते समय कुछ तो खटपट हुई होगी। किसी की तो आंख चोरी के वक्त खुलनी चाहिए थी।
विज्ञापन
दीवार के पास मिला पैर का निशान
-फील्ड यूनिट की टीम ने कोठी के बाहर की दीवार से पैर का निशान लिया है। असलारी से कुछ फिंगर प्रिंट्स भी लिए गए हैं। जिस ग्रिल को निकालकर चोरों के अंदर घुसने की बात कही जा रही है। वह ताजा खुली हुई नहीं है। पहले ही किसी ने उसे खोल रखा था। ग्रिल निकालने के बाद चोर उसे उसी स्थान पर फिट कर गए थे।
बाकी रुपये और जेवर क्यों छोड़ गए
-डॉक्टर हिमांशु अग्रवाल का कहना है कि उनके स्टोर में रखी अलमारी से चोर एक प्लास्टिक का डब्बा ले गए हैं। उसमें करीब एक लाख रुपये और जेवर समेत करीब बारह लाख रुपये का माल था। जबकि इसी अलमारी में और भी रुपये और चांदी का सिक्का रखा था, उन्हें चोर क्यों छोड़ गए। यह सवाल पुलिस के अधिकारियों की जुबान पर था।
मेन गेट का लॉक ही नहीं है
-डॉक्टर हिमांशु अग्रवाल की कोठी के मेन गेट का इलेक्ट्रानिक ताला कई सालों से खराब है। घर के बाहर कैमरा तो लगा है, लेकिन उसमें रिकार्डिंग नहीं हो रही थी। उसके जरिए यही देखा जा सकता है कि कोठी के आगे से निकलकर आता-जाता है।
नौकरों से होगी पूछताछ
सीओ ने बताया कि आसपास के क्रिमिनलों के बारे में पता लगाया जा रहा है। इसके अलावा डॉक्टर हिमांशु के नौकरों से भी पूछताछ की जाएगी। डॉक्टर के घर और अस्पताल में काम करने वाले स्टाफ की पुलिस ने सूची मांगी है।