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सूदखोरों से परेशान होकर अब हेड मास्टर ने की खुदकुशी
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चंद्रपाल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सुसाइड नोट में तीन सूदखोरों को बताया मौत का जिम्मेदार, सजा दिलाने की फरियाद की
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सोमवार को हुए थे लापता, अगले दिन खेत में मिले बेहोश, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
बरेली। सूदखोरों की ज्यादती से लगातार जानें जा रही हैं। मंगलवार देर शाम सूदखोरों से प्रताड़ित मीरगंज के गांव संजरपुर में रहने वाले प्राइमरी स्कूल के हेड मास्टर 45 वर्षीय चंद्रपाल ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। उन्होंने अपने सुसाइड नोट और एक वीडियो में तीन सूदखोरों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है और पुलिस और प्रशासन से उन्हें सजा दिलाने की फरियाद की है।
चंद्रपाल फतेहगंज पश्चिमी के गांव पटवैया के प्राइमरी स्कूल के बतौर हेड मास्टर तैनात थे और बरेली के मिनी बाईपास पर बसंत विहार कॉलोनी में वीरेंद्र गंगवार के मकान में किराए पर रहते थे। उनके चचेरे भाई विजेंद्र पाल के मुताबिक चंद्रपाल सोमवार शाम करीब सात बजे गांव जाने की बात कहकर बाइक पर निकले थे मगर इसके बाद न वह गांव पहुंचे और न घर लौटे। परिवार वाले उन्हें ढूंढते रहे लेकिन उनका कहीं पता नहीं लगा। मंगलवार देर शाम गांव के किसी व्यक्ति ने चंद्रपाल को एक खेत में पड़े देखा तो परिवार को सूचना दी। वे लोग रात करीब 12 बजे उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
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चंद्रपाल की जेब से एक सुसाइड नोट के साथ मोबाइल में एक वीडियो क्लिप मिली है। इसमें उन्होंने रेशमा हॉस्पिटल के पास रहने वाली गुड़िया, शास्त्रीनगर के संतोष कुमार उर्फ पप्पू और कपिल हौजरी के मालिक कपिल छाबड़ा को सूदखोर बताते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि इन सूदखोरों से उन्होंने कुछ रकम बतौर कर्ज ली थी। चार गुना ज्यादा रकम लौटाने के बावजूद सूदखोर उन्हें लगातार प्रताड़ित कर उन्हें उनके और पत्नी गीता के साइन किए चेक के जरिए उन्हें जेल भिजवाने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने सुसाइड नोट में तीनों सूदखोरों को सजा दिलाने की फरियाद की है।
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सोमवार को हुए थे लापता, अगले दिन खेत में मिले बेहोश, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत बरेली। सूदखोरों की ज्यादती से लगातार जानें जा रही हैं। मंगलवार देर शाम सूदखोरों से प्रताड़ित मीरगंज के गांव संजरपुर में रहने वाले प्राइमरी स्कूल के हेड मास्टर 45 वर्षीय चंद्रपाल ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। उन्होंने अपने सुसाइड नोट और एक वीडियो में तीन सूदखोरों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है और पुलिस और प्रशासन से उन्हें सजा दिलाने की फरियाद की है।
चंद्रपाल फतेहगंज पश्चिमी के गांव पटवैया के प्राइमरी स्कूल के बतौर हेड मास्टर तैनात थे और बरेली के मिनी बाईपास पर बसंत विहार कॉलोनी में वीरेंद्र गंगवार के मकान में किराए पर रहते थे। उनके चचेरे भाई विजेंद्र पाल के मुताबिक चंद्रपाल सोमवार शाम करीब सात बजे गांव जाने की बात कहकर बाइक पर निकले थे मगर इसके बाद न वह गांव पहुंचे और न घर लौटे। परिवार वाले उन्हें ढूंढते रहे लेकिन उनका कहीं पता नहीं लगा। मंगलवार देर शाम गांव के किसी व्यक्ति ने चंद्रपाल को एक खेत में पड़े देखा तो परिवार को सूचना दी। वे लोग रात करीब 12 बजे उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
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चंद्रपाल की जेब से एक सुसाइड नोट के साथ मोबाइल में एक वीडियो क्लिप मिली है। इसमें उन्होंने रेशमा हॉस्पिटल के पास रहने वाली गुड़िया, शास्त्रीनगर के संतोष कुमार उर्फ पप्पू और कपिल हौजरी के मालिक कपिल छाबड़ा को सूदखोर बताते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि इन सूदखोरों से उन्होंने कुछ रकम बतौर कर्ज ली थी। चार गुना ज्यादा रकम लौटाने के बावजूद सूदखोर उन्हें लगातार प्रताड़ित कर उन्हें उनके और पत्नी गीता के साइन किए चेक के जरिए उन्हें जेल भिजवाने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने सुसाइड नोट में तीनों सूदखोरों को सजा दिलाने की फरियाद की है।