{"_id":"5f835c918ebc3e91b710148e","slug":"troubled-by-crop-failure-loss-of-job-the-man-committed-suicide-bareilly-news-bly423012368","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल तबाह होने, नौकरी न लगने से परेशान ने युवक ने की खुदकुशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल तबाह होने, नौकरी न लगने से परेशान ने युवक ने की खुदकुशी
विज्ञापन
विनोद (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो दिन बाद अपने ही खेत में पेड़ से फंदे से लटका मिला शव
विज्ञापन
भोजीपुरा (बरेली)। धान की फसल तबाह होने और 25 वर्ष की उम्र में भी नौकरी न लगने से परेशान एक युवक ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। नौकरी की तलाश में लखनऊ जाने की बात कहकर शुक्रवार को घर से गए युवक का शव रविवार को उसके ही खेत में पेड़ से लटका मिला।
खुदकुशी करने वाला विनोद कुमार मिलक गांव का रहने वाला था। चाचा सत्यवीर ने बताया कि विनोद की छह बीघा जमीन थी और सात बीघा ठेके पर ली थी। कुल 13 बीघा जमीन में उसने धान की फसल बोई थी, मगर बारिश कम होने व दूसरे कारणों से फसल बहुत कम हुई। जो फसल हुई भी वह ठेके वाली जमीन के मालिक को देना पड़ गई। इससे विनोद बहुत परेशान रहने लगा था। दूसरा वह नौकरी न लगने से परेशान था। यहां घर पर मां के साथ वह अकेला ही रहता था, परेशान विनोद ने अपनी मां शांति देवी से शुक्रवार को कहा कि वह लखनऊ जाकर नौकरी करेगा। इतना कहने के बाद शुक्रवार शाम को ही वह घर से चला गया।
मां यही समझती रही कि विनोद लखनऊ गया, मगर रविवार सुबह करीब सात बजे मिलक के पड़ोसी कलारी गांव के कुछ बच्चों ने पेड़ में डाले गए रस्सी के फंदे से विनोद का शव लटका देखा। यह पेड़ तालाब किनारे विनोद के ही खेत में ही है, यह जगह आबादी से काफी दूर होने के कारण दो दिन तक किसी को घटना का पता नहीं चला था। पिता बाबूराम की करीब दस वर्ष पहले मृत्यु होने के बाद अब विनोद पर ही परिवार की जिम्मेदारी थी।
खुदकुशी करने वाला विनोद कुमार मिलक गांव का रहने वाला था। चाचा सत्यवीर ने बताया कि विनोद की छह बीघा जमीन थी और सात बीघा ठेके पर ली थी। कुल 13 बीघा जमीन में उसने धान की फसल बोई थी, मगर बारिश कम होने व दूसरे कारणों से फसल बहुत कम हुई। जो फसल हुई भी वह ठेके वाली जमीन के मालिक को देना पड़ गई। इससे विनोद बहुत परेशान रहने लगा था। दूसरा वह नौकरी न लगने से परेशान था। यहां घर पर मां के साथ वह अकेला ही रहता था, परेशान विनोद ने अपनी मां शांति देवी से शुक्रवार को कहा कि वह लखनऊ जाकर नौकरी करेगा। इतना कहने के बाद शुक्रवार शाम को ही वह घर से चला गया।
विज्ञापन
मां यही समझती रही कि विनोद लखनऊ गया, मगर रविवार सुबह करीब सात बजे मिलक के पड़ोसी कलारी गांव के कुछ बच्चों ने पेड़ में डाले गए रस्सी के फंदे से विनोद का शव लटका देखा। यह पेड़ तालाब किनारे विनोद के ही खेत में ही है, यह जगह आबादी से काफी दूर होने के कारण दो दिन तक किसी को घटना का पता नहीं चला था। पिता बाबूराम की करीब दस वर्ष पहले मृत्यु होने के बाद अब विनोद पर ही परिवार की जिम्मेदारी थी।
विज्ञापन