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Bareilly News: ट्रैवल हिस्ट्री या कॉन्टैक्ट... संक्रमण की कड़ी जोड़ेगी टीम
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बरेली। मॉडल टाउन निवासी महिला के स्वाइन फ्लू संक्रमित होने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ट्रैवल हिस्ट्री और कॉन्टैक्ट को तलाशेगी, ताकि संक्रमण की वजह पता चले और प्रभावी नियंत्रण की कार्रवाई की जा सके। फिलहाल, दिल्ली एनसीआर में आवागमन के दौरान महिला के संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है।
एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मीसम के मुताबिक, नोएडा में स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वालों की संख्या डेढ़ सौ के पार पहुंच गई है। बुजुर्ग महिला के अलावा अन्य चार संक्रमित भी नोएडा में ही रह रहे हैं। महिला कहां संक्रमित हुई, इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। पोर्टल पर पॉजिटिव रिपोर्ट मिलने पर परिजन से संपर्क किया तो उन्होंने महिला के राजेंद्रनगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। संक्रमण संबंधी सटीक जानकारी रविवार को रैपिड रिस्पॉन्स टीम पता करेगी। सभी सरकारी और निजी अस्पताल, पैथोलॉजी सेंटरों को अलर्ट जारी किया जा चुका है। एनयूएचएम नोडल डॉ. अजमेर सिंह ने बताया कि यूपीएचसी जाटवपुरा की टीम रविवार को महिला के आवास पहुंचकर जरूरी गतिविधि करेगी।
जिला अस्पताल में आठ बेड का बनेगा स्वाइन फ्लू वार्ड
स्वाइन फ्लू के मरीज मिलने के बाद जिला अस्पताल के हार्ट वार्ड में आठ बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया जाएगा। फिलहाल, वार्ड में मलेरिया और अन्य रोग की चपेट में आए मरीज भर्ती हैं। एडी एसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित के मुताबिक, शासन के निर्देशानुसार वार्ड बनाया जा रहा है, ताकि चपेट में आने पर मरीज को भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जा सके। साथ ही, एक फीवर हेल्पडेस्क भी बनाई जाएगी।
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जानिए, क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है जो इंफ्लूएंजा वायरस एच1एन1 से होती है। संक्रमित के खांसने, छींकने या बात करने से भी फैल सकती है। यह सामान्य मौसमी फ्लू की तरह है। समय पर पहचान और इलाज से इससे बचाव मुमकिन है।
इन्हें ज्यादा खतरा
पांच साल के कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग, अस्थमा, शुगर, हृदय रोग, किडनी रोग या अन्य रोगी। सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, लगातार बुखार या कमजोरी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
लक्षण
अचानक तेज बुखार, खांसी, गला खराब होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान, नाक बहना या बंद होना, ठंड लगना या कंपकंपी, उल्टी या दस्त।
बचाव के उपाय
- बार-बार साबुन पानी से न्यूनतम 20 सेकंड हाथ धोएं।
- मास्क पहनें, खांसते-छींकते वक्त मुंह पर रुमाल रखें।
- भीड़भाड़ में जाने से बचें। घर को साफ, हवादार रखें।
- पौष्टिक भोजन लें। साफ पानी पीयें। अच्छी नींद लें।
- लक्षण उभरने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श करें।
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एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मीसम के मुताबिक, नोएडा में स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वालों की संख्या डेढ़ सौ के पार पहुंच गई है। बुजुर्ग महिला के अलावा अन्य चार संक्रमित भी नोएडा में ही रह रहे हैं। महिला कहां संक्रमित हुई, इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। पोर्टल पर पॉजिटिव रिपोर्ट मिलने पर परिजन से संपर्क किया तो उन्होंने महिला के राजेंद्रनगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। संक्रमण संबंधी सटीक जानकारी रविवार को रैपिड रिस्पॉन्स टीम पता करेगी। सभी सरकारी और निजी अस्पताल, पैथोलॉजी सेंटरों को अलर्ट जारी किया जा चुका है। एनयूएचएम नोडल डॉ. अजमेर सिंह ने बताया कि यूपीएचसी जाटवपुरा की टीम रविवार को महिला के आवास पहुंचकर जरूरी गतिविधि करेगी।
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जिला अस्पताल में आठ बेड का बनेगा स्वाइन फ्लू वार्ड
स्वाइन फ्लू के मरीज मिलने के बाद जिला अस्पताल के हार्ट वार्ड में आठ बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया जाएगा। फिलहाल, वार्ड में मलेरिया और अन्य रोग की चपेट में आए मरीज भर्ती हैं। एडी एसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित के मुताबिक, शासन के निर्देशानुसार वार्ड बनाया जा रहा है, ताकि चपेट में आने पर मरीज को भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जा सके। साथ ही, एक फीवर हेल्पडेस्क भी बनाई जाएगी।
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जानिए, क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है जो इंफ्लूएंजा वायरस एच1एन1 से होती है। संक्रमित के खांसने, छींकने या बात करने से भी फैल सकती है। यह सामान्य मौसमी फ्लू की तरह है। समय पर पहचान और इलाज से इससे बचाव मुमकिन है।
इन्हें ज्यादा खतरा
पांच साल के कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग, अस्थमा, शुगर, हृदय रोग, किडनी रोग या अन्य रोगी। सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, लगातार बुखार या कमजोरी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
लक्षण
अचानक तेज बुखार, खांसी, गला खराब होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान, नाक बहना या बंद होना, ठंड लगना या कंपकंपी, उल्टी या दस्त।
बचाव के उपाय
- बार-बार साबुन पानी से न्यूनतम 20 सेकंड हाथ धोएं।
- मास्क पहनें, खांसते-छींकते वक्त मुंह पर रुमाल रखें।
- भीड़भाड़ में जाने से बचें। घर को साफ, हवादार रखें।
- पौष्टिक भोजन लें। साफ पानी पीयें। अच्छी नींद लें।
- लक्षण उभरने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श करें।