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Bareilly News: वाहनों के वीआईपी नंबरों से परिवहन विभाग ने कमाए 63 लाख
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बरेली। लोगों में वाहनों के लिए वीआईपी नंबरों के क्रेज के साथ परिवहन विभाग का राजस्व भी बढ़ा है। तीन सीरीज के वीआईपी नंबरों के जरिये परिवहन विभाग ने तीन महीने में करीब 63 लाख का राजस्व जुटाया है। सबसे ज्यादा मांग 0009 और 0001 जैसे नंबरों की है। जिले में 232 वाहनों को मनपसंद नंबरों के जरिये परिवहन विभाग को 36.95 लाख रुपये राजस्व मिला है।
लोग वाहन खरीदने के साथ उस पर मनमाफिक रजिस्ट्रेशन नंबर भी चाहते हैं। परिवहन विभाग इसका ख्याल रखने के साथ अपने राजस्व को भी बढ़ा रहा है। जिले में इस वर्ष बीई, बीवी और बीडब्ल्यू सीरीज के नंबर जारी किए जा रहे हैं। इन तीन सीरीज में 232 वाहनों से परिवहन विभाग को 36.95 लाख रुपये राजस्व मिला चुका है। 593 नंबर उस श्रेणी में भी हैं जो बुक किए गए हैं, लेकिन यह वीआईपी नहीं है। वाहन स्वामी इन नंबरों पर रजिस्ट्रेशन चाहते हैं। ऐसे नंबरों से परिवहन विभाग 19.89 लाख रुपये राजस्व जुटा चुका है।
गौर करने की बात यह है कि कई वाहन स्वामियों को मनमाफिक नंबर नहीं मिले तो उन्होंने उनसे मिलते-जुलते विकल्पों के नंबरों को ही बुक करा दिया। ऐसे 25 नंबरों के जरिये परिवहन विभाग ने 6.58 लाख रुपये जुटाए हैं। वीआईपी की श्रेणी में रखे गए नंबरों में सबसे ज्यादा मांग 0001, 0009 की है। इसके अलावा 0007 भी वाहन स्वामियों का पसंद का नंबर है। शून्य से नौ की संख्या तक वाहन स्वामी नंबर खरीदने में कोई कंजूसी नहीं कर रहे।
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बाइकों पर भी चाहिए वीआईपी नंबर
- महंगी बाइक का युवा वर्ग में क्रेज बढ़ रहा है। इसके साथ इन बाइक पर युवाओं को नंबर भी मनमाफिक चाहिए। राॅयल जावा, राॅयल इनफील्ड, यामाहा और होेंडा कंपनी की 350 एचपी स्तर की बाइकों के लिए वीआईपी नंबर की लाइन लग रही है। राॅयल इनफील्ड के चाहने वाहनों को 0077 नंबर भा रहा है। 0005 और 1111 नंबर के लिए 50 हजार रुपये तक की बोली जा रही है। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर नंबर बुक करने के साथ लोग परिवहन विभाग के कार्यालय में भी संपर्क कर रहे हैं।
वीआईपी नंबर जारी करने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। बीई, बीवी और बीडब्ल्यू सीरीज के नंबरों पर करीब 63 लाख रुपये का राजस्व मिला है। 0009 और 0001 जैसे नंबरोंं की ज्यादा मांग है। बाइकर्स भी मनमाफिक नंबर चाहते हैं। 350 सीसी जैसी बाइकों के लिए नंबरों के बोली 50 हजार रुपये तक पहुंच रही है। - मनोज कुमार, एआरटीओ प्रशासन
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लोग वाहन खरीदने के साथ उस पर मनमाफिक रजिस्ट्रेशन नंबर भी चाहते हैं। परिवहन विभाग इसका ख्याल रखने के साथ अपने राजस्व को भी बढ़ा रहा है। जिले में इस वर्ष बीई, बीवी और बीडब्ल्यू सीरीज के नंबर जारी किए जा रहे हैं। इन तीन सीरीज में 232 वाहनों से परिवहन विभाग को 36.95 लाख रुपये राजस्व मिला चुका है। 593 नंबर उस श्रेणी में भी हैं जो बुक किए गए हैं, लेकिन यह वीआईपी नहीं है। वाहन स्वामी इन नंबरों पर रजिस्ट्रेशन चाहते हैं। ऐसे नंबरों से परिवहन विभाग 19.89 लाख रुपये राजस्व जुटा चुका है।
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गौर करने की बात यह है कि कई वाहन स्वामियों को मनमाफिक नंबर नहीं मिले तो उन्होंने उनसे मिलते-जुलते विकल्पों के नंबरों को ही बुक करा दिया। ऐसे 25 नंबरों के जरिये परिवहन विभाग ने 6.58 लाख रुपये जुटाए हैं। वीआईपी की श्रेणी में रखे गए नंबरों में सबसे ज्यादा मांग 0001, 0009 की है। इसके अलावा 0007 भी वाहन स्वामियों का पसंद का नंबर है। शून्य से नौ की संख्या तक वाहन स्वामी नंबर खरीदने में कोई कंजूसी नहीं कर रहे।
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बाइकों पर भी चाहिए वीआईपी नंबर
- महंगी बाइक का युवा वर्ग में क्रेज बढ़ रहा है। इसके साथ इन बाइक पर युवाओं को नंबर भी मनमाफिक चाहिए। राॅयल जावा, राॅयल इनफील्ड, यामाहा और होेंडा कंपनी की 350 एचपी स्तर की बाइकों के लिए वीआईपी नंबर की लाइन लग रही है। राॅयल इनफील्ड के चाहने वाहनों को 0077 नंबर भा रहा है। 0005 और 1111 नंबर के लिए 50 हजार रुपये तक की बोली जा रही है। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर नंबर बुक करने के साथ लोग परिवहन विभाग के कार्यालय में भी संपर्क कर रहे हैं।
वीआईपी नंबर जारी करने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। बीई, बीवी और बीडब्ल्यू सीरीज के नंबरों पर करीब 63 लाख रुपये का राजस्व मिला है। 0009 और 0001 जैसे नंबरोंं की ज्यादा मांग है। बाइकर्स भी मनमाफिक नंबर चाहते हैं। 350 सीसी जैसी बाइकों के लिए नंबरों के बोली 50 हजार रुपये तक पहुंच रही है। - मनोज कुमार, एआरटीओ प्रशासन