फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Transit oriented development will build tall buildings in the city

Bareilly News: ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट से शहर में बनेंगी ऊंची इमारतें

Thu, 26 Dec 2024 10:28 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 26 Dec 2024 10:28 AM IST
विज्ञापन
Transit oriented development will build tall buildings in the city
बरेली। शहर में मेट्रो कॉरिडोर, रिंग रोड जैसे प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने के साथ ही बहुमंजिला इमारतों का निर्माण भी हो सकेगा। शासन की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के लागू होने के बाद ऐसा होगा। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे महायोजना 2031 के अलावा सिटी डेवलपमेंट प्लान (सीडीपी) में भी प्रस्तावित किया गया है। जरूरी आकलन के बाद बीडीए बोर्ड इसे जल्द ही मंजूरी दे सकता है।
विज्ञापन

बीडीए अधिकारियों का कहना है कि टीओडी क्षेत्र में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) के साथ इमारतें बन सकेंगी। अभी औसतन 1.5 एफएआर ही अनुमन्य है। अलग-अलग भू-उपयोग के आधार पर अभी प्राधिकरण के क्षेत्र में 1.75 एफएआर की अनुमति दी जा सकती है। इसके आधार पर ही नक्शे स्वीकृत किए जाते हैं। टीओडी क्षेत्र तय होने के बाद यह एफएआर 5 तक अनुमन्य हो जाएगा। हालांकि, इसके तहत नक्शा स्वीकृत कराने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यह एक तरफ से परचेजेबल एफएआर की तरह ही होगा। इसका फायदा यह होगा कि कम जमीन पर ही भू स्वामी या विकासकर्ता बिल्डर अतिरिक्त तल बना सकेंगे।
विज्ञापन

ये होगा फायदा
जानकारों का कहना है कि मेट्रो लाइन, रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, 45 मीटर या इससे अधिक चौड़ी सड़कों पर जमीन की दरें भी अधिक होती हैं। ऐसे में अगर यहां अतिरिक्त एफएआर अनुमन्य हो तो दो तरह से फायदा होगा। एक, प्राधिकरण को अतिरिक्त आय होगी, जोकि शहर के विकास पर खर्च हो सकेगी। दूसरा, ऊंची इमारतों में मिश्रित भू उपयोग होने से लोग कामकाज की जगह और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के आसपास ही रहेंगे। इससे निजी वाहनों का उपयोग कम होगा, जोकि पर्यावरण को साफ रखने और ट्रैफिक नियंत्रण के फायदे के रूप में सामने आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

ज्यादा एफएआर का लाभ
अगर 1000 वर्गमीटर के भूखंड पर 1.5 एफएआर की अनुमति लेकर निर्माण करा रहे हैं तो 40 फीसदी क्षेत्रफल पर निर्माण कराने पर कुल 1500 वर्गमीटर तल अनुमन्य होगा। यानी करीब चार मंजिल तक निर्माण करा सकते हैं। इसके उलट अगर पांच एफएआर की अनुमति है तो 40 फीसदी हिस्से में ही 5000 वर्गमीटर तल का निर्माण कर सकेंगे, यानी करीब 12 मंजिल निर्माण हो सकेगा। भूखंड में खुला भाग अधिक छोड़ने पर और ज्यादा ऊंची इमारत बन सकेगी।


जानिए, क्या है ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट
केंद्र सरकार की नीति के मुताबिक मेट्रो जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट लाइन के आसपास दोनों तरफ 500 मीटर के क्षेत्र को विशेष रूप से विकसित किया जाना है। इसे ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) का नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य शहरी विकास को नए सिरे से तय करना है, जिससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के आसपास ही लोगों को रहने और काम करने का मौका मिल सके। इसमें शहर के प्रमुख इलाकों को टीओडी क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए महायोजना में अलग से कार्ययोजना शामिल की जानी है। प्रदेश में जिन शहरों में मेट्रो आ रही है, इस लागू कर टीओडी क्षेत्र के नियमों के मुताबिक इमारतों के नक्शे स्वीकृत किए जाएंगे। इसकी दरें जहां अलग से तय होंगी, वहीं इसमें मेट्रो सेवा और दूसरी संस्थाओं के साथ आय साझा करने का विकल्प भी है। इससे मेट्रो के किराये को कम रखने में मदद मिलेगी। नीति आयोग की शहरी विकास मामलों पर बनी समिति ने केंद्र सरकार को टीओडी क्षेत्र में एफएआर को 5 से बढ़ाकर 8 तक किए जाने का सुझाव भी दिया है। हालांकि, इस पर फैसला अभी बाकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed