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Bareilly News: नवनिर्वाचित सांसदों के सामने दक्षिण भारत के लिए ट्रेन सेवा, आगरा फोर्ट का संचालन कराना चुनौती
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बरेली। नवनिर्वाचित सांसदों के सामने रेल सेवाओं में सुधार और नई ट्रेनों के संचालन को लेकर भी चुनौतियां होंगी। बदायूं और बरेली के लोगों की रेल सेवाओं को लेकर कई पुरानी मांगे लंबित हैं। निवर्तमान सांसद संतोष गंगवार, धर्मेंद्र कश्यप, बदायूं की सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य और पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी ने इन मांगों को लेकर कई बार रेल मंत्री से मुलाकात करने के साथ रेलवे बोर्ड को भी पत्र लिखे, लेकिन बरेली होते हुए दक्षिण भारत के लिए ट्रेन या फिर आगरा फोर्ट का नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका।
बरेली होते हुए गुजरने वाली छह सुपरफास्ट ट्रेनों के जंक्शन पर ठहराव की बात हो या फिर बरेली होते हुए आगरा, मथुरा, जयपुर तक नियमित ट्रेन सेवा। कई वर्षों से यह मांगे लंबित हैं। आगरा फोर्ट का संचालन भी चुनावी मुद्दा बनता रहा है। कासगंज से बरेली होते हुए दिल्ली और लखनऊ के लिए ट्रेनों के संचालन शुरू होना भी सपना ही है।
बरेली से आगरा, मथुरा के लिए ट्रेनों की संख्या भी सीमित है। दक्षिण भारत के लिए ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव दो वर्ष से रेलवे बोर्ड में लंबित है। सांसद छत्रपाल गंगवार, नीरज मौर्य, पीलीभीत के सांसद जितिन प्रसाद और बदायूं के आदित्य यादव के सामने वर्षों पुरानी इन मांगों को पूरा कराने की चुनौती होगी। संवाद
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बरेली होते हुए गुजरने वाली छह सुपरफास्ट ट्रेनों के जंक्शन पर ठहराव की बात हो या फिर बरेली होते हुए आगरा, मथुरा, जयपुर तक नियमित ट्रेन सेवा। कई वर्षों से यह मांगे लंबित हैं। आगरा फोर्ट का संचालन भी चुनावी मुद्दा बनता रहा है। कासगंज से बरेली होते हुए दिल्ली और लखनऊ के लिए ट्रेनों के संचालन शुरू होना भी सपना ही है।
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बरेली से आगरा, मथुरा के लिए ट्रेनों की संख्या भी सीमित है। दक्षिण भारत के लिए ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव दो वर्ष से रेलवे बोर्ड में लंबित है। सांसद छत्रपाल गंगवार, नीरज मौर्य, पीलीभीत के सांसद जितिन प्रसाद और बदायूं के आदित्य यादव के सामने वर्षों पुरानी इन मांगों को पूरा कराने की चुनौती होगी। संवाद
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