बरेली: मृत दरोगा की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर की आपत्तिजनक पोस्ट, चीनी मिल का अधिकारी गिरफ्तार
बरेली में साइबर क्राइम पुलिस ने दीपक कौशिक नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। उस पर मृत दरोगा की फोटो लगाकर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाने का आरोप है। इस आईडी से आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं।
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बरेली के मीरगंज की डीबीओएल शुगर मिल में केमिकल एनालिसिस अधिकारी बिजनौर निवासी दीपक कौशिक को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसने कुछ महीने पहले सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दरोगा आकाश यादव की वर्दी वाली फोटो लगाकर ‘दीपक जाट बरेली’ नाम से इंस्टाग्राम आईडी बनाई थी और उससे समाजसेवी महिला समेत अन्य पर आपत्तिजनक पोस्ट कर रहा था। इससे पुलिस की छवि भी खराब हो रही थी, कोर्ट ने आरोपी को जेल भेजा है।
सीओ हाईवे देवेश सिंह ने बताया कि साइबर थाने की टीम ने बृहस्पतिवार को झुमका चौराहे से दीपक कौशिक को गिरफ्तार किया। वह बिजनौर जिले के रायपुर देहात थाना क्षेत्र के गांव रतुपुरा का निवासी है और मीरगंज की डीबीओएल शुगर मिल में केमिकल एनालिसिस अधिकारी के रूप में कार्यरत है। वह बरेली में किराये पर रहता है। उसके पास से मोबाइल फोन और दो सिमकार्ड बरामद हुए।
सीओ के मुताबिक, दीपक ने पूछताछ में बताया कि वह बीएससी पास है। उसने सोचा था कि पुलिस की वर्दी में मृतक का फोटो लगाने और नाम बदलने से वह पकड़ा नहीं जाएगा। उसने सोशल मीडिया से मृत दरोगा का फोटो लिया और फर्जी आईडी बनाई। गलती का अहसास होने पर उसने इंस्टाग्राम आईडी डिलीट कर दी थी।
सीओ हाईवे ने बताया कि पहली बार मामला 14 सितंबर को सामने आया था। एक समाजसेवी महिला की शिकायत पर कोतवाली के दरोगा अनूप सिंह ने अज्ञात इंस्टाग्राम आईडी धारक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पता लगा कि आरोपी ने ''दीपक जाट बरेली'' नाम से आईडी बनाई थी। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने प्राथमिक जांच की। फिर एसएसपी ने मामले की जांच साइबर क्राइम थाने स्थानांतरित की थी।
जांच में पता चला कि फर्जी आईडी पर मृत उपनिरीक्षक आकाश यादव का फोटो लगा था। आकाश मिर्जापुर जिले के निवासी थे और अयोध्या में तैनात रहे थे। आकाश यादव की कुछ माह पहले सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। आरोपी ने उनके फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी आईडी बनाकर ये हरकतें की थीं।
बरेली पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश
दीपक कौशिक ने खुद को बरेली पुलिस के दरोगा के रूप में प्रचारित किया। महिला समाजसेवी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण लोगों ने बरेली पुलिस के खिलाफ अभद्र कमेंट किए। पुलिस ने अब इस मामले में धारा 66सी आईटी एक्ट और धारा 319(2)/356 बीएनएस भी बढ़ाई है।
इसमें अपनी पहचान छिपाकर किसी दूसरे व्यक्ति का रूप रखकर या किसी काल्पनिक मृत व्यक्ति का नाम इस्तेमाल कर किसी के साथ धोखाधड़ी की जाती थी। अधिकतम पांच वर्ष तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती है। आईटी एक्ट में सजा अलग से होगी।
सीओ हाईवे देवेश सिंह ने बताया कि आरोपी दीपक कौशिक ने मृत दरोगा आकाश यादव का फोटो व दीपक जाट नाम की छद्म पहचान बनाकर अपराध किया था। साइबर थाने की टीम ने इसका खुलासा कर दिया। आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है।