{"_id":"5d239ea98ebc3e6cbf3f4224","slug":"traffic-police-checking-bareilly-news-bly3678618129","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में हेलमेट के नाम पर लोगों को परेशान कर रही पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में हेलमेट के नाम पर लोगों को परेशान कर रही पुलिस
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बरेली। हेलमेट के नाम पर चौराहों पर चल रही वाहन चेकिंग में पुलिस की वसूली का केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार के समर्थकों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। भारत सेवा ट्रस्ट के तमाम समर्थक एसपी ट्रैफिक से मिले और कहा कि शहर के अंदर हेलमेट न लगाने से एक्सीडेंट का आंकड़ा दो प्रतिशत भी नहीं है। फिर भी पुलिस चौराहों पर वाहन चेकिंग के नाम पर आम लोगों को प्रताड़ित कर रही है। अगर पुलिस को बाइक चेकिंग ही करनी है तो नगरीय सीमा से बाहर हाईवे पर करे, जहां हेलमेट न पहनने से दुघर्टना का खतरा ज्यादा रहता है।
एसपी ट्रैफिक सुभाषचंद्र गंगवार से मिलकर संतोष समर्थक भाजपाइयों ने कहा कि पुलिस शहर की सीमा सीबीगंज, किला क्रॉसिंग, श्यामगंज चौराहा, स्टेशन कैंट रोड, कुदेशिया फाटक, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन के अलावा संकरी गलियों में दोपहिया वाहनों की हेलमेट चेकिंग के नाम पर आम नागरिकों को प्रताड़ित कर रही है, जबकि भीड़ की वजह से शहर के अंदर दोपहिया वाहनों की रफ्तार 20 किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम है।
घनी आबादी में रहने वाले लोगों को कभी दवा लेने या घरेलू सामान लेने या अन्य छोटे-मोटे कामों से बाइक या स्कूटर से बाहर जाना होता है तो वह हेलमेट नहीं लगा पाते। घनी आबादी में वाहन चालक हार्न का भी कम प्रयोग करते हैं। हेलमेट पहनकर घनी आबादी के बीच में वाहन में संतुलन नहीं बन पाता। फिर शहर के अंदर बिना हेलमेट दुघर्टना का ग्राफ भी शून्य है। ऐसे में हेलमेट के नाम पर चालान न किया जाए। एसपी ट्रैफिक ने उनकी बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में सतीश रोहतगी, सुशील मित्तल, सुधांशु सक्सेना, नरेंद्र कुमार मौर्य, अमित आनंद आदि भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे।
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एसपी ट्रैफिक सुभाषचंद्र गंगवार से मिलकर संतोष समर्थक भाजपाइयों ने कहा कि पुलिस शहर की सीमा सीबीगंज, किला क्रॉसिंग, श्यामगंज चौराहा, स्टेशन कैंट रोड, कुदेशिया फाटक, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन के अलावा संकरी गलियों में दोपहिया वाहनों की हेलमेट चेकिंग के नाम पर आम नागरिकों को प्रताड़ित कर रही है, जबकि भीड़ की वजह से शहर के अंदर दोपहिया वाहनों की रफ्तार 20 किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम है।
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घनी आबादी में रहने वाले लोगों को कभी दवा लेने या घरेलू सामान लेने या अन्य छोटे-मोटे कामों से बाइक या स्कूटर से बाहर जाना होता है तो वह हेलमेट नहीं लगा पाते। घनी आबादी में वाहन चालक हार्न का भी कम प्रयोग करते हैं। हेलमेट पहनकर घनी आबादी के बीच में वाहन में संतुलन नहीं बन पाता। फिर शहर के अंदर बिना हेलमेट दुघर्टना का ग्राफ भी शून्य है। ऐसे में हेलमेट के नाम पर चालान न किया जाए। एसपी ट्रैफिक ने उनकी बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में सतीश रोहतगी, सुशील मित्तल, सुधांशु सक्सेना, नरेंद्र कुमार मौर्य, अमित आनंद आदि भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे।
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