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जबर्दस्त हंगामे के बाद किसानों के लिए टोल प्लाजा फ्री
सार
मुड़िया मुकर्रमपुर टोल प्लाजा पर इकट्ठे सैकड़ों किसानों ने प्रशासन के इनकार पर किया अनिश्चितकालीन धरने का एलान
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किसानों ने इसी टोल प्लाजा को फ्री कराया है।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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विस्तार
पांच घंटे तक दिया धरना, टोल प्लाजा पर ही शुरू किया लंगर
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बवाल बढ़ते देखकर अफसरों ने टोल प्रशासन से भरवाई हामी
बहेड़ी। किसानों को टोल वसूली से मुक्त करने की मांग को लेकर बुधवार को बहेड़ी और उत्तराखंड के सैकड़ों किसानों ने मुड़िया मुकर्रमपुर टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा किया। प्रशासन से बातचीत विफल होने के बाद प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान टोल गेट पर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए, इसके साथ वहीं पर लंगर भी शुरू करा दिया। पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने किसानों के लिए टोल फ्री करने का एलान किया, तब उन्होंने धरना खत्म किया।
संयुक्त किसान मोर्चा के तराई क्षेत्र के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान बुधवार सुबह ही मुड़िया मुर्करपुर टोल प्लाजा पर इकट्ठे हो गए। किसानों के लिए टोल फ्री करने की मांग शुरू की तो टोल प्लाजा कर्मचारियों से उनकी तनातनी शुरू हो गई। किसानों ने इस पर सुबह सवा दस बजे पूरा टोल फ्री करा दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम राजेश चंद्र, सीओ अशोक कुमार गौतम, इंस्पेक्टर गीतेश कपिल भारी पुलिस फोर्स और पीएसी लेकर पहुंच गए। अफसरों ने किसानों पर टोल प्लाजा से हटने का दबाव बनाया तो वे प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए टोल प्लाजा के गेट नंबर नौ पर धरने पर बैठ गए।
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तजिंदर सिंह विर्क और सरदार इकबाल सिंह चीमा के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधि मंडल से प्रशासन ने वार्ता की। तीन बार बातचीत के बाद भी किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। उनकी मांग थी कि किसानों की कार, और ट्रैक्टर ट्राली समेत किसी भी ऐसी गाड़ी से टोल न लिया जाए जिस पर किसान का झंडा लगा हो। टोल प्लाजा के अधिकारी अनूप पांडे इस पर राजी नही हुए तो माहौल गरमाने लगा। किसानों ने अनिश्चितकालीन धरने का एलान करने के साथ टोल गेट पर ही लंगर भी चालू कर दिया। धीरे-धीरे बहेड़ी, किच्छा, रुद्रपुर और सितारगंज से किसानों के और जत्थे आने शुरू हो गए।
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टोल प्लाजा पर सैकड़ों किसानों की भीड़ इकट्ठी होने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे प्रशासन ने फिर धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से बातचीत की और फिर उनकी मांगे मानने का एलान कर दिया। इसके बाद किसानों ने धरना खत्म किया। धरनास्थल पर संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी रवि ढाका, गुरवीर सिंह विर्क एडवोकेड बिलासपुर, हरजिंदर सिंह संधू, गुरसेवक सिंह मोहार सितारगंज, आलमजीत सिंह, जसविंदर सिंह, बलदेव सिंह के अलावा लखविंदर सिंह एडवोकेड, अवतार सिंह आदि मौजूद थे।
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बवाल बढ़ते देखकर अफसरों ने टोल प्रशासन से भरवाई हामी बहेड़ी। किसानों को टोल वसूली से मुक्त करने की मांग को लेकर बुधवार को बहेड़ी और उत्तराखंड के सैकड़ों किसानों ने मुड़िया मुकर्रमपुर टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा किया। प्रशासन से बातचीत विफल होने के बाद प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान टोल गेट पर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए, इसके साथ वहीं पर लंगर भी शुरू करा दिया। पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने किसानों के लिए टोल फ्री करने का एलान किया, तब उन्होंने धरना खत्म किया।
संयुक्त किसान मोर्चा के तराई क्षेत्र के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान बुधवार सुबह ही मुड़िया मुर्करपुर टोल प्लाजा पर इकट्ठे हो गए। किसानों के लिए टोल फ्री करने की मांग शुरू की तो टोल प्लाजा कर्मचारियों से उनकी तनातनी शुरू हो गई। किसानों ने इस पर सुबह सवा दस बजे पूरा टोल फ्री करा दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम राजेश चंद्र, सीओ अशोक कुमार गौतम, इंस्पेक्टर गीतेश कपिल भारी पुलिस फोर्स और पीएसी लेकर पहुंच गए। अफसरों ने किसानों पर टोल प्लाजा से हटने का दबाव बनाया तो वे प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए टोल प्लाजा के गेट नंबर नौ पर धरने पर बैठ गए।
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तजिंदर सिंह विर्क और सरदार इकबाल सिंह चीमा के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधि मंडल से प्रशासन ने वार्ता की। तीन बार बातचीत के बाद भी किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। उनकी मांग थी कि किसानों की कार, और ट्रैक्टर ट्राली समेत किसी भी ऐसी गाड़ी से टोल न लिया जाए जिस पर किसान का झंडा लगा हो। टोल प्लाजा के अधिकारी अनूप पांडे इस पर राजी नही हुए तो माहौल गरमाने लगा। किसानों ने अनिश्चितकालीन धरने का एलान करने के साथ टोल गेट पर ही लंगर भी चालू कर दिया। धीरे-धीरे बहेड़ी, किच्छा, रुद्रपुर और सितारगंज से किसानों के और जत्थे आने शुरू हो गए।
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टोल प्लाजा पर सैकड़ों किसानों की भीड़ इकट्ठी होने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे प्रशासन ने फिर धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से बातचीत की और फिर उनकी मांगे मानने का एलान कर दिया। इसके बाद किसानों ने धरना खत्म किया। धरनास्थल पर संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी रवि ढाका, गुरवीर सिंह विर्क एडवोकेड बिलासपुर, हरजिंदर सिंह संधू, गुरसेवक सिंह मोहार सितारगंज, आलमजीत सिंह, जसविंदर सिंह, बलदेव सिंह के अलावा लखविंदर सिंह एडवोकेड, अवतार सिंह आदि मौजूद थे।