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Bareilly News: रुविवि के इनक्यूबेशन सेंटर के तीन स्टार्टअप्स को मिला 10 लाख का सरकारी अनुदान
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बरेली। रुविवि के रोहिलखंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन (आरआईएफ) के तीन स्टार्टअप्स को उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्टार्टइन यूपी योजना के तहत 10.875 लाख का वित्तीय अनुदान मिला है। यह अनुदान इनोवेशन और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए दिया गया है। आरआईएफ के यह तीन स्टार्टअप्स अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
इसमें करियर क्राफ्ट इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड को 4.50 लाख रुपये का अनुदान मिला है। यह स्टार्टअप करियर गाइडेंस और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम कर रहा है। इसके जरिए विद्यार्थियों और युवाओं को उनके करियर को बेहतर बनाने में मदद करता है। पांडुव एप्लीकेशन को 3.37 लाख की मदद मिली है। इस स्टार्टअप ने दुनिया का पहला एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग सिमुलेशन सॉफ्टवेयर एएम प्रवाह विकसित किया है। इसे पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें आईआईटी दिल्ली की ओर से इंडीजीनस 3 डी सिमुलेशन सॉफ्टवेयर डेवलपर ऑफ द ईयर (2023) और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से बेस्ट स्टार्टअप अवार्ड शामिल हैं।
डैबोटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को तीन लाख रुपये की मदद मिली है। यह कंपनी रोबोटिक्स और ऑटोमेशन पर केंद्रित है। यह स्टेम शिक्षा और इंडस्ट्री 4.0 की जरूरतों को पूरा करने के लिए समाधान विकसित कर रही है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए बेहद गर्व की बात है कि हमारे इनक्यूबेशन सेंटर से जुड़े स्टार्टअप्स को स्टार्टइन यूपी योजना से अनुदान प्राप्त हुआ है। यह सफलता उत्तर प्रदेश में इनोवेशन और उद्यमशीलता को नई दिशा प्रदान करेगी। संवाद
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इसमें करियर क्राफ्ट इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड को 4.50 लाख रुपये का अनुदान मिला है। यह स्टार्टअप करियर गाइडेंस और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम कर रहा है। इसके जरिए विद्यार्थियों और युवाओं को उनके करियर को बेहतर बनाने में मदद करता है। पांडुव एप्लीकेशन को 3.37 लाख की मदद मिली है। इस स्टार्टअप ने दुनिया का पहला एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग सिमुलेशन सॉफ्टवेयर एएम प्रवाह विकसित किया है। इसे पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें आईआईटी दिल्ली की ओर से इंडीजीनस 3 डी सिमुलेशन सॉफ्टवेयर डेवलपर ऑफ द ईयर (2023) और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से बेस्ट स्टार्टअप अवार्ड शामिल हैं।
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डैबोटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को तीन लाख रुपये की मदद मिली है। यह कंपनी रोबोटिक्स और ऑटोमेशन पर केंद्रित है। यह स्टेम शिक्षा और इंडस्ट्री 4.0 की जरूरतों को पूरा करने के लिए समाधान विकसित कर रही है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए बेहद गर्व की बात है कि हमारे इनक्यूबेशन सेंटर से जुड़े स्टार्टअप्स को स्टार्टइन यूपी योजना से अनुदान प्राप्त हुआ है। यह सफलता उत्तर प्रदेश में इनोवेशन और उद्यमशीलता को नई दिशा प्रदान करेगी। संवाद
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