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Bareilly News: घोटाले में तीन लिपिक भी मिले दोषी
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फरीदपुर। नगर पालिका में घोटाला करने के मामले में पालिका अध्यक्ष के साथ तीन लिपिक भी शामिल पाए गए हैं। अधिशासी अधिकारी की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। इससे भ्रष्टाचार की परतें खुलती जा रही हैं।
नगर पालिका परिषद फरीदपुर के सरकारी धन का दुरुपयोग कर गलत तरीके से कीटनाशक दवाइयों का भुगतान बिना सत्यापन के किया गया। दोबारा कीटनाशक दवाएं नियम विरुद्ध तरीके से सिविल कार्य करने वाले ठेकेदार के द्वारा खरीद ली गई, जबकि नियम अनुसार कीटनाशक के लाइसेंस धारक से ही दवाओं की खरीद की जानी चाहिए थी। पार्किंग मशीन की रिपेयरिंग का कार्य भी सिविल किट ठेकेदार से बिना सत्यापन के भुगतान कर दिया गया। कार्य नियमानुसार रजिस्टर्ड मैकेनिकल फर्म या कंपनी से ही कराया जाना चाहिए था।
नाला सफाई के लिए 40 अतिरिक्त आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति पालिका के सफाई विभाग द्वारा की गई, लेकिन फर्म को मनमाने तरीके से 50 श्रमिकों का भुगतान किया गया। अधिशासी अधिकारी ने आउटसोर्सिंग कर्मचारी के भुगतान के मामले में नगर पालिका अध्यक्ष व अधिष्ठान लिपिक महावीर प्रसाद की मिलीभगत को घोटाले में जिम्मेदार बताया है।
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इस तरह फाॅगिंग मशीन के नाम पर गलत तरीके से सरकारी धन की निकासी की गई। रिपोर्ट में गबन करने में पालिका अध्यक्ष व लिपिक प्रदीप कुमार को जिम्मेदार बताया गया है। एसी खरीद में गलत तरीके से कोटेशन निकाल कर भुगतान किया गया। एक अन्य खरीद घोटाले में पालिका अध्यक्ष व संबंधित लिपिक राजेश कुमार का भी नाम सामने आया है।
एसडीएम ने अधिशासी अधिकारी की रिपोर्ट को जिला अधिकारी को भेजा है। इससे नगर पालिका अध्यक्ष शराफत जरीवाला व तीन लिपिकों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। संवाद
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नगर पालिका परिषद फरीदपुर के सरकारी धन का दुरुपयोग कर गलत तरीके से कीटनाशक दवाइयों का भुगतान बिना सत्यापन के किया गया। दोबारा कीटनाशक दवाएं नियम विरुद्ध तरीके से सिविल कार्य करने वाले ठेकेदार के द्वारा खरीद ली गई, जबकि नियम अनुसार कीटनाशक के लाइसेंस धारक से ही दवाओं की खरीद की जानी चाहिए थी। पार्किंग मशीन की रिपेयरिंग का कार्य भी सिविल किट ठेकेदार से बिना सत्यापन के भुगतान कर दिया गया। कार्य नियमानुसार रजिस्टर्ड मैकेनिकल फर्म या कंपनी से ही कराया जाना चाहिए था।
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नाला सफाई के लिए 40 अतिरिक्त आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति पालिका के सफाई विभाग द्वारा की गई, लेकिन फर्म को मनमाने तरीके से 50 श्रमिकों का भुगतान किया गया। अधिशासी अधिकारी ने आउटसोर्सिंग कर्मचारी के भुगतान के मामले में नगर पालिका अध्यक्ष व अधिष्ठान लिपिक महावीर प्रसाद की मिलीभगत को घोटाले में जिम्मेदार बताया है।
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इस तरह फाॅगिंग मशीन के नाम पर गलत तरीके से सरकारी धन की निकासी की गई। रिपोर्ट में गबन करने में पालिका अध्यक्ष व लिपिक प्रदीप कुमार को जिम्मेदार बताया गया है। एसी खरीद में गलत तरीके से कोटेशन निकाल कर भुगतान किया गया। एक अन्य खरीद घोटाले में पालिका अध्यक्ष व संबंधित लिपिक राजेश कुमार का भी नाम सामने आया है।
एसडीएम ने अधिशासी अधिकारी की रिपोर्ट को जिला अधिकारी को भेजा है। इससे नगर पालिका अध्यक्ष शराफत जरीवाला व तीन लिपिकों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। संवाद