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स्मार्ट सिटी में जान का खतरा, सड़क पर पड़े खंभों से टकराकर गिरे स्कूटी सवार पति-पत्नी
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इसी खंभे से टकराकर जख्मी हुआ परिवार।
नगर निगम के ऐन सामने हादसा, चेहरे पर गहरी चोट लगने से बेहोश हुआ पति, पत्नी और मासूम बेटी को भी आईं चोटें
बरेली। स्मार्ट सिटी बनते शहर में जिम्मेदारों की गैरजिम्मेदारी से जानें भी जा रही हैं और लोग हाथ-पैर भी तुड़वा रहे हैं। शनिवार रात नगर निगम के ऐन सामने सड़क पर डाल दिए गए बिजली के पोल से टकराकर स्कूटी पर जा रहे पति-पत्नी मासूम बेटी के साथ औंधे मुंह सड़क पर जा गिरे। सिर में चोट आने से पति सड़क पर ही बेहोश हो गया। पत्नी और मासूम बेटी के भी चोटें आईं।
शहर का स्मार्ट सिटी बनना शहरवासियों को वाकई काफी महंगा पड़ रहा है। कहीं स्मार्ट सिटी के ठेकेदार लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं तो कहीं खुद अफसरों और उनके स्टाफ की गैरजिम्मेदारी लोगों की जान पर भारी पड़ जा रही है। गहरे गड्ढों को खुला छोड़ दिए जाने और सड़कों पर कहीं भी निर्माण सामग्री डाल दिए जाने से शहर में लगातार हादसे हो रहे हैं लेकिन न अफसरों पर कोई असर है न ही जनप्रतिनिधियों पर। शनिवार को फरीदपुर के मोहल्ला साहूकारा के प्रीत अग्रवाल, उनकी पत्नी और मासूम बेटी भी बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए।
रात करीब दस बजे प्रीत पत्नी और बेटी के साथ स्कूटी पर पटेल चौक की ओर से बरेली कॉलेज की तरफ जा रहे थे। नगर निगम गेट के पास एक ई-रिक्शा को साइड देते हुए उनकी स्कूटी सड़क किनारे पड़े बिजली के खंभों से टकराई और तीनों सड़क पर जा गिरे। लोहे के खंभे से मुंह टकराने से प्रीत लहूलुहान होकर बेहोश हो गए। उनकी पत्नी के माथे पर गंभीर चोट लगी। बेटी भी सड़क की रगड़ लगने से चुटैल हो गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तगड़ी चोट लगने की वजह से दस मिनट तक पति-पत्नी बेटी के साथ सड़क पर ही पड़े रहे। इस बीच वहां भीड़ लग गई और पुलिस भी पहुंच गई। उन्हें अस्पताल भेजने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई मगर इस बीच प्रीत के कुछ परिचित पहुंच गए जो उन तीनों को अपने साथ ले गए।
शहर भर में सड़कों पर फैली है निर्माण सामग्री
नेता लोग शहर के विकास का दम भर रहे हैं। अफसरों को हवा में दावे करने से फुर्सत नहीं है लेकिन शहरवासियों की सहूलियत का ख्याल दोनों में से किसी को नहीं है। निर्माण कार्य बेहद मनमाने ढंग से किए जा रहे हैं। शहर भर में सड़कों पर जगह-जगह निर्माण सामग्री के ढेर लगे हुए हैं। विकास भवन रोड, चौकी चौराहा-पटेल चौक मार्ग, पटेल चौक-बरेली कॉलेज मार्ग, पटेल चौक-चौपुला मार्ग, चौपुला-चौकी चौराहा समेत सिविल लाइंस की सभी सड़कों की यही स्थिति है। हाल ही में विकास भवन रोड पर सड़क पर नाले का मलबा और मिट्टी डाल दी गई थी। लोगों का घरों से निकलना और कॉलेज आना-जाना तक दूभर हो गया था। आए दिन हादसे हो रहे हैं फिर भी जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
स्मार्ट सिटी नहीं हादसों का शहर बना बरेली
1- कमिश्नरी के सामने चौकीदार की मौत
इज्जतनगर के गांव गिरधरपुर में रहने वाले पीडब्ल्यूडी के चौकीदार छेदालाल दिवाली की रात कमिश्नरी के सामने स्थित कार्यालय में ड्यूटी को आए थे। रात में वह पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने खोदे गए गड्ढे में गिर गए और उनकी मौत हो गई। यह मामला सुर्खियों में आया तो स्मार्ट सिटी की ओर से हादसे रोकने के नाम पर पन्नी का टेप लगा दिया गया।
2- इज्जतनगर में 19 वर्षीय प्रिंस की जान गई
अक्तूबर में आईवीआरआई के सामने सड़क चौड़ीकरण को खोदे गए गड्ढे में गिरकर 19 वर्षीय प्रिंस उर्फ तनु की मौत हो गई थी। एक ट्रक को साइड देने के प्रयास में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर इस गड्ढे में चली गई। गिरने से पत्थर उनके सिर में लगा और उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद यहां गड्ढा तो भर दिया गया लेकिन सड़क अब भी नहीं बनी है, जिससे वाहन फिसलने का डर बना हुआ है।
3- सिविल लाइंस में खुदे पड़े गड्ढे में पलटी कार
पिछले महीने नकटिया में रहने वाले इंश्योरेंस कंपनी के कैशियर अनुज की कार सिविल लाइंस में स्मार्ट बनाने के तहत डक्ट बनाने को खोदे गए गड्ढे में पलट गई थी। अनुज वहां पर एक शादी में शामिल होने आए थे और कार पीछे करते समय गड्ढे में पलट गई। इस हादसे के बाद गड्ढे का कुछ हिस्सा बंद कर दिया गया है लेकिन जगह-जगह मलबा अब भी यहीं पर जमा है।
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बरेली। स्मार्ट सिटी बनते शहर में जिम्मेदारों की गैरजिम्मेदारी से जानें भी जा रही हैं और लोग हाथ-पैर भी तुड़वा रहे हैं। शनिवार रात नगर निगम के ऐन सामने सड़क पर डाल दिए गए बिजली के पोल से टकराकर स्कूटी पर जा रहे पति-पत्नी मासूम बेटी के साथ औंधे मुंह सड़क पर जा गिरे। सिर में चोट आने से पति सड़क पर ही बेहोश हो गया। पत्नी और मासूम बेटी के भी चोटें आईं।
शहर का स्मार्ट सिटी बनना शहरवासियों को वाकई काफी महंगा पड़ रहा है। कहीं स्मार्ट सिटी के ठेकेदार लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं तो कहीं खुद अफसरों और उनके स्टाफ की गैरजिम्मेदारी लोगों की जान पर भारी पड़ जा रही है। गहरे गड्ढों को खुला छोड़ दिए जाने और सड़कों पर कहीं भी निर्माण सामग्री डाल दिए जाने से शहर में लगातार हादसे हो रहे हैं लेकिन न अफसरों पर कोई असर है न ही जनप्रतिनिधियों पर। शनिवार को फरीदपुर के मोहल्ला साहूकारा के प्रीत अग्रवाल, उनकी पत्नी और मासूम बेटी भी बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए।
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रात करीब दस बजे प्रीत पत्नी और बेटी के साथ स्कूटी पर पटेल चौक की ओर से बरेली कॉलेज की तरफ जा रहे थे। नगर निगम गेट के पास एक ई-रिक्शा को साइड देते हुए उनकी स्कूटी सड़क किनारे पड़े बिजली के खंभों से टकराई और तीनों सड़क पर जा गिरे। लोहे के खंभे से मुंह टकराने से प्रीत लहूलुहान होकर बेहोश हो गए। उनकी पत्नी के माथे पर गंभीर चोट लगी। बेटी भी सड़क की रगड़ लगने से चुटैल हो गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तगड़ी चोट लगने की वजह से दस मिनट तक पति-पत्नी बेटी के साथ सड़क पर ही पड़े रहे। इस बीच वहां भीड़ लग गई और पुलिस भी पहुंच गई। उन्हें अस्पताल भेजने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई मगर इस बीच प्रीत के कुछ परिचित पहुंच गए जो उन तीनों को अपने साथ ले गए।
शहर भर में सड़कों पर फैली है निर्माण सामग्री
नेता लोग शहर के विकास का दम भर रहे हैं। अफसरों को हवा में दावे करने से फुर्सत नहीं है लेकिन शहरवासियों की सहूलियत का ख्याल दोनों में से किसी को नहीं है। निर्माण कार्य बेहद मनमाने ढंग से किए जा रहे हैं। शहर भर में सड़कों पर जगह-जगह निर्माण सामग्री के ढेर लगे हुए हैं। विकास भवन रोड, चौकी चौराहा-पटेल चौक मार्ग, पटेल चौक-बरेली कॉलेज मार्ग, पटेल चौक-चौपुला मार्ग, चौपुला-चौकी चौराहा समेत सिविल लाइंस की सभी सड़कों की यही स्थिति है। हाल ही में विकास भवन रोड पर सड़क पर नाले का मलबा और मिट्टी डाल दी गई थी। लोगों का घरों से निकलना और कॉलेज आना-जाना तक दूभर हो गया था। आए दिन हादसे हो रहे हैं फिर भी जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
स्मार्ट सिटी नहीं हादसों का शहर बना बरेली
1- कमिश्नरी के सामने चौकीदार की मौत
इज्जतनगर के गांव गिरधरपुर में रहने वाले पीडब्ल्यूडी के चौकीदार छेदालाल दिवाली की रात कमिश्नरी के सामने स्थित कार्यालय में ड्यूटी को आए थे। रात में वह पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने खोदे गए गड्ढे में गिर गए और उनकी मौत हो गई। यह मामला सुर्खियों में आया तो स्मार्ट सिटी की ओर से हादसे रोकने के नाम पर पन्नी का टेप लगा दिया गया।
2- इज्जतनगर में 19 वर्षीय प्रिंस की जान गई
अक्तूबर में आईवीआरआई के सामने सड़क चौड़ीकरण को खोदे गए गड्ढे में गिरकर 19 वर्षीय प्रिंस उर्फ तनु की मौत हो गई थी। एक ट्रक को साइड देने के प्रयास में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर इस गड्ढे में चली गई। गिरने से पत्थर उनके सिर में लगा और उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद यहां गड्ढा तो भर दिया गया लेकिन सड़क अब भी नहीं बनी है, जिससे वाहन फिसलने का डर बना हुआ है।
3- सिविल लाइंस में खुदे पड़े गड्ढे में पलटी कार
पिछले महीने नकटिया में रहने वाले इंश्योरेंस कंपनी के कैशियर अनुज की कार सिविल लाइंस में स्मार्ट बनाने के तहत डक्ट बनाने को खोदे गए गड्ढे में पलट गई थी। अनुज वहां पर एक शादी में शामिल होने आए थे और कार पीछे करते समय गड्ढे में पलट गई। इस हादसे के बाद गड्ढे का कुछ हिस्सा बंद कर दिया गया है लेकिन जगह-जगह मलबा अब भी यहीं पर जमा है।