फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Those getting more salary in the new slab will have trouble

नए स्लैब में अधिक सैलरी पाने वालों को होगी परेशानी

Sun, 02 Feb 2020 08:42 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2020 08:42 PM IST
विज्ञापन
Those getting more salary in the new slab will have trouble
तेजी के साथ खुला शेयर बाजार - फोटो : File
बरेली। सरकार ने नए टैक्स स्लैब को लागू करने के साथ ही सभी तरह की छूट जैसे 80सी आदि को समाप्त करने की बात कही है। इन्कम में छूट की कटौती हटने से इनकम ज्यादा दिखेगी जिस पर टैक्स भी ज्यादा लगेगा। 15 लाख तक के आय वालों के
विज्ञापन

लिए तो फिर भी ठीक है, पर इससे ऊपर के आय वाले लोगों की परेशानी बढ़ेगी। बरेली कॉलेज के कामर्स डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर व अर्थशास्त्री डॉ. राजीव मेहरोत्रा के अनुसार, इस नई स्कीम से लोगों को नुकसान होगा। साथ ही बचत योजनाओं को धक्का लगेगा।
विज्ञापन

डॉ. राजीव मेहरोत्रा के अनुसार, अब 15 से 25 लाख आय पर तीन प्रतिशत तक कर लगेगा। वहीं अब तक 80सी और अन्य योजनाओं के तहत टैक्स में छूट पाने को एलआईसी व अन्य बचत स्कीमों में पैसा लगाकर लोग ढाई लाख रुपये तक की छूट ले लेते थे, पर अब यह छूट उन्हें नहीं मिल सकेगी। जैसे यदि कोई 25 लाख रुपये कमाता है तो पुराने स्लैब में योजनाओं के तहत ढाई लाख की छूट के बाद साढ़े 22 लाख पर कुल छह लाख 75 हजार रुपये देने होते थे। नई व्यवस्था के तहत उसे साढ़े सात लाख रुपये देने होंगे। वहीं छूट को बंद करने से लोग एलआईसी, हेल्थ इंश्योरेंस आदि स्कीमोें में निवेश करना कम कर देंगे, जिससे बचत योजनाएं प्रभावित होंगी और सरकार के पास विकास के लिए रुपया भी कम आएगा, जो कहीं न कहीं विकास कार्यों को प्रभावित करेगा। डॉ. राजीव के अनुसार ऐसी स्थिति में लोग नए टैक्स स्लैब की जगह पुराने टैक्स स्लैब को ही अपनाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


डिविडेंट पर टैक्स लगाने से ही गिरा शेयर मार्केट
अब तक शेयरों पर हर वर्ष मिलने वाला डिविडेंट सरकार की ओर से टैक्स फ्री होता था। पर अब सरकार ने इस पर टैक्स लगाने का फैसला कर लिया है। इससे शेयर धारकों को काफी धक्का लगा है। यही वजह थी कि शनिवार को शेयर मार्केट करीब एक हजार अंक का गोता खा गया। सरकार की इन नीतियों से शेयर मार्केट के माध्यम से व्यापार जगत को मिलने वाला निवेश भी प्रभावित होगा। इससे मार्केट से पैसा उठाकर औद्योगिक इकाईयां लगाने और रोजगार सृजन की प्रवृत्ति भी प्रभावित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed