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Bareilly News: बजट के लिए रामगंगा बैराज परियोजना पर होगा तकनीकी मंथन
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बरेली। केंद्रीय जल आयोग में 1554.50 करोड़ रुपये के लिए लंबित रामगंगा सिंचाई परियोजना पर अब तकनीकी सलाहकार समिति मंथन करेगी।
परियोजना की फाइल सात महीने पहले आयोग को भेजी गई थी। तब से इसकी लागत और उपयोगिता पर मंथन हो रहा है। अगर समिति ने अनुमोदन कर दिया तो बजट के लिए इसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल किया जाएगा।
वहां से आवंटन हुआ तो ठीक, अन्यथा राज्य सरकार बजट देगी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार लांबा का कहना है कि वह केंद्रीय जल आयोग से संपर्क बनाए हुए हैं। स्वीकृति मिलते ही काम आगे बढ़ेगा। बजट मिलता तो बदायूं और बरेली के एक लाख किसानों की 37,453 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी।
यह है परियोजना : वर्ष 2013-14 में इसकी शुरुआत हुई थी। पांच साल काम चला और 630.04 करोड़ रुपये खर्च हो गए। भू-अधिग्रहण की लागत बढ़ी तो बजट कम पड़ गया।
पुनरीक्षित एस्टीमेट पर आवंटन नहीं हुआ। नतीजा, वर्ष 2019 से काम ठप है। अब निर्माण पूरा करने के लिए चाहिए 1554.50 करोड़ रुपये चाहिए। ब्यूरो
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परियोजना की फाइल सात महीने पहले आयोग को भेजी गई थी। तब से इसकी लागत और उपयोगिता पर मंथन हो रहा है। अगर समिति ने अनुमोदन कर दिया तो बजट के लिए इसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल किया जाएगा।
वहां से आवंटन हुआ तो ठीक, अन्यथा राज्य सरकार बजट देगी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार लांबा का कहना है कि वह केंद्रीय जल आयोग से संपर्क बनाए हुए हैं। स्वीकृति मिलते ही काम आगे बढ़ेगा। बजट मिलता तो बदायूं और बरेली के एक लाख किसानों की 37,453 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी।
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यह है परियोजना : वर्ष 2013-14 में इसकी शुरुआत हुई थी। पांच साल काम चला और 630.04 करोड़ रुपये खर्च हो गए। भू-अधिग्रहण की लागत बढ़ी तो बजट कम पड़ गया।
पुनरीक्षित एस्टीमेट पर आवंटन नहीं हुआ। नतीजा, वर्ष 2019 से काम ठप है। अब निर्माण पूरा करने के लिए चाहिए 1554.50 करोड़ रुपये चाहिए। ब्यूरो