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Bareilly News: सपा पार्षद राजेश और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के बीच नोकझोंक

Tue, 25 Mar 2025 02:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 25 Mar 2025 02:17 AM IST
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There was a tussle between SP councilor Rajesh and the chief tax assessment officer
बरेली। स्वकर निर्धारण का आवेदन और आपत्ति जमा न होने पर नगर निगम पहुंचे सपा पार्षद राजेश अग्रवाल की मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से नोकझोंक हो गई। पार्षद ने सीटीओ व कर विभाग पर कई आरोप भी लगाए। उनके बीच हुई गर्मागर्म बहस का आडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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सोमवार को गांधी उद्यान के पार्षद राजेश अग्रवाल कुछ लोगों के हाउस टैक्स का बिल सही करवाने नगर निगम पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले कर निर्धारण अधिकारी राजवीर सिंह से मुलाकात की। पार्षद ने कहा कि विभाग आपत्तियां नहीं ले रहा है, यह गलत है। इसके बाद बात नहीं बनी तो वह सीधा मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्रा से मिलने पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने जनता से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी दी तो सीटीओ ने स्वकर आवेदन और आपत्तियां लेने से मना कर दिया। इसको लेकर दोनों में नोकझोंक हुई। सीटीओ का कहना है कि 20 मार्च तक फार्म जमा किए गए हैं, जिनका निस्तारण भी हो गया है।
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न्यायालय की शरण लेने की बात पर हुआ विवाद
पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि बिल गड़बड़ हैं और अभी तक आईडी तक पूर्ण रूप से विभाग मैच नहीं कर सका है तो आपत्तियां क्यों नहीं ली जा रही हैं? इस पर सीटीओ ने कहा कि अब किसी भी हाल में आपत्ति नहीं ली जाएगी। नौ माह का समय दिया गया था। अब जो बिल निर्धारित कर दिया है, वहीं जमा होगा। अगर किसी को आपत्ति है तो वह न्यायालय जाए। इसके बाद ही पार्षद और सीटीओ के बीच बहस हुई। पार्षद ने कहा कि शहर के लोगों ने 50 करोड़ रुपए से अधिक का टैक्स नौ माह में दे दिया है। लोग टैक्स जमा करना चाहते हैं लेकिन गलत बिल से परेशान हैं। पांच हजार के लिए कोई न्यायालय क्यों जाएगा?
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न्यायालय की शरण लेना नियमों में शामिल
सीटीओ प्रदीप मिश्रा ने कहा कि 20 मार्च तक आपत्तियां लेना था। अब समय पूरा हो गया है। इसमें अगर किसी को आपत्ति है तो वह न्यायालय की शरण ले। यह नियम हैं, लेकिन पार्षद नहीं मान रहे हैं। आगे जो भी महापौर और उच्चाधिकारियों के निर्देश होंगा, उसका पालन किया जाएगा। संवाद
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