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फिर पब्लिक का सब्र टूटा तो इतिहास दोहराया जाएगा

Mon, 15 Jan 2018 01:44 AM IST
बरेली
बरेली Updated Mon, 15 Jan 2018 01:44 AM IST
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Then the history of the public will be broken and the history will be repeated '
bridge
बनने के बाद भी उद्घाटन का इंतजार कर रहा श्यामगंज फ्लाईओवर शहर का पांचवां ब्रिज है। इससे पहले शहर में बने चार पुलों का भी विवादों के बीच उद्घाटन नहीं हो सका था। बनने के बाद भी जब ये पुल शुरू नहीं कराए गए तो गुस्साई पब्लिक ने उद्घाटन की रस्मअदायगी का इंतजार छोड़कर इन पुलों पर फर्राटा भरना शुरू कर दिया। ऐसे ही हालात अब शहर की लाइफ लाइन माने जा रहे श्यामगंज फ्लाईओवर के साथ बन रहे हैं। एक जनवरी को तैयार हो चुके इस पुल का उद्घाटन कब होगा, यह अब तक तय नहीं हो पाया है।
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श्यामगंज फ्लाईओवर शुरू कराने और क्रेडिट लेने की दौड़ इस बीच जरूर चल रही है। इसमें प्रशासन भी मूक दर्शक बना हुआ है। सेतु निगम ने अभी तक फ्लाईओवर के लिए एनओसी जारी नहीं की है, लिहाजा अभी पुल पर फर्राटा नहीं भरा जा सकता। इस प्रोजेक्ट के निर्माण लक्ष्य तो मार्च 2018 है, लेकिन सेतु निगम के इंजीनियरों ने इसे रिकार्ड समय में बनाकर तीन माह पहले तैयार कर दिया है। नतीजा यह हुआ कि पुल का क्रेडिट लेने की भी होड़ शुरू हो गई। पहले मेयर उमेश गौतम ने इसके उद्घाटन के बारे में प्रेस में बयान दिया, उसके बाद प्रशासन ने भी एक जनवरी से हल्के वाहनों के लिए पुल शुरू कराने की घोषणा कर दी। उधर, सेतु निगम के अफसर पुल पर व्यूकटर लगाना भूल गए। नवंबर में इसके लिए बजट मांगा। पुल के दोनों ओर रोटरी भी नहीं बनी, न पुल पर संकेतक आदि लग पाए। इस बीच पुल पर राजनीति हावी होती गई। 
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उधर, वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण कराना चाहते हैं, लेकिन अभी तक सीएम का कार्यक्रम ही तय नहीं हो पाया है। बता दें कि वित्त मंत्री अपनी विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन इस पुल को लेकर सूबे में नई सरकार बनते ही सक्रिय हो गए थे। उन्होंने न सिर्फ पुल का लंबित बजट जारी कराया बल्कि प्रोजेक्ट मैनेजर का तबादला होने पर जब पुल का निर्माण बाधित हुआ तो उनका ट्रांसफर भी उन्होंने रद्द कराया। इसी के बाद पुल निर्माण कार्य में तेजी आई। अब शहर की लाइफ लाइन को लेकर पब्लिक बेचैन है मगर उसके उद्घाटन की तारीख पक्की नहीं हो पा रही है।
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बिना उद्घाटन के शुरू हो गए थे ये पुल

किला ओवरब्रिज: फोटो
किला ओवरब्रिज प्रोजेक्ट तत्कालीन राज्यमंत्री सत्यप्रकाश अग्रवाल ने तैयार कराया था। कांग्रेस शासन आने पर यह पुल 1980 में बनना शुरू हुआ और दो वर्ष में तैयार हो गया। इसके बाद उद्घाटन को लेकर विवाद होने लगे। कुछ माह बाद पुल पर पब्लिक ने खुद ही फर्राटा भरना शुरू कर दिया। सेतु निगम अफसरों ने पुल पर प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था नहीं कराई थी। इससे कुछ समय तक दुर्घटनाएं होती रहीं। कुछ वर्ष पहले ही प्रशासन ने लोगों को मांझे से बचाने के लिए पुल पर वैरिकेडिंग कराई। करीब 35 वर्ष पुराना यह पुल बिना उद्घाटन के ही अपनी उम्र पूरी कर चुका है।

चौपुला ब्रिज: फोटो
करीब 25 वर्ष बाद शहर में दूसरा पुल चौपुला पर बनना शुरू हुआ। इसकी पहल केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कर प्रोजेक्ट बनवाया था। सपा सरकार आई और पहली बार मेयर बने डॉ. आईएस तोमर ने डिजाइन में कुछ रद्दोबदल करा दी, लेकिन वाईशेप पर जोर नहीं दिया। जब पुल तैयार हुआ तो उद्घाटन की होड़ मची, लेकिन उद्घाटन से पहले ही ही उस पर पब्लिक दौड़ने लगी। अब इस पुल को नए डिजाइन में बनाने की कवायद वित्तमंत्री कर रहे हैं।

कुदेशिया ब्रिज: फोटो
भाजपा नेताओं के अलावा सपा सरकार में तत्कालीन मेयर डॉ. आईएस तोमर कुदेशिया फाटक पर ब्रिज बनवाने के लिए सक्रिय हुए। इसका फायदा उन्हें दूसरी पारी में मिला। डॉ. तोमर तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव से इसकी शुरूआत करने के लिए भागदौड़ करते रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इस पर लखनऊ से पत्थर मंगाया गया। पुल पर सुरक्षा मानक आज भी पूरे नहीं किए गए हैं, दो बड़ी दुर्घटनाओं में लोगों की जानें भी जा चुकी हैं। पब्लिक ने बिना उद्घाटन इस पुल पर भी फर्राटा भरना शुरू कर दिया था।

चौधरी तालाब ब्रिज: फोटो
करीब पांच साल पहले तैयार हुआ चौधरी तालाब ब्रिज में सुरक्षा मानकों के साथ गुणवत्ता की भी अनदेखी हुई। संकेत और प्रकाश व्यवस्था बगैर शुरू हुए पुल पर आज भी घटिया सामग्री का नमूना देखा जा सकता है। पुल पर कुछ दिनों में जगह-जगह सरिया बाहर आ रही हैं, इसे बार बार रिपेयर कर खामियां छिपाने की कोशिश होती है। तत्कालीन सांसद प्रवीण सिंह ऐरन इस प्रोजेक्ट में तेजी लाने के लिए कई बार रेलवे अफसरों का कसा था। 

जिम्मेदार बोले:
सेतु निगम ने श्यामगंज पुल शुरू करने की अभी एनओसी जारी नहीं की है, इसलिए उस पर चलना अनुचित है। रविवार दोपहर पुल पर हुए घटनाक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। अगर तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पुल पर बिना अनुमति कार्यक्रम करने वाले दौड़ा दिए थे।
- राजेश यादव, प्रभारी, कोतवाली बारादरी
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पुल पर हुए उत्पात की हमें कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई होगी। पुल पर काम हो रहा है। उद्घाटन कब होगा, यह प्रशासन के हाथ में नहीं है, कार्यक्रम वित्तमंत्री तय कर रहे हैं, सीएम आएंगे तभी पुल चालू होगा।

- ओपी वर्मा, प्रभारी डीएम
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फोटो:: राजेश अग्रवाल
विरोधी दल छोटी मानसिकता से काम कर रहे हैं। पुल तो तैयार है, लेकिन अभी दोनों दिशाओं में रोटरी बननी है और साइड रोड लेन भी नहीं है। एप्रोच रोड भी चौड़ा होना है, इसके बगैर यातायात अस्तव्यस्त रहेगा। पुल पर दोनों ओर घरों की सुरक्षा के लिए व्यूकटर भी लगना है। जनहित में आधी-अधूरी सुविधाओं के बीच पुल शुरू कराना अव्यवहारिक और असुरक्षित रहेगा। -राजेश अग्रवाल, वित्त मंत्री
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