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‘मां बाप का बूढ़ा होना क्या अपराध है’
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बरेली। इक्कीसवीं सदी के समाज में हर शख्स तरक्की और पैसे के पीछे भाग रहा है। मां बाप और बुजुर्ग पीछे छूटते जा रहे हैं। मानों इस दौर में बूढ़ा होना अपराध बन गया हो। कुछ ऐसा ही बोध कराता है नाटक ‘बूढे ने कहा’।
यह नाटक विंडरमेयर में चल रहे मनी थिएटर फेस्ट के दूसरे दिन रंग विशारद दिल्ली के बैनर तले मंचित किया गया। इसमें यह दर्शाया गया है कि बदलते समाज में तरक्की की बुलंदियों को छूने की होड़ में आज नौजवान समाज पढ़ा लिखा और समझदार होने के बावजूद सारे रिश्ते नाते तरक्की के पैमाने पर आंकता है। खास कर जब मां बाप जो बूढ़े हो जाते हैं, उनकी जरूरत के समय उन्हें बोझ समझा जाने लगता है। उन्हें अपमान सहना पड़ता है। इससे तंग आकर बूढ़े मां बाप आत्महत्या करने की ठान लेते हैं और मरने के लिए चल देते हैं ।
यहीं पर नाटक सवाल उठता है कि जिस पेड़ की वो जड़ हैं, उस पेड़ को सूखने के लिए वे कैसे छोड़ कर जा सकते है? ऐसे हालात में अपने बच्चों के लिए जीवन भर सब कुछ समर्पित करने वाले मां बाप को क्या आने वाले समय में खुशियां मिल पाएंगी? ऐसे सामाजिक मुद्दों को उठाता यह नाटक वीना शर्मा के निर्देशन में एक सफल प्रस्तुति रही। अंत में डा. ब्रजेश्वर सिंह ने आभार व्यक्त किया। डा. गरिमा सिंह के अनुसार सोमवार को ‘बड़े भाई साहब’ नाटक का मंचन शाम 7 बजे से किया जाएगा।
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यह नाटक विंडरमेयर में चल रहे मनी थिएटर फेस्ट के दूसरे दिन रंग विशारद दिल्ली के बैनर तले मंचित किया गया। इसमें यह दर्शाया गया है कि बदलते समाज में तरक्की की बुलंदियों को छूने की होड़ में आज नौजवान समाज पढ़ा लिखा और समझदार होने के बावजूद सारे रिश्ते नाते तरक्की के पैमाने पर आंकता है। खास कर जब मां बाप जो बूढ़े हो जाते हैं, उनकी जरूरत के समय उन्हें बोझ समझा जाने लगता है। उन्हें अपमान सहना पड़ता है। इससे तंग आकर बूढ़े मां बाप आत्महत्या करने की ठान लेते हैं और मरने के लिए चल देते हैं ।
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यहीं पर नाटक सवाल उठता है कि जिस पेड़ की वो जड़ हैं, उस पेड़ को सूखने के लिए वे कैसे छोड़ कर जा सकते है? ऐसे हालात में अपने बच्चों के लिए जीवन भर सब कुछ समर्पित करने वाले मां बाप को क्या आने वाले समय में खुशियां मिल पाएंगी? ऐसे सामाजिक मुद्दों को उठाता यह नाटक वीना शर्मा के निर्देशन में एक सफल प्रस्तुति रही। अंत में डा. ब्रजेश्वर सिंह ने आभार व्यक्त किया। डा. गरिमा सिंह के अनुसार सोमवार को ‘बड़े भाई साहब’ नाटक का मंचन शाम 7 बजे से किया जाएगा।
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