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बरेली कॉलेज भी पहुंच गया जेएनयू का वायरस

Wed, 17 Feb 2016 01:26 AM IST
बरेली
बरेली Updated Wed, 17 Feb 2016 01:26 AM IST
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The virus also reached college Kbreli JNU
बरेली कॉलेज में भी जेएनयू का वायरस पहुंच गया। उर्दू विभाग के अदबी मुकाबले के दौरान मंच के एक कोने पर रखी सरस्वती की प्रतिमा ढके होने की सूचना पर विद्यार्थी परिषद के छात्र कालेज सभागार में पहुंच गए। प्रतिभागियों के हाथों से कागज लेकर बिखेरने के बाद बरेली कालेज को जेएनयू नहीं बनने देंगे की नारेबाजी करने लगे। माहौल बिगड़ता देख कर विभाग प्रभारी डॉ. नूर-उल हक छात्रों का मनाने लगे। उन्होंने कपड़ा हटा कर मूर्ति साफ करने के बाद दीप जलाया तब जाकर कुछ शांति हुई। विद्यार्थी परिषद इसे देवी सरस्वती का अपमान बता रही है। परिषद की ओर से उर्दू विभागाध्यक्ष के खिलाफ बारादरी थाने में तहरीर भी दी गई है।
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बरेली कॉलेज के सभागार के मंच पर सरस्वती का मंदिर तो नहीं है लेकिन कार्यक्रमों की शुुरुआत में दीप प्रज्ज्वलन की रस्म के लिए सरस्वती की प्रतिमा रखी रहती है। मंगलवार को उर्दू विभाग की ओर से अदबी मुकाबले होने थे। इससे पहले किसी ने किनारे पर रखी सरस्वती प्रतिमा एक सफेद कपड़े से ढक दी थी। माना जा रहा है कि ज्यादातर प्रतिभागी मुस्लिम थे और इस्लाम में मूर्ति पूजा नहीं होती शायद इसलिए ऐसा किया गया हो। हालांकि अभी यह भी तय नहीं कि प्रतिमा किसने ढकी। विभागाध्यक्ष कह रहे हैं हो सकता है सफाई करते समय किसी कर्मचारी ने ढकी हो। खबर मिलते ही विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। तुरंत उन्होंने ढकी प्रतिमा की तस्वीर ली। किसी तरह से उर्दू विभाग की शिक्षक डॉ. शैव्या त्रिपाठी ने उन्हें समझाया और तुरंत प्रतिमा को खोलकर साफ-सफाई कराई। इसके बाद विभाग प्रभारी डॉ. नूर-उल हक ने दीप प्रज्जवलन किया। छात्राओं ने उसी समय पर सरस्वती वंदना भी प्रस्तुत की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्जवलन से ही होती है, उर्दू विभाग के कार्यक्रम में सरस्वती का अपमान कर चादर से ढक दिया गया। विद्यार्थी परिषद ने वहां पर उर्दू लिखने पर भी आपत्ति की। उन्होंने कहा कि हिंदी में लिखे बरेली कॉलेज को ढककर उर्दू में क्यों लिखा गया? दीप प्रज्जवलन होने के बाद ही कार्यकर्ता शांत हुए।  इसके बाद ‘जेएनयू नहीं बनने देंगे’ की नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा के पास पहुंच गए। उन्होंने विभाग प्रभारी डॉ. नूर-उल हक पर एफआईआर दर्ज कराने और बाकी  शिक्षकों को नोटिस देने की मांग की। उनकी मांग के बाद प्राचार्य ने विभाग प्रभारी को नोटिस भेजकर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने बारादरी थाने में भी डॉ. नूर-उल हक के खिलाफ तहरीर भी दी।
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मुझे नहीं पता प्रतिमा को किसने ढका। हो सकता है कि कर्मचारियों ने साफ-सफाई के दौरान ढक दिया हो। कार्यक्रम के लिए प्राचार्य के आने का इंतजार हो रहा है। उनके आने के बाद ही विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत होती और वही सरस्वती की प्रतिमा के सामने माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलन भी करते। उनके आने से पहले छात्र अपनी प्रस्तुतियां दे रहे थे। इसी बीच छात्र पहुंच गए और आपत्ति करने लगे तो तुरंत डॉ. शैव्या ने माल्यार्पण किया और मैंने दीप प्रज्जवलन कर दिया।
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- डॉ. नूर-उल हक, विभाग प्रभारी, उर्दू विभाग
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विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की मांग पर उर्दू विभाग के प्रभारी डॉ. नूर-उल हक को पत्र देकर पूरे कार्यक्रम की रिपोर्ट मांग गई है।
- डॉ. अजय शर्मा, कार्यवाहक प्राचार्य, बरेली कॉलेज  
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