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बुखार का हल्ला मचा तो तिलियापुर पहुंची टीम

Fri, 30 Oct 2020 01:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2020 01:21 AM IST
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The team reached Tilliyapur after fever broke out
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : demo photo

सवा सौ मरीजों की टीम ने की जांच, 12 वायरल बुखार से ग्रसित
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सभी बुखार पीड़ितों की डेंगू-मलेरिया की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई

बरेली/सीबीगंज। तिलियापुर गांव में संदिग्ध बुखार के प्रकोप से दर्जनों लोगों के बीमार होने के हल्ला मचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गुरुवार को वहां डेरा डाल दिया। देर शाम तक करीब सवा सौ लोगों की जांच हुई। 12 लोगों को हल्का बुखार मिलने पर उनकी मलेरिया और डेंगू की तत्काल जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव रही। टीम ने वायरल बुखार का आशंका जताते हुए दवाएं दी हैं।
सीबीगंज के गांव तिलियापुर में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम संदिग्ध बुखार से ग्रसित लोगों की जांच करने पहुंची थी। करीब सवा सौ लोगों की काउंसलिंग की गई, जिसमें गांव की 45 वर्षीय मुन्नी को दो दिन से और 40 वर्षीय बानो तीन दिन से बुखार से पीड़ित मिलीं। इसके अलावा करीब दस अन्य बुखार से पीड़ित मिले। सभी की मलेरिया और डेंगू की जांच की गई मगर रिपोर्ट निगेटिव आई। जांच करने गई टीम ने वायरल बुखार की आशंका जताई। टीम ने तमाम घरों पर जाकर भी लोगों से पूछताछ की। टीम ने बुखार पीड़ित मिले कुछ लोगों की कोरोना जांच के लिए संबंधित सीएचसी को कहा है।
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बीते साल मिले थे मलेरिया और डेंगू मरीज

जिला मलेरिया अधिकारी डीआर सिंह के मुताबिक, तिलियापुर में बीते साल मलेरिया और डेंगू के मरीज मिले थे। उन्होंने आशंका जताई कि बीते साल मिले मामलों के चलते इस बार भी लोगों में मलेरिया और डेंगू से पीड़ित होने की आशंका के चलते खलबली मची होगी। हालांकि, जांच में रिपोर्ट निगेटिव मिली है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में साफ सफाई का अभाव है और गंदगी है। जिसके चलते भी उन्होंने बीमारी होने की आशंका जताई है।
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झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं ग्रामीण

टीम के मुताबिक, काउंसलिंग में ज्यादातर ने स्थानीय झोलाछाप से जांच कराने की बात कही है। उन्हें बुखार या अन्य किसी बीमारी से ग्रसित होने पर जिला अस्पताल या फ्लू कॉर्नर पर पहुंचकर जांच कराने का सुझाव दिय गया है। ग्रामीणों के मुताबिक बीते दिनों बुखार से पीड़ित मिले लोगों ने झोलाछाप से दवा ली थी। हालत बिगड़ी तो वह शहर के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुए।
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