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Bareilly News: सितंबर में होने वाले सीबीएसई नेशनल के लिए जिले के तैराकों ने किया क्वालिफाई
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बरेली। 10 से 14 अगस्त तक रानीपुर, हरिद्वार में हुई सीबीएसई क्लस्टर तैराकी प्रतियोगिता में जिले के तैराकों ने शानदार प्रदर्शन किया। इसमें अभिजीत गंगवार, कार्तिकेय मिश्रा, मनित मित्तल और हर्षित जोशी ने 4x100 मीटर मेडले रिले और 4x100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर सितंबर में होने वाले सीबीएसई नेशनल प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया। खिलाड़ियों ने यह साबित किया कि अगर जज्बा और लगन हो तो पढ़ाई और खेल दोनों के बीच संतुलन बनाते हुए किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
सीनियर्स को पदक जीतता देख शुरू हुआ अभिजीत का सफर
कुर्मांचल नगर निवासी अभिजीत गंगवार ने स्कूल में अपने सीनियर्स को पदक जीतते देखा, तो वहीं से उनका रुझान इस खेल में आया। उन्होंने नियमित रूप से अभ्यास करना शुरू कर दिया और प्रतिदिन तीन से चार घंटे तैराकी का प्रशिक्षण लेने लगे। टीम स्पर्धा में पदक जीतने के साथ-साथ उन्होंने 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में भी कांस्य पदक अपने नाम किया।
हर्षित जोशी ने वर्ष 2022 से अपनाई पेशेवर तैराकी
कुर्मांचल नगर में रहने वाले 16 वर्षीय हर्षित जोशी बताते हैं कि वर्ष 2022 से उन्होंने पेशेवर तरीके से तैराकी करना शुरू किया। स्कूल में साथी खिलाड़ियों को देखकर उनका रुझान खेल की ओर बढ़ा और उन्होंने मेहनत करना शुरू कर दिया। वह वर्ष 2022 में झांसी में हुए सीबीएसई जोनल में टीम इवेंट में रजत पदक जीत चुके हैं। उनका कहना है कि इस बार वे स्वर्ण जीतकर नेशनल में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं।
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कोच की पहचान से निखरी कार्तिकेय की प्रतिभा
मॉडर्न नर्सरी कॉलोनी निवासी कार्तिकेय मिश्रा का सफर भी प्रेरणादायक रहा है। स्कूल में तैराकी के दौरान कोच ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्तिकेय ने कोच की सलाह को गंभीरता से लिया और अब वे हर दिन पांच घंटे अभ्यास करते हैं। वे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं।वर्ष 2024 में उड़ीसा में हुए सीबीएसई नेशनल में उन्होंने चौथा स्थान प्राप्त किया था।
कैंप से शुरू हुआ मनित का सफर
मिनी बाइपास निवासी मनित मित्तल बताते हैं कि उनका खेल की ओर झुकाव स्कूल में लगे कैंप से शुरू हुआ। कोच और साथियों के प्रोत्साहन ने उन्हें प्रेरित किया और उन्होंने तैराकी को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया। अब वे प्रतिदिन अभ्यास करते हैं। उनका कहना है कि वे आने वाले नेशनल में पूरी लगन से प्रदर्शन करेंगे और पदक जीतकर जिले का नाम रोशन करेंगे। संवाद
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सीनियर्स को पदक जीतता देख शुरू हुआ अभिजीत का सफर
कुर्मांचल नगर निवासी अभिजीत गंगवार ने स्कूल में अपने सीनियर्स को पदक जीतते देखा, तो वहीं से उनका रुझान इस खेल में आया। उन्होंने नियमित रूप से अभ्यास करना शुरू कर दिया और प्रतिदिन तीन से चार घंटे तैराकी का प्रशिक्षण लेने लगे। टीम स्पर्धा में पदक जीतने के साथ-साथ उन्होंने 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में भी कांस्य पदक अपने नाम किया।
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हर्षित जोशी ने वर्ष 2022 से अपनाई पेशेवर तैराकी
कुर्मांचल नगर में रहने वाले 16 वर्षीय हर्षित जोशी बताते हैं कि वर्ष 2022 से उन्होंने पेशेवर तरीके से तैराकी करना शुरू किया। स्कूल में साथी खिलाड़ियों को देखकर उनका रुझान खेल की ओर बढ़ा और उन्होंने मेहनत करना शुरू कर दिया। वह वर्ष 2022 में झांसी में हुए सीबीएसई जोनल में टीम इवेंट में रजत पदक जीत चुके हैं। उनका कहना है कि इस बार वे स्वर्ण जीतकर नेशनल में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं।
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कोच की पहचान से निखरी कार्तिकेय की प्रतिभा
मॉडर्न नर्सरी कॉलोनी निवासी कार्तिकेय मिश्रा का सफर भी प्रेरणादायक रहा है। स्कूल में तैराकी के दौरान कोच ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्तिकेय ने कोच की सलाह को गंभीरता से लिया और अब वे हर दिन पांच घंटे अभ्यास करते हैं। वे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं।वर्ष 2024 में उड़ीसा में हुए सीबीएसई नेशनल में उन्होंने चौथा स्थान प्राप्त किया था।
कैंप से शुरू हुआ मनित का सफर
मिनी बाइपास निवासी मनित मित्तल बताते हैं कि उनका खेल की ओर झुकाव स्कूल में लगे कैंप से शुरू हुआ। कोच और साथियों के प्रोत्साहन ने उन्हें प्रेरित किया और उन्होंने तैराकी को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया। अब वे प्रतिदिन अभ्यास करते हैं। उनका कहना है कि वे आने वाले नेशनल में पूरी लगन से प्रदर्शन करेंगे और पदक जीतकर जिले का नाम रोशन करेंगे। संवाद