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सरहद के सिपाही को मिला इंसाफः मकान का ताला तोड़कर सीआरपीएफ हवलदार को दिलाया गया कब्जा
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सैनिक के परिवार को कब्जा दिलाते प्रशासनिक अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
कब्जे के आरोपी और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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एसडीएम ने मौके पर जाकर की जांच मकान हवलदार का ही पाया
बरेली। सरहद पर तैनात सीआरपीएफ के हवलदार को आखिर इंसाफ मिल ही गया। एसडीएम सदर बुधवार को रजत विहार स्थित संबंधित मकान पर पहुंचे और कागजातों की जांच पड़ताल की। उन्होंने कागजात सही पाए जाने पर थाना इज्जतनगर पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और हवलदार को मकान में कब्जा दिलाने के निर्देश दिए। पुलिस ने मुख्य आरोपी दबंग सहित 21 लोगों के खिलाफ कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर दोपहर बाद मकान के ताले तुड़वाकर हवलदार को कब्जा दिला दिया।
रजत विहार कॉलोनी निवासी सुरेंद्र पाल सीआरपीएफ में हवलदार पद पर कश्मीर में तैनात हैं, वह इन दिनों छुट्टी लेकर घर आए हुए हैं। सोमवार को उन्होंने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर डीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि रजत विहार स्थित उसकेघर के निकट मां ने वर्ष 2005 में एक प्लॉट लेकर नया मकान बनवाया था। मां के निधन के बाद उनका परिवार इसी मकान में रहने लगा। मगर 13 जनवरी को मोहल्ले के राजीव सक्सेना करीब 20 लोगों के साथ घर में घुस आया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए परिजनों को पीटने के बाद उन्हें मकान से निकालकर कब्जा कर लिया। फिर गेट पर अपने ताले लगा दिए।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने इसकी जांच एसडीएम को सौंपी। एसडीएम ने मामले की जांच लेखपाल से करवाई तो कागजों के हिसाब से मकान हवलदार सुरेंद्र पाल का ही पाया गया। बुधवार को एसडीएम खुद भी मौके पर जाकर जांच पड़ताल की, उन्होंने आसपास के लोगों से भी जानकारी ली। एसडीएम ने आरोपी पक्ष से मकान के कागजात देखने को मांगे तो वह कागज नहीं दिखा सका। इधर, इस मामले में सीओ तृतीय श्वेता यादव ने भी मामले की जांच पड़ताल की। सीओ के निर्देश पर थाना पुलिस ने आरोपी राजीव सक्सेना और 20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, एससीएसटी एक्ट सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दोपहर करीब 12:30 बजे थाना पुलिस की मौजूदगी में हवलदार ने गेट पर लगे ताले तोड़कर मकान पर कब्जा ले लिया। हवलदार सुरेंद्र ने बताया कि दोपहर में पुलिस की मौजूदगी में मकान के गेट पर लगे ताले तोड़कर मकान में कब्जा ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मकान में कुछ दरवाजे और सामान आरोपियों ने जला दिया है। वह इसकी शिकायत पुलिस से करेंगे।
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मैंने बुधवार को खुद मौके पर जांच की तो पता चला कि हवलदार की मां ने ही प्लॉट लेकर मकान बनवाया था और उनका परिवार करीब 16 साल से वहां रह रहा है। आरोपी पक्ष मकान के कागज नहीं दिखा सका, जबकि हवलदार ने अपने मकान के कागजात दिखाए, जो सही मिले। -विशु राजा, एसडीएम सदर
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एसडीएम ने मौके पर जाकर की जांच मकान हवलदार का ही पाया बरेली। सरहद पर तैनात सीआरपीएफ के हवलदार को आखिर इंसाफ मिल ही गया। एसडीएम सदर बुधवार को रजत विहार स्थित संबंधित मकान पर पहुंचे और कागजातों की जांच पड़ताल की। उन्होंने कागजात सही पाए जाने पर थाना इज्जतनगर पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और हवलदार को मकान में कब्जा दिलाने के निर्देश दिए। पुलिस ने मुख्य आरोपी दबंग सहित 21 लोगों के खिलाफ कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर दोपहर बाद मकान के ताले तुड़वाकर हवलदार को कब्जा दिला दिया।
रजत विहार कॉलोनी निवासी सुरेंद्र पाल सीआरपीएफ में हवलदार पद पर कश्मीर में तैनात हैं, वह इन दिनों छुट्टी लेकर घर आए हुए हैं। सोमवार को उन्होंने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर डीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि रजत विहार स्थित उसकेघर के निकट मां ने वर्ष 2005 में एक प्लॉट लेकर नया मकान बनवाया था। मां के निधन के बाद उनका परिवार इसी मकान में रहने लगा। मगर 13 जनवरी को मोहल्ले के राजीव सक्सेना करीब 20 लोगों के साथ घर में घुस आया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए परिजनों को पीटने के बाद उन्हें मकान से निकालकर कब्जा कर लिया। फिर गेट पर अपने ताले लगा दिए।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने इसकी जांच एसडीएम को सौंपी। एसडीएम ने मामले की जांच लेखपाल से करवाई तो कागजों के हिसाब से मकान हवलदार सुरेंद्र पाल का ही पाया गया। बुधवार को एसडीएम खुद भी मौके पर जाकर जांच पड़ताल की, उन्होंने आसपास के लोगों से भी जानकारी ली। एसडीएम ने आरोपी पक्ष से मकान के कागजात देखने को मांगे तो वह कागज नहीं दिखा सका। इधर, इस मामले में सीओ तृतीय श्वेता यादव ने भी मामले की जांच पड़ताल की। सीओ के निर्देश पर थाना पुलिस ने आरोपी राजीव सक्सेना और 20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, एससीएसटी एक्ट सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दोपहर करीब 12:30 बजे थाना पुलिस की मौजूदगी में हवलदार ने गेट पर लगे ताले तोड़कर मकान पर कब्जा ले लिया। हवलदार सुरेंद्र ने बताया कि दोपहर में पुलिस की मौजूदगी में मकान के गेट पर लगे ताले तोड़कर मकान में कब्जा ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मकान में कुछ दरवाजे और सामान आरोपियों ने जला दिया है। वह इसकी शिकायत पुलिस से करेंगे।
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मैंने बुधवार को खुद मौके पर जांच की तो पता चला कि हवलदार की मां ने ही प्लॉट लेकर मकान बनवाया था और उनका परिवार करीब 16 साल से वहां रह रहा है। आरोपी पक्ष मकान के कागज नहीं दिखा सका, जबकि हवलदार ने अपने मकान के कागजात दिखाए, जो सही मिले। -विशु राजा, एसडीएम सदर