{"_id":"6047ce968ebc3e5921586d51","slug":"the-sick-is-the-one-who-shows-the-prescription-bareilly-news-bly439935416","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीमार वही जो दवा का पर्चा दिखाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीमार वही जो दवा का पर्चा दिखाए
सार
डॉक्टर का सर्टिफिकेट अब मान्य नहीं, दवा दुकानदारों की मदद से चिन्हित होंगे टीकाकरण के पात्र
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : demo photo
विस्तार
45 से 59 साल के बीमारों की पहचान के लिए अब नए नियम
विज्ञापन
दवा दुकानदारों के पास उपलब्ध होगा प्रारूप, 20 बीमारी चिन्हित
बरेली। कोविड-19 टीकाकरण के लिए 45 से 59 साल तक उम्र के बीमार लोगों को चिन्हित करने के लिए अब दवा दुकानदारों का सहयोग लिया जाएगा। शासन के निर्देश पर निर्धारित प्रारूप दवा दुकानदारों को मुहैया कराया जाएगा जो दवा लेने आए लोगों को चिन्हित कर उन्हें प्रारूप उपलब्ध कराएंगे। शासन ने यह फैसला हाल ही में डॉक्टरों के फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट पर तमाम स्वस्थ लोगों का वैक्सीनेशन कर दिए जाने के मामले संज्ञान में आने के बाद लिया है। ड्रग विभाग की ओर से इस बारे में दवा दुकानदारों को जल्द ही निर्देश जारी किए जाएंगे।
सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों और 45 से 59 साल तक के बीमार लोगों को सरकारी अस्पताल में मुफ्त और निजी अस्पतालों में ढाई सौ रुपये में वैक्सीन की एक डोज दी जानी है। बुजुर्र्गों की आयु का सत्यापन आधार कार्ड से हो रहा है, बीमार लोगों के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाने की बाध्यता लागू की गई थी लेकिन शासन तक कई ऐसी शिकायतें भी पहुंचीं कि 45 साल से ज्यादा आयु के तमाम ऐसे लोगों का भी वैक्सीनेशन कर दिया गया जो बीमार थे ही नहीं। इसके बाद पिछले दिनों मेडिकल सर्टिफिकेट का प्रारूप जारी कर टीकाकरण के लिए संबंधित डॉक्टर से उसके सत्यापन की अनिवार्यता लागू की गई।
विज्ञापन
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह प्रारूप सभी बीमार लोगों तक पहुंचाना आसान नहीं था लिहाजा शासन ने मेडिकल स्टोर पर यह प्रारूप उपलब्ध कराने को कहा है जो उसमें उल्लिखित 20 बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति या उसके परिजन को निशुल्क दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे बीमार लोगों को बेवजह भटकना नहीं पड़ेगा और आसानी से फार्म मिलने पर वे टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित भी होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
20-25 फीसदी हो रहा टीकाकरण
आंकड़ों पर गौर करें तो तीसरे चरण में लक्ष्य के सापेक्ष 20-25 फीसदी ही टीकाकरण हो रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब सात लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जानी है। उम्मीद जताई जा रही है कि बीमार मरीज और उनके तीमारदार जब दवा लेने किसी मेडिकल स्टोर पर जाएंगे तो वहां उनको वैक्सीनेशन के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की भी जानकारी दी जाएगी। साथ ही 20 बीमारियों का प्रमाण पत्र फार्म भी देंगे।
14 अंकों के कोड से डाउनलोड कर सकेंगे वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट
कोरोना टीकाकरण के बाद प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे लोगों को शासन ने राहत दी है। लाभार्थी आरोग्य सेतु एप के जरिए वैक्सीनेशन के दौरान मिले 14 डिजिट के कोड को फीड कर ऑनलाइन प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह के मुताबिक कोविन पोर्टल का सर्वर सुस्त होने से लाभार्थियों को टीकाकरण के बाद प्रमाण पत्र मिलने में आ रही समस्या इससे खत्म होगी।
20 फीसदी लोगों को लगाया टीका
मंगलवार को 19 सौ लोगों को प्रतिरक्षित किया जाना था लेकिन शाम तक सिर्फ 377 लोगों को ही टीका लग सका। डॉ. सिंह के मुताबिक जिला अस्पताल और महिला चिकित्सालय में छह सौ लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य था। यहां 67 लोग प्रतिरक्षित हुए। निजी अस्पताल में 13 सौ व्यक्तियों को टीका लगना था लेकिन 210 लोग प्रतिरक्षित हो सके।
पांच साल में मलेरिया के आंकड़ों का आईसीएमआर ने मांगा रिकॉर्ड
दो साल पहले मलेरिया से ग्रसित रहे जिलों के अफसरों से अब इंडियन कॉउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर ने पांच सालों का रिकार्ड मांगा है। जिलों में मलेरिया की कितनी जांच हुई, कितने संक्रमित हुए और कितनों को प्लाज्मोडियम वाइवैक्स संक्रमण हुआ जैसी कई जानकारी अफसरों को भेजनी होंगी। बताया जाता है कि जिले को मलेरिया मुक्त क रने के लिए उच्चस्तर पर जल्द कोई पहल हो सकती है।
विज्ञापन
दवा दुकानदारों के पास उपलब्ध होगा प्रारूप, 20 बीमारी चिन्हित बरेली। कोविड-19 टीकाकरण के लिए 45 से 59 साल तक उम्र के बीमार लोगों को चिन्हित करने के लिए अब दवा दुकानदारों का सहयोग लिया जाएगा। शासन के निर्देश पर निर्धारित प्रारूप दवा दुकानदारों को मुहैया कराया जाएगा जो दवा लेने आए लोगों को चिन्हित कर उन्हें प्रारूप उपलब्ध कराएंगे। शासन ने यह फैसला हाल ही में डॉक्टरों के फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट पर तमाम स्वस्थ लोगों का वैक्सीनेशन कर दिए जाने के मामले संज्ञान में आने के बाद लिया है। ड्रग विभाग की ओर से इस बारे में दवा दुकानदारों को जल्द ही निर्देश जारी किए जाएंगे।
सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों और 45 से 59 साल तक के बीमार लोगों को सरकारी अस्पताल में मुफ्त और निजी अस्पतालों में ढाई सौ रुपये में वैक्सीन की एक डोज दी जानी है। बुजुर्र्गों की आयु का सत्यापन आधार कार्ड से हो रहा है, बीमार लोगों के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाने की बाध्यता लागू की गई थी लेकिन शासन तक कई ऐसी शिकायतें भी पहुंचीं कि 45 साल से ज्यादा आयु के तमाम ऐसे लोगों का भी वैक्सीनेशन कर दिया गया जो बीमार थे ही नहीं। इसके बाद पिछले दिनों मेडिकल सर्टिफिकेट का प्रारूप जारी कर टीकाकरण के लिए संबंधित डॉक्टर से उसके सत्यापन की अनिवार्यता लागू की गई।
विज्ञापन
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह प्रारूप सभी बीमार लोगों तक पहुंचाना आसान नहीं था लिहाजा शासन ने मेडिकल स्टोर पर यह प्रारूप उपलब्ध कराने को कहा है जो उसमें उल्लिखित 20 बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति या उसके परिजन को निशुल्क दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे बीमार लोगों को बेवजह भटकना नहीं पड़ेगा और आसानी से फार्म मिलने पर वे टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित भी होंगे।
विज्ञापन