{"_id":"6a91f0dbb6691e120802aa82","slug":"the-search-for-land-for-the-state-ayurvedic-medical-college-has-been-ongoing-for-15-years-bareilly-news-c-4-bly1015-955175-2026-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के \nलिए 15 साल से जमीन की तलाश जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के लिए 15 साल से जमीन की तलाश जारी
Sat, 29 Aug 2026 02:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 29 Aug 2026 02:04 AM IST
विज्ञापन
बरेली। बांस मंडी स्थित एसआरएम राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज की इमारत 15 साल पहले ही जर्जर घोषित हो चुकी है। कॉलेज को न्यूनतम पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता है, लेकिन अब तक जमीन नहीं मिल पाई है। हालांकि, जमीन खरीदने के लिए शासन से कोई फंड नहीं मिला है।
इमारत बनाने के लिए शासन आर्थिक रूप से तैयार है। शिक्षकों ने कई बार दान में जमीन मांगी, पर सभी प्रयास विफल रहे हैं। बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने दो माह पहले यह मुद्दा विधानसभा में उठाया था। कॉलेज की प्राचार्य प्रीति शर्मा ने बताया कि जमीन दिलाने के लिए विधायक, मंत्री और प्रशासन से कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। बीते दिनों यूनानी मेडिकल कॉलेज में कॉलेज स्थानांतरित होने की चर्चा थी, जिसे शासन ने मना कर दिया। हम दान की जमीन ढूंढ रहे हैं, लेकिन कॉलेज की इमारत बनवाने के लिए शासन से बजट मिलेगा। पिछले वर्ष बारिश में पुरुष छात्रावास का छज्जा टूट गया था। इसके बाद नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन ने छात्रावास न होने के कारण कुछ सीटें भी कम कर दी थीं।
प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आना-जाना
एसआरएम राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में रोजाना करीब 800 से 900 लोग आते हैं। इनमें तीन सौ विद्यार्थी, चार सौ मरीज (ओपीडी में), 170 कर्मचारी और 40 शिक्षक शामिल हैं। इन दिनों बारिश के कारण कॉलेज के भवन में पानी रिस रहा है। यह स्थिति किसी भी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इमारत बनाने के लिए शासन आर्थिक रूप से तैयार है। शिक्षकों ने कई बार दान में जमीन मांगी, पर सभी प्रयास विफल रहे हैं। बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने दो माह पहले यह मुद्दा विधानसभा में उठाया था। कॉलेज की प्राचार्य प्रीति शर्मा ने बताया कि जमीन दिलाने के लिए विधायक, मंत्री और प्रशासन से कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। बीते दिनों यूनानी मेडिकल कॉलेज में कॉलेज स्थानांतरित होने की चर्चा थी, जिसे शासन ने मना कर दिया। हम दान की जमीन ढूंढ रहे हैं, लेकिन कॉलेज की इमारत बनवाने के लिए शासन से बजट मिलेगा। पिछले वर्ष बारिश में पुरुष छात्रावास का छज्जा टूट गया था। इसके बाद नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन ने छात्रावास न होने के कारण कुछ सीटें भी कम कर दी थीं।
विज्ञापन
प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आना-जाना
एसआरएम राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में रोजाना करीब 800 से 900 लोग आते हैं। इनमें तीन सौ विद्यार्थी, चार सौ मरीज (ओपीडी में), 170 कर्मचारी और 40 शिक्षक शामिल हैं। इन दिनों बारिश के कारण कॉलेज के भवन में पानी रिस रहा है। यह स्थिति किसी भी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
विज्ञापन