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फीस के लिए दबाव नहीं बनाएंगे स्कूल पर छूट भी नहीं मिलेगी

Fri, 02 Oct 2020 02:04 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Fri, 02 Oct 2020 02:04 AM IST
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The school will not be exempted from fees;
मेयर के साथ बैठक करते अभिभावक समिति के कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

रुहेलखंड अभिभावक सेवा समिति और इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन की बैठक
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मेयर ने कहा- दिक्कत हो तो स्कूल प्रबंधन के समक्ष अपनी बात रखें अभिभावक

बरेली। राजेंद्रनगर के जिंगल बेल्स स्कूल में गुरुवार को रुहेलखंड अभिभावक सेवा समिति और इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन की मेयर उमेश गौतम की मौजूदगी में हुई बैठक में लंबी बहस के बाद स्कूल इस बात पर राजी हो गए कि वे फीस के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं बनाएंगे लेकिन अभिभावकों को स्कूल आकर इसका कारण बताना होगा। फीस में राहत के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
स्कूल एसोसिएशन ने कहा कि अभिभावकों पर तिमाही या छमाही फीस जमा करने के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। स्कूलों की ओर से ड्रेस कोड भी लागू नहीं किया जाएगा। स्कूल एसोसिएशन के चार्टर प्रेसिडेंट राजेश अग्रवाल जौली और अध्यक्ष पारुष अरोड़ा ने कहा कि स्कूलों की यह मंशा कतई नहीं है कि किसी भी छात्र का भविष्य खराब हो। यदि किसी अभिभावक को कोई परेशानी है तो वह स्कूल आकर अपनी बात रखे। इस मौके पर रुहेलखंड अभिभावक सेवा समिति की तरफ से विशाल मेहरोत्रा, अतुल कपूर, शोभित सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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शुल्क समिति के फैसला न लेने पर नाराज अभिभावकों ने किया प्रदर्शन

बरेली। अभिभावक संघ के पदाधिकारियों ने गुरुवार को डीआईओएस कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि आर्थिक संकट में घिरे अभिभावक फीस जमा करने को लेकर परेशान हैं लेकिन अभी तक जिला शुल्क समिति ने कोई उन्हें कोई राहत नहीं दी है। स्कूल जैसे चाह रहे हैं वैसे फीस वसूल रहे हैं। संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क विधेयक 2018 में संशोधन कर अब 2020 में दैवीय आपदा और असाधारण परिस्थितियों को इसमें जोड़ा गया है। इसके हिसाब से ही फीस तय होनी है। स्कूल नियमित कक्षाओं के संचालन के हिसाब से फीस ले रहे हैं, जबकि उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई की फीस लेनी चाहिए। इस मौके पर प्रदेश कोऑर्डिनेटर संजय अरोरा, शाजमा, अलका आदि मौजूद रहीं।
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