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Bareilly News: 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों से नगर निगमों की बढ़ेगी आय
Fri, 20 Feb 2026 02:42 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 20 Feb 2026 02:42 AM IST
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बरेली। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होने जा रही हैं। इससे नगर निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इससे नगर निगमों की तिजोरी में पहले के मुकाबले अधिक धन आने की संभावना है। इससे शहरों के बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं में बड़े सुधार की उम्मीद की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा 15वें वित्त आयोग की तुलना में नए आयोग से निकायों को 36 के बजाय 45 फीसदी धनराशि प्राप्त होगी।
नए वित्त आयोग की खास बात यह है कि इस बार बजट का आवंटन केवल पुरस्कार या आवश्यकता के आधार पर न होकर निकायों की कार्यक्षमता पर आधारित होगा। अनुदान राशि प्राप्त करने के लिए निकायों को कुछ कड़े मानकों पर खरा उतरना होगा, जिनमें समय पर टैक्स वसूली, ऑनलाइन लेखा प्रणाली को दुरुस्त करना और आवंटित बजट का पारदर्शी व सही इस्तेमाल शामिल है। इस शर्त से निकायों में जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ने की संभावना है। इस बढ़ी हुई धनराशि से सीवर और ड्रेनेज प्रणाली के आधुनिकीकरण, वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन, सड़कों के चौड़ीकरण, स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था और पार्कों के सुंदरीकरण पर ध्यान दिया जाएगा। शहरों को स्वच्छ और हरित बनाने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता मिलेगी। निगम के अनुसार नई किस्त अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष में जारी होने की संभावना है।
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नए वित्त आयोग की खास बात यह है कि इस बार बजट का आवंटन केवल पुरस्कार या आवश्यकता के आधार पर न होकर निकायों की कार्यक्षमता पर आधारित होगा। अनुदान राशि प्राप्त करने के लिए निकायों को कुछ कड़े मानकों पर खरा उतरना होगा, जिनमें समय पर टैक्स वसूली, ऑनलाइन लेखा प्रणाली को दुरुस्त करना और आवंटित बजट का पारदर्शी व सही इस्तेमाल शामिल है। इस शर्त से निकायों में जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ने की संभावना है। इस बढ़ी हुई धनराशि से सीवर और ड्रेनेज प्रणाली के आधुनिकीकरण, वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन, सड़कों के चौड़ीकरण, स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था और पार्कों के सुंदरीकरण पर ध्यान दिया जाएगा। शहरों को स्वच्छ और हरित बनाने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता मिलेगी। निगम के अनुसार नई किस्त अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष में जारी होने की संभावना है।
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