{"_id":"6834d86294a21825a3016d1a","slug":"the-power-system-is-out-of-order-generators-are-eating-up-the-profits-of-industries-bareilly-news-c-4-lko1064-648825-2025-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: बिजली व्यवस्था बेदम, जनरेटर पी रहा उद्योगों का मुनाफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: बिजली व्यवस्था बेदम, जनरेटर पी रहा उद्योगों का मुनाफा
विज्ञापन
बरेली। ट्रिपिंग और फाल्ट की अड़चन से औद्योगिक क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था बेदम साबित हो रही है। जिले के चारों औद्योगिक क्षेत्र में आए दिन तीन से चार घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
जनरेटर के सहारे उद्योग चल तो रहे हैं, पर उनका उत्पादन और मुनाफा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। समस्याओं से जूझ रहे उद्यमी सोमवार को चैंबर ऑफ कामर्स के बैनर तले मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश से मिले और व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
उद्यमियों के मुताबिक, मानसून की दस्तक से पहले ही बिजली आपूर्ति का बुरा हाल है। आगे क्या होगा? इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। बताया कि पूर्व में चल रही व्यवस्था के बदलने से अब ट्रिपिंग और फाल्ट की मरम्मत में तीन से चार घंटे लग रहे हैं।
विज्ञापन
नए लाइनमैन को ब्लॉक की जानकारी नहीं है। मंडलायुक्त के निर्देश पर पूर्व में एक संविदाकर्मी तैनात हुआ तो हालात सुधरे, पर अब अफसरों ने उसे बगैर अनुमति कार्य करने पर कार्रवाई की चेतावनी दे दी। अनुमति की प्रक्रिया में घंटेभर लगते हैं। हेल्पलाइन पर कॉल रिसीव नहीं होती।
बिजली आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था से परसाखेड़ा, सीबीगंज, फरीदपुर, भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जबकि यहां से करोड़ों रुपये का राजस्व मिल रहा है।
उद्यमियों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह मुख्यमंत्री से मिलेंगे। मुख्य अभियंता ने समस्याओं और सुझावों पर बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है। ब्यूरो
विज्ञापन
जनरेटर के सहारे उद्योग चल तो रहे हैं, पर उनका उत्पादन और मुनाफा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। समस्याओं से जूझ रहे उद्यमी सोमवार को चैंबर ऑफ कामर्स के बैनर तले मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश से मिले और व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
विज्ञापन
उद्यमियों के मुताबिक, मानसून की दस्तक से पहले ही बिजली आपूर्ति का बुरा हाल है। आगे क्या होगा? इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। बताया कि पूर्व में चल रही व्यवस्था के बदलने से अब ट्रिपिंग और फाल्ट की मरम्मत में तीन से चार घंटे लग रहे हैं।
विज्ञापन
नए लाइनमैन को ब्लॉक की जानकारी नहीं है। मंडलायुक्त के निर्देश पर पूर्व में एक संविदाकर्मी तैनात हुआ तो हालात सुधरे, पर अब अफसरों ने उसे बगैर अनुमति कार्य करने पर कार्रवाई की चेतावनी दे दी। अनुमति की प्रक्रिया में घंटेभर लगते हैं। हेल्पलाइन पर कॉल रिसीव नहीं होती।
बिजली आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था से परसाखेड़ा, सीबीगंज, फरीदपुर, भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जबकि यहां से करोड़ों रुपये का राजस्व मिल रहा है।
उद्यमियों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह मुख्यमंत्री से मिलेंगे। मुख्य अभियंता ने समस्याओं और सुझावों पर बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है। ब्यूरो