Bareilly News: बीडीए में शामिल 35 गांवों की बदलेगी तस्वीर, सड़क-पार्किंग, पार्क और ग्रीन बेल्ट होगी विकसित
बीडीए की सीमा में शामिल किए गए 35 गांवों में विकास का खाका खींचा जा रहा है। इसके लिए बीडीए ने पूरे क्षेत्र को छह जोन में बांटा है, जिसके तहत जोनल प्लान तैयार किया जा रहा है।
विस्तार
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की सीमा में शामिल किए गए 35 गांवों की तस्वीर बदलने की तैयारी है। इन गांवों में सड़क, पार्किंग, कॉमर्शियल हब के साथ पार्क व ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। विकास के इन कामों को कराने से पहले निजी एजेंसियां सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेंगी। इसके बाद महायोजना-2031 में इन गांवों के विकास का खाका खींचा जाएगा। विकास कार्य होने से करीब सवा लाख की आबादी को लाभ होगा।
बीडीए की सीमा में 16 साल बाद जून 2024 में विस्तार हुआ था। इसमें सदर तहसील के पांच, आंवला के 14 और फरीदपुर के 16 गांव बीडीए की सीमा में शामिल हुए थे। इससे पूर्व 1977 में बीडीए के अस्तित्व में आने पर 19 अप्रैल, 1977 को 198, इसके बाद 23 मई 2008 को 66 गांव सम्मिलित कर बीडीए ने अपनी सीमा का विस्तार किया था। अब इसमें 35 गांव शामिल किए गए हैं, जिसके बाद बीडीए क्षेत्र में गांवों की संख्या 299 हो गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, अब इन 35 गांवों में विकास का खाका खींचा जा रहा है। इसके लिए बीडीए ने पूरे क्षेत्र को छह जोन में बांटा है, जिसके तहत जोनल प्लान तैयार किया जा रहा है। बीडीए सीटीपी अजय कुमार सिंह के मुताबिक, कई नामी निजी एजेंसियां संपर्क में हैं। विकास कार्यों के लिए अनुभवी सर्वे एजेंसियों की ही मदद ली जाएगी। लगभग चार से पांच टीमों को सर्वे में लगाया जाएगा।
महायोजना लागू होते ही यह होंगे बदलाव
- निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य।
- ग्रीन बेल्ट, औद्योगिक और आबादी क्षेत्र अधिसूचित होंगे।
- भू-उपयोग चिह्नित होगा। अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे।
- कृषि क्षेत्र में भू-अच्छादन 40 फीसदी हो जाएगा। भूतल अनुपात 1.5 से 3.5 फीसदी तक हो जाएगा।
- बीडीए अपने बजट से चौड़ी सड़कें, सीवर और जलनिकासी की व्यवस्था करेगा।
- हालांकि अभी जमीन का भू-उपयोग चिह्नित नहीं है। बिना रोकटोक के कोई भी निर्माण कर लिया जाता है और मानचित्र तक पास नहीं हो जाते हैं।
- आबादी के बीच उद्योग चल रहे हैं और खेती भी हो रही है।
दो से तीन नई आवासीय योजनाएं भी होंगी विकसित
एक्सईएन एपीएन सिंह के मुताबिक, 35 गांवों के मार्गों पर दो से तीन नई आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी। वर्तमान में बीडीए ग्रेटर बरेली योजना को धरातल पर उतार चुका है। शाहजहांपुर रोड पर 16 गांव सीमा विस्तार के दौरान शामिल हुए हैं। यह रोड छह लेन का है, बड़े बाइपास से रामपुर व शाहजहांपुर रोड जुड़े हुए हैं।
यह गांव बीडीए की सीमा में शामिल
- सदर तहसील के गांव : लहवरी, भगवतीपुर, कमुआ कलां, नरोत्तम नगला, भीकमपुर माफी।
- आंवला के गांव : अखा एहतमाली, अखा मुस्तिकल, कोहनी परतापुर, मजनूपुर, भोजपुर, रफियाबाद, कैमुंआ, सरदार नगर, चाढ़पुर, आलमपुर जाफराबाद, नवदिया, बढ़रई कुईंया, मिलक मंशारामपुर, वाहनपुर।
- फरीदपुर के गांव : दहलऊ, समोची, खमरिया, वाहनपुर, जेड़, मेगीनगला, गौसगंज सराय, नौगवां, उदयपुर मोहनलाल, सराय पट्टी सब्दलपुर, सरकड़ा, इनायतपुर, मकसूदनपुर, रसुईया, नवदिया देहा जब्ती, मटिया नगला।
बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए. ने बताया कि महायोजना 2031 में शहर को विकसित करने के लिए जल्द जोनल प्लान पर काम होगा। बीडीए की सीमा में शामिल 35 नए गांवों की रूप रेखा बदली जाएगी।