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Bareilly News: मूल्यांकन की फाइलों पर हस्ताक्षर देखकर तय किए जा रहे जिम्मेदारों के नाम
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बरेली। एनएचएआई के अधिग्रहण घोटाले में कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मंडलीय जांच टीम के अधिकारी मूल्यांकन संबंधी फाइलों को खंगाल रहे है। फाइलों पर हस्ताक्षर देखकर जिम्मेदारों के नाम तय किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारी सेवानिवृत्त हुए हैं या फिर सेवारत हैं तो उनकी वर्तमान तैनाती किस जिले में है, यह भी पता किया जा रहा है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के निलंबित अभियंता अब आरोपों का जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं।
बरेली-सितारगंज हाईवे और बरेली की रिंग रोड के दायरे में आ रही परिसंपत्तियों के मूल्यांकन का पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं ने सत्यापन किया था। सत्यापन रिपोर्ट पर सवाल उठे तो एक सहायक अभियंता व तीन अवर अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया। शासन ने मुख्य अभियंता को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच अधिकारी 15 दिन में आरोपपत्र देंगे। इस पर चारों अभियंताओं से जवाब लिया जाएगा, तब अगली कार्रवाई होगी। अब अभियंता जवाब देने की तैयारी में जुट गए हैं।
इधर, मंडलीय जांच टीम ने अभी तक पीलीभीत की फाइलें नहीं लौटाईं हैं। पीलीभीत जिले में परिसंपत्तियों का सत्यापन करने वाले पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं के नाम अभी तक खुलकर सामने नहीं आए हैं। अब अधिकारी फाइलों पर किए गए हस्ताक्षर देखकर अभियंताओं, राजस्व विभाग के कर्मचारियों-अधिकारियों व अन्य विभागों के अधिकारियों को कॉल करके बात कर रहे हैं, ताकि जिम्मेदारों के नाम और पद तथा उनकी वर्तमान में तैनाती का स्पष्ट उल्लेख करके फाइलें वापस की जा सकें। अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली-सितारगंज हाईवे और बरेली की रिंग रोड के दायरे में आ रही परिसंपत्तियों के मूल्यांकन का पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं ने सत्यापन किया था। सत्यापन रिपोर्ट पर सवाल उठे तो एक सहायक अभियंता व तीन अवर अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया। शासन ने मुख्य अभियंता को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच अधिकारी 15 दिन में आरोपपत्र देंगे। इस पर चारों अभियंताओं से जवाब लिया जाएगा, तब अगली कार्रवाई होगी। अब अभियंता जवाब देने की तैयारी में जुट गए हैं।
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इधर, मंडलीय जांच टीम ने अभी तक पीलीभीत की फाइलें नहीं लौटाईं हैं। पीलीभीत जिले में परिसंपत्तियों का सत्यापन करने वाले पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं के नाम अभी तक खुलकर सामने नहीं आए हैं। अब अधिकारी फाइलों पर किए गए हस्ताक्षर देखकर अभियंताओं, राजस्व विभाग के कर्मचारियों-अधिकारियों व अन्य विभागों के अधिकारियों को कॉल करके बात कर रहे हैं, ताकि जिम्मेदारों के नाम और पद तथा उनकी वर्तमान में तैनाती का स्पष्ट उल्लेख करके फाइलें वापस की जा सकें। अमर उजाला ब्यूरो
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