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किला के सराफ और उसके भाई का हत्यारा गिरफ्त में आया, जेल भेजा
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हत्यारोपी पियूष शंखधार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
रामबरात के दौरान रंग लगाने के विवाद में गोली मारकर कर दी थी हत्या
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एक बार गिरफ्त में आने के बाद हो गई थी जमानत, अब विधवा के घर कर दी फायरिंग
बरेली। सवा चार साल पहले शहर के सराफ और उसके बदायूं निवासी भाई की बरेली राम बरात में मलूकपुर चौकी के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी को किला थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उसके खिलाफ और भी मामले दर्ज थे।
वर्ष 2016 में राम बरात के दौरान शहर के गढ़ैया किला निवासी सराफ संदीप रस्तोगी व उनके चचेरे भाई बदायूं के साहूकारा मोहल्ला निवासी मुकुल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संदीप के परिवार में भी सराफे का काम होता था और वह बदायूं की एक पेयजल कंपनी में काम करते थे। वह संदीप के बुलावे पर रामबरात देखने आए थे। बरात के दौरान रंग लगाने को मलूकपुर चौकी के पास दूसरे गुट के युवकों से इनका विवाद हुआ और फिर दोनों भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। संदीप की कनपटी और मुकल के पेट में गोली मारी गई थी। हत्या में पीयूष शंखधार, डैनी और मोनू ठाकुर का नाम आया। बाद में काफी कोशिश के बाद पीयूष शंखधार को पुलिस पकड़ सकी। कुछ समय बाद पीयूष ने जमानत करा ली। इसके बाद उसने और अपराध किए।
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कुछ महीने पहले किला पुलिस ने पीयूष पर गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई की थी। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पिछले महीने 26 जून को पीयूष ने फिर दबंगई दिखाते हुए गुलाब नगर निवासी विधवा के घर के बाहर फायरिंग की थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी धरपकड़ को टीम लगा दी। किला इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि पीयूष को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
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एक बार गिरफ्त में आने के बाद हो गई थी जमानत, अब विधवा के घर कर दी फायरिंग बरेली। सवा चार साल पहले शहर के सराफ और उसके बदायूं निवासी भाई की बरेली राम बरात में मलूकपुर चौकी के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी को किला थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उसके खिलाफ और भी मामले दर्ज थे।
वर्ष 2016 में राम बरात के दौरान शहर के गढ़ैया किला निवासी सराफ संदीप रस्तोगी व उनके चचेरे भाई बदायूं के साहूकारा मोहल्ला निवासी मुकुल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संदीप के परिवार में भी सराफे का काम होता था और वह बदायूं की एक पेयजल कंपनी में काम करते थे। वह संदीप के बुलावे पर रामबरात देखने आए थे। बरात के दौरान रंग लगाने को मलूकपुर चौकी के पास दूसरे गुट के युवकों से इनका विवाद हुआ और फिर दोनों भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। संदीप की कनपटी और मुकल के पेट में गोली मारी गई थी। हत्या में पीयूष शंखधार, डैनी और मोनू ठाकुर का नाम आया। बाद में काफी कोशिश के बाद पीयूष शंखधार को पुलिस पकड़ सकी। कुछ समय बाद पीयूष ने जमानत करा ली। इसके बाद उसने और अपराध किए।
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कुछ महीने पहले किला पुलिस ने पीयूष पर गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई की थी। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पिछले महीने 26 जून को पीयूष ने फिर दबंगई दिखाते हुए गुलाब नगर निवासी विधवा के घर के बाहर फायरिंग की थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी धरपकड़ को टीम लगा दी। किला इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि पीयूष को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।