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Bareilly News: बारूद से सुलगी रसोई, खाद्य तेलों से उठ रहा महंगाई का धुआं
Fri, 03 Apr 2026 01:42 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:42 AM IST
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बरेली। पश्चिम एशिया में युद्ध के असर से खाद्य तेलों की कीमतों में उछाल आया है। ये प्रति लीटर 15 से 18 रुपये तक महंगे हो गए हैं। हालात नहीं सुधरे तो कारोबारी आने वाले दिनों में खाद्य तेल की कीमतें और बढ़ने की आशंका जता रहे हैं। इसका सीधा असर आम आदमी की रसोई पर पड़ेगा। साथ ही, खाद्य तेलों से बनने वाले नमकीन, स्नैक्स व अन्य उत्पाद भी महंगे हो जाएगे। इसका असर आम आदमी की रसोई और बजट पर पड़ेगा।
पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से पाम ऑयल का आयात प्रभावित है। जहाज तेल लेकर बंदरगाह तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस वजह से कंपनियों ने खाद्य तेलों की कीमत बढ़ा दी है। बीते एक महीने में करीब 15 से 18 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है। शहर का श्यामगंज बाजार खाद्य तेल की बड़ी मंडी है। यहां से प्रतिदिन हजारों लीटर खाद्य तेल की बिक्री होती है।
यहां से तेल बदायूं, पीलीभीत, शहजहांपुर, रामपुर, हल्द्वानी समेत अन्य शहरों को जाता है। कारोबारी बताते हैं कि पीछे से माल की कमी चल रही है। शहर के होलसेल डीलरों को महंगा माल मिल रहा है। इस वजह से बाजार में भी दामों में तेजी आ गई है। अगर आगे भी संकट बरकरार रहा तो दाम और बढ़ने की आशंका है। कारोबारियों ने बताया कि परिवहन भी महंगा हो गया है।
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कंपनियां नहीं भेज रहीं माल
युद्ध के संकट के चलते तेल कंपनियां पुराने दामों पर बाजार में माल बेचने से कतरा रही हैं। मजबूरन कारोबारी नए रेट पर माल बुक कर रहे हैं। कुछ व्यापारियों के पास पुराने रेट का माल भी है। रिटेल काउंटर पर दोनों माल बिक रहे हैं। एक माल के दो दाम होने से बाजार में असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है।
बादाम व पिस्ता भी हुए महंगे
युद्ध के संकट के चलते मेवे को दामों में भी वृद्धि हो रही है। पश्चिमी देशों से आने वाले बादाम, पिस्ता महंगे हो गए हैं। व्यापारी बताते हैं कि 3200 रुपये बिकने वाला बादाम गिरी 3800 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गया है। इसी तरह 1,000 रुपये बिकने वाला पिस्ता 1,400 रुपये, सादा पिस्ता 2,800 से 3,400 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। अगर युद्ध नहीं रुका तो और इनकी कीमतें और बढ़ने की आशंका है।
रोजगार पर भी आएगा संकट
पश्चिमी देशों के बीच चल रहे युद्ध से देश में महंगाई बढ़ेगी। रोजगार पर भी संकट आएगा। अगर युद्ध लंबा चला तो देश को इससे उबरने में ज्यादा समय लगेगा। - प्रो. शिखा वर्मा, अर्थशास्त्र विभाग, बरेली कॉलेज
कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका
युद्ध के चलते तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। कंपनियां आने वाले दिनों में दाम और बढ़ने की आशंका जता रही हैं। - अमित अग्रवाल, तेल कारोबारी
युद्ध की वजह से आयातित पाम ऑयल महंगा होने की वजह से देश की तेल निर्माता कंपनियां दाम बढ़ा रही हैं। - राजेंद्र अग्रवाल, तेल कारोबारी
खाद्य तेल बेचने वाली एजेंसियां पुराने दर पर माल नहीं दे रही हैं। अब जो माल आ रहा है, वह बढ़ी कीमतों पर आ रहा है। - देवेंद्र गंगवार, किराना व्यापारी
ईरान से आने वाले मेवे के दाम बढ़े हुए हैं। बादाम गिरी व पिस्ता में बहुत तेजी है। अभी दाम घटने की संभावना नहीं है। - संजय आनंद, मेवा कारोबारी
कुछ दिन पहले सिलिंडर और अब खाद्य तेल के दाम बढ़ गए हैं। महंगी दर पर सामान खरीदने से बजट पर असार पड़ेगा। - पारुल गुप्ता, गृहिणी
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पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से पाम ऑयल का आयात प्रभावित है। जहाज तेल लेकर बंदरगाह तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस वजह से कंपनियों ने खाद्य तेलों की कीमत बढ़ा दी है। बीते एक महीने में करीब 15 से 18 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है। शहर का श्यामगंज बाजार खाद्य तेल की बड़ी मंडी है। यहां से प्रतिदिन हजारों लीटर खाद्य तेल की बिक्री होती है।
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यहां से तेल बदायूं, पीलीभीत, शहजहांपुर, रामपुर, हल्द्वानी समेत अन्य शहरों को जाता है। कारोबारी बताते हैं कि पीछे से माल की कमी चल रही है। शहर के होलसेल डीलरों को महंगा माल मिल रहा है। इस वजह से बाजार में भी दामों में तेजी आ गई है। अगर आगे भी संकट बरकरार रहा तो दाम और बढ़ने की आशंका है। कारोबारियों ने बताया कि परिवहन भी महंगा हो गया है।
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कंपनियां नहीं भेज रहीं माल
युद्ध के संकट के चलते तेल कंपनियां पुराने दामों पर बाजार में माल बेचने से कतरा रही हैं। मजबूरन कारोबारी नए रेट पर माल बुक कर रहे हैं। कुछ व्यापारियों के पास पुराने रेट का माल भी है। रिटेल काउंटर पर दोनों माल बिक रहे हैं। एक माल के दो दाम होने से बाजार में असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है।
बादाम व पिस्ता भी हुए महंगे
युद्ध के संकट के चलते मेवे को दामों में भी वृद्धि हो रही है। पश्चिमी देशों से आने वाले बादाम, पिस्ता महंगे हो गए हैं। व्यापारी बताते हैं कि 3200 रुपये बिकने वाला बादाम गिरी 3800 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गया है। इसी तरह 1,000 रुपये बिकने वाला पिस्ता 1,400 रुपये, सादा पिस्ता 2,800 से 3,400 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। अगर युद्ध नहीं रुका तो और इनकी कीमतें और बढ़ने की आशंका है।
रोजगार पर भी आएगा संकट
पश्चिमी देशों के बीच चल रहे युद्ध से देश में महंगाई बढ़ेगी। रोजगार पर भी संकट आएगा। अगर युद्ध लंबा चला तो देश को इससे उबरने में ज्यादा समय लगेगा। - प्रो. शिखा वर्मा, अर्थशास्त्र विभाग, बरेली कॉलेज
कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका
युद्ध के चलते तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। कंपनियां आने वाले दिनों में दाम और बढ़ने की आशंका जता रही हैं। - अमित अग्रवाल, तेल कारोबारी
युद्ध की वजह से आयातित पाम ऑयल महंगा होने की वजह से देश की तेल निर्माता कंपनियां दाम बढ़ा रही हैं। - राजेंद्र अग्रवाल, तेल कारोबारी
खाद्य तेल बेचने वाली एजेंसियां पुराने दर पर माल नहीं दे रही हैं। अब जो माल आ रहा है, वह बढ़ी कीमतों पर आ रहा है। - देवेंद्र गंगवार, किराना व्यापारी
ईरान से आने वाले मेवे के दाम बढ़े हुए हैं। बादाम गिरी व पिस्ता में बहुत तेजी है। अभी दाम घटने की संभावना नहीं है। - संजय आनंद, मेवा कारोबारी
कुछ दिन पहले सिलिंडर और अब खाद्य तेल के दाम बढ़ गए हैं। महंगी दर पर सामान खरीदने से बजट पर असार पड़ेगा। - पारुल गुप्ता, गृहिणी