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Bareilly News: महाकुंभ में उठाना चाहिए था बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों का मुद्दा
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- मौलाना शहाबुद्दीन ने विहिप और अखाड़ा परिषद अध्यक्ष को लिखा पत्र
बरेली। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। उनके मुद्दे को महाकुंभ में उठाया जाना चाहिए। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व संतों को इस संबंध में पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि गत दिनों निर्वाचित प्रधानमंत्री शेख हसीना का कट्टरपंथियों ने तख्तापलट दिया था। उन्हीं कट्टरपंर्थियों ने मोहम्मद युनूस की सरकार बनवाई। जब से बंगलादेश में मोहम्मद युनूस की सरकार बनी है, तब से अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। दुर्गा पंडालों में आग लगाने, मंदिरों में तोड़फोड़ करने, लोगों को मारने पीटने और इस्कान मंदिर के सनातनी लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजने की घटनाएं वहां हो रही हैं। इन मुद्दों पर महाकुंभ चर्चा होनी चाहिए। साथ ही इसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए थी। मौलाना ने कहा कि भारत के मुसलमान बांग्लादेश में हो रही घटनाओं पर चिंतित हैं। यह उम्मीद रखते हैं युनूस सरकार को कोई सख्त पैगाम दिया जाएगा। मोहम्मद युनूस कट्टरपंथियों के हाथ का खिलौना बने हुए हैं। शेख हसीना के दौर में कट्टरपंथी हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। कोई भी आंदोलन की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। इसी वजह से अल्पसंख्यक हिंदू सुरक्षित थे। अब हालात बिल्कुल पलट गए हैं। इसलिए भारतीयों को कोई सख्त कड़ा उठाना चाहिए। संवाद
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बरेली। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। उनके मुद्दे को महाकुंभ में उठाया जाना चाहिए। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व संतों को इस संबंध में पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि गत दिनों निर्वाचित प्रधानमंत्री शेख हसीना का कट्टरपंथियों ने तख्तापलट दिया था। उन्हीं कट्टरपंर्थियों ने मोहम्मद युनूस की सरकार बनवाई। जब से बंगलादेश में मोहम्मद युनूस की सरकार बनी है, तब से अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। दुर्गा पंडालों में आग लगाने, मंदिरों में तोड़फोड़ करने, लोगों को मारने पीटने और इस्कान मंदिर के सनातनी लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजने की घटनाएं वहां हो रही हैं। इन मुद्दों पर महाकुंभ चर्चा होनी चाहिए। साथ ही इसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए थी। मौलाना ने कहा कि भारत के मुसलमान बांग्लादेश में हो रही घटनाओं पर चिंतित हैं। यह उम्मीद रखते हैं युनूस सरकार को कोई सख्त पैगाम दिया जाएगा। मोहम्मद युनूस कट्टरपंथियों के हाथ का खिलौना बने हुए हैं। शेख हसीना के दौर में कट्टरपंथी हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। कोई भी आंदोलन की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। इसी वजह से अल्पसंख्यक हिंदू सुरक्षित थे। अब हालात बिल्कुल पलट गए हैं। इसलिए भारतीयों को कोई सख्त कड़ा उठाना चाहिए। संवाद
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