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लड़की के परिवार वालों का कलेक्ट्रेट पर धरना
बरेली
Updated Fri, 15 Jan 2016 01:49 AM IST
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बरेली। भमौरा की नाबालिग लड़की की बरामदगी की मांग को लेकर उसके परिवार के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। पीड़ित परिवार का कहना था कि डीएम साहब हमारी लड़की को दूसरे समुदाय का लड़का अगवा कर ले गया है, उसे बरामद कराओ। धरने की सूचना पर मिलते ही भमौरा पुलिस लड़की को बरामद करने के लिए दबिशें दे रही है, लेकिन अभी तक बरामद नहीं हुई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि लड़की बरामद न होने पर कलेक्ट्रेट पर धरना जारी रहेगा।
लड़की के पिता का कहना है कि अल्पसंख्यक समुदाय से उसका अकेला परिवार की गांव में रहता है। गांव के ही दीनानाथ, रोशनलाल, घनश्याम, चंद्रप्रकाश, बबलू, प्रेमशंकर, रामसेवक आदि उनका शोषण कर रहे हैं। उनसे जबरन अपने खेतों में मजदूरी करवाई जाती है। मना करने पर बेइज्जत करते हैं। 31 दिसंबर की रात करीब दस बजे उसकी नाबालिग बेटी नल से पानी भरने के लिए गई थी। बबलू, प्रेमशंकर और रामसेवक उसे जबरन मोटर साइकिल पर बैठाकर ले गए। उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। एसएसपी को मिलकर भी उन्होंने मुकदमा लिखाने की गुहार लगाई थी। आरोपी तमंचों लेकर खुलेआम धमका रहे हैं। फैसला करने का दबाव बना रहे हैं। 11 जनवरी को आरोपी उसके घर में घुस आए। उन्होंने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की। मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी। उसके कपड़े भी फाड़कर अश्लील हरकतें करने लगे। उन्होंने धमकी दी कि मुकदमा वापस न लिया तो जान से मार डालेंगे। सीओ एलआईयू की रिपोर्ट पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों ने एसओ भमौरा से बात करके लड़की को बरामद करने के आदेश दिए। भमौरा के एक दरोगा भी धरने पर बैठे पीड़ितों के पास बात करने पहुंचे और दो दिन का समय मांगा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। एसओ केके यादव ने बताया कि मामला प्रेम प्रसंग का है। लड़की को बरामद करने की कोशिश की जा रही है।
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लड़की के पिता का कहना है कि अल्पसंख्यक समुदाय से उसका अकेला परिवार की गांव में रहता है। गांव के ही दीनानाथ, रोशनलाल, घनश्याम, चंद्रप्रकाश, बबलू, प्रेमशंकर, रामसेवक आदि उनका शोषण कर रहे हैं। उनसे जबरन अपने खेतों में मजदूरी करवाई जाती है। मना करने पर बेइज्जत करते हैं। 31 दिसंबर की रात करीब दस बजे उसकी नाबालिग बेटी नल से पानी भरने के लिए गई थी। बबलू, प्रेमशंकर और रामसेवक उसे जबरन मोटर साइकिल पर बैठाकर ले गए। उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। एसएसपी को मिलकर भी उन्होंने मुकदमा लिखाने की गुहार लगाई थी। आरोपी तमंचों लेकर खुलेआम धमका रहे हैं। फैसला करने का दबाव बना रहे हैं। 11 जनवरी को आरोपी उसके घर में घुस आए। उन्होंने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की। मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी। उसके कपड़े भी फाड़कर अश्लील हरकतें करने लगे। उन्होंने धमकी दी कि मुकदमा वापस न लिया तो जान से मार डालेंगे। सीओ एलआईयू की रिपोर्ट पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों ने एसओ भमौरा से बात करके लड़की को बरामद करने के आदेश दिए। भमौरा के एक दरोगा भी धरने पर बैठे पीड़ितों के पास बात करने पहुंचे और दो दिन का समय मांगा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। एसओ केके यादव ने बताया कि मामला प्रेम प्रसंग का है। लड़की को बरामद करने की कोशिश की जा रही है।
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