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Bareilly News: नौकरी की दौड़ में युवती हार गई जिंदगी की जंग
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बरेली। पुलिस भर्ती परीक्षा में फिजीकल टेस्ट पास कर चुकी युवती दौड़ की तैयारी के दौरान हादसे का शिकार हो गई। नई साल के पहले दिन हादसा हुआ और सात दिन चले इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया।
थाना अलीगंज के पाखड़ मोहल्ला निवासी सज्जाद हुसैन ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं जिन्हें वह बेटों की तरह पाल और पढ़ा रहे थे। इनमें 25 वर्षीय फरीन सबसे होनहार थी। वह पुलिस भर्ती परीक्षा के फिजिकल टेस्ट में पास हो गई थी। केवल दौड़ का टेस्ट बाकी रह गया था। नए साल वाले दिन बेटी अलीगंज के कश्मीर ईंट भट्ठे के मैदान में दौड़ लगाने गई थी। वहां से घर लौटते समय भारत पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार बाइक ने उसे पीछे से टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जब इसकी जानकारी परिवार के लोगों को हुई तो वह उसे लेकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर होने पर बरेली में सतीपुर चौराहे के पास एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती करा दिया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अलीगंज थाने में सज्जाद ने बाइक नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
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बेटी की आवाज न सुनने का अफसोस
- सज्जाद ने बताया कि पीछे से बाइक की टक्कर लगी तो फरीन के नीचे गिरने पर उसका सिर जमीन से टकरा गया। उसके शरीर पर कई जगह चोट आई थी लेकिन सिर की हड्डी टूट गई थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन जरूरी बताया। इसमें उनका काफी खर्चा हुआ पर हादसे के बाद से लेकर आखिरी सांस तक वह बेटी की आवाज न सुन सके। पहले दिन से ही वह वेंटिलेटर पर रही। उन्हें इसका बहुत मलाल है। बेटी का नौकरी पाना तय था। वह उनसे कहती थी कि नौकरी पाकर अपने भाई-बहनों का सहारा बनेगी और उन्हें भी नौकरी के लिए प्रेरित करेगी। अमर उजाला ब्यूरो
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थाना अलीगंज के पाखड़ मोहल्ला निवासी सज्जाद हुसैन ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं जिन्हें वह बेटों की तरह पाल और पढ़ा रहे थे। इनमें 25 वर्षीय फरीन सबसे होनहार थी। वह पुलिस भर्ती परीक्षा के फिजिकल टेस्ट में पास हो गई थी। केवल दौड़ का टेस्ट बाकी रह गया था। नए साल वाले दिन बेटी अलीगंज के कश्मीर ईंट भट्ठे के मैदान में दौड़ लगाने गई थी। वहां से घर लौटते समय भारत पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार बाइक ने उसे पीछे से टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जब इसकी जानकारी परिवार के लोगों को हुई तो वह उसे लेकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर होने पर बरेली में सतीपुर चौराहे के पास एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती करा दिया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अलीगंज थाने में सज्जाद ने बाइक नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
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बेटी की आवाज न सुनने का अफसोस
- सज्जाद ने बताया कि पीछे से बाइक की टक्कर लगी तो फरीन के नीचे गिरने पर उसका सिर जमीन से टकरा गया। उसके शरीर पर कई जगह चोट आई थी लेकिन सिर की हड्डी टूट गई थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन जरूरी बताया। इसमें उनका काफी खर्चा हुआ पर हादसे के बाद से लेकर आखिरी सांस तक वह बेटी की आवाज न सुन सके। पहले दिन से ही वह वेंटिलेटर पर रही। उन्हें इसका बहुत मलाल है। बेटी का नौकरी पाना तय था। वह उनसे कहती थी कि नौकरी पाकर अपने भाई-बहनों का सहारा बनेगी और उन्हें भी नौकरी के लिए प्रेरित करेगी। अमर उजाला ब्यूरो
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