फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Last rites performed mistaking the body for his father family shocked when he returned home the next day

बरेली में अजब मामला: पिता का शव समझ किया अंतिम संस्कार, वो अगले दिन घर लौटे तो चौंका परिवार

Sun, 04 Oct 2026 10:34 AM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Sun, 04 Oct 2026 10:34 AM IST
सार

बरेली में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस शख्स को मृत समझकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया, वो अगले ही दिन जीवित घर लौटे तो परिवार वालों के होश उड़ गए। जानिए क्या है पूरा मामला...

विज्ञापन
Last rites performed mistaking the body for his father family shocked when he returned home the next day
सांकेतिक तस्वीर (AI) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिले शव की गलत शिनाख्त के कारण एक परिवार ने किसी और का अंतिम संस्कार कर दिया। अगले दिन जब उनके पिता घर लौटे तो सभी चौंक गए और सच्चाई पुलिस को बताई। 

विज्ञापन


शुक्रवार को डिफेंस कॉलोनी निवासी चंद्रिका सिंह यादव ट्रेन की चपेट में आने से जान गंवा बैठे थे। रेलवे कॉलोनी निवासी केशव कुमार ने अपने पिता मंशालाल के रूप में शव की पहचान की। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव केशव को शव सौंप दिया। केशव ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। इस बीच मंशालाल घर लौट आए। मंशालाल को जीवित देखकर परिवार वालों के होश उड़ गए। 
विज्ञापन


उधर, चंद्रिका सिंह यादव की पत्नी गिरजा देवी पति की गुमशुदगी दर्ज कराने शनिवार को बैरियर वन चौकी पहुंचीं। वहां केशव कुमार अपने पिता मंशालाल के साथ मौजूद थे। यह देखकर पुलिस और दोनों परिवारों के होश उड़ गए। तब पुलिस ने चंद्रिका सिंह यादव के परिजन को फोटो दिखाकर शव की पहचान कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब असली बेटा विसर्जित करेगा अस्थियां
इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि मंशालाल ने 2012 में रेलवे के ट्रैकमैन पद से वीआरएस लिया था। वहीं, चंद्रिका सिंह कुछ साल पहले लोको पायलट पद से सेवानिवृत्त हुए थे। चंद्रिका सिंह यादव शुक्रवार सुबह टहलने निकले थे और घर नहीं लौटे। इस बीच रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति के ट्रेन की चपेट में आने की सूचना मिली।

केशव कुमार के पिता मंशालाल भी कहीं घूमने निकल गए थे। शव मिलने की जानकारी पर केशव पहुंचे तो अपने पिता मंशालाल के रूप में उसे पहचान लिया। हकीकत सामने आने के बाद अब आलोक यादव रविवार को अपने पिता चंद्रिका यादव की अस्थियां लेकर उनका विसर्जन करेंगे।

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि दोनों की कद-काठी और हुलिया एक सा होने से भ्रम हुआ। चूंकि, केशव ने शव की पहचान कर ली तो पुलिस ने उसी आधार पर कार्रवाई कर दी। अब दोनों पक्षों को गलती का अहसास हुआ है। ये मानवीय चूक है, किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed