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Bareilly News: पुलिस के तीन दिन बाद पहुंची ईडी, चौंके मोहल्ले वाले
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बरेली। मारवाड़ीगंज मोहल्ले में मंगलवार को कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के घर ईडी की टीम ने कार्रवाई शुरू होते ही आवास के सभी प्रवेश और निकास मार्गों को बंद कर दिया। घर में मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन बंद कर जब्त कर लिए। स्थानीय लोग हैरत में थे कि तीन दिन पहले ही अग्रवाल के घर के सामने पुलिस और एसओजी ने दबिश दी थी। पुलिस ने यहां रहने वाले जगदीश चोटिया को गिरफ्तार किया था। जगदीश और उसके साथी जमीर अहमद से पुलिस ने 35 लाख रुपये बरामद किए थे।
एसएसपी ने कश्मीर, दिल्ली व अन्य शहरों से हवाला के जरिये करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा किया था। शुरू में जब ईडी की टीम पुलिस के साथ आई तो मोहल्ले के लोगों ने समझा कि ये एसओजी और पुलिस है, चोटिया के घर से ही कुछ और बरामदगी करनी होगी। बाद में टीम सामने स्थित आशुतोष अग्रवाल की कोठी में चली गई तो पता लगा कि यहां ईडी का छापा पड़ा है।
5,300 भारतीय सिम साइबर ठगी में इस्तेमाल
जालंधर/लुधियाना। ईडी ने एक अन्य जांच में कंबोडिया से संचालित 36 हजार सक्रिय भारतीय सिम कार्डों की पहचान की थी। इनमें से करीब 5,300 सिम देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी से जुड़े पाए गए। जांच में सामने आया कि भारतीय मोबाइल नंबर फर्जी तरीके से सक्रिय कर विदेशी नागरिकों को उपलब्ध कराए गए थे। बाद में इनका इस्तेमाल कंबोडिया से भारत में साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया गया।
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एसएसपी ने कश्मीर, दिल्ली व अन्य शहरों से हवाला के जरिये करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा किया था। शुरू में जब ईडी की टीम पुलिस के साथ आई तो मोहल्ले के लोगों ने समझा कि ये एसओजी और पुलिस है, चोटिया के घर से ही कुछ और बरामदगी करनी होगी। बाद में टीम सामने स्थित आशुतोष अग्रवाल की कोठी में चली गई तो पता लगा कि यहां ईडी का छापा पड़ा है।
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5,300 भारतीय सिम साइबर ठगी में इस्तेमाल
जालंधर/लुधियाना। ईडी ने एक अन्य जांच में कंबोडिया से संचालित 36 हजार सक्रिय भारतीय सिम कार्डों की पहचान की थी। इनमें से करीब 5,300 सिम देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी से जुड़े पाए गए। जांच में सामने आया कि भारतीय मोबाइल नंबर फर्जी तरीके से सक्रिय कर विदेशी नागरिकों को उपलब्ध कराए गए थे। बाद में इनका इस्तेमाल कंबोडिया से भारत में साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया गया।
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