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Bareilly News: सुरक्षित सफर के लिए बदलेगा चौराहों का स्वरूप
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बरेली। बढ़ते ट्रैफिक के बीच सुरक्षित सफर के लिए शहर के चौराहों को रि-डिजाइन किया जाएगा। एसपी ट्रैफिक ने इसका प्रस्ताव दिया है। नगर निगम अब निजी कंपनी के जरिये सर्वे कराएगा। इसके बाद इस पर काम होगा।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत परफॉर्मेंस के आधार पर नगर निगम को बजट मिलना है। इसी बजट से यह काम कराया जाना है। हाल में ही डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसपी ट्रैफिक अकमल खान ने इसका प्रस्ताव दिया था। इसके मुताबिक, जिन चौराहों पर यातायात का दबाव ज्यादा है, उनके स्वरूप में इस तरह बदलाव किया जाए कि वाहन निर्बाध गुजरते रहें। इसके बाद डीएम ने नगर निगम के अधिकारियों को एसपी ट्रैफिक के साथ विमर्श कर जरूरी उपाय करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने अनुभवी कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की है। इसके बाद रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार कराया जाएगा। जो फर्म कम से कम खर्च में काम करने के लिए राजी होगी, उसे ही जिम्मेदारी दी जाएगी।
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इन चौराहों का बदलेगा स्वरूप
पटेल चौक, चौकी चौराहा, श्यामगंज, गांधी उद्यान, सेटेलाइट, छत्रपति शिवाजी (शील चौराहा), नावल्टी, कुतुबखाना और डेलापीर चौराहा।
ई-रिक्शा और ऑटो बढ़ने से बढ़ा ट्रैफिक का दबाव
साल-दर-साल ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या बढ़ रही है। फिलहाल, शहर में 19 हजार ई-रिक्शा और ऑटो पंजीकृत हैं, लेकिन संचालन 25 हजार से ज्यादा का हो रहा है। इनकी बढ़ती संख्या यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है। इसका असर यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है। ब्यूरो
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शहर में ट्रैफिक बढ़ता जा रहा है। सबसे ज्यादा ट्रैफिक पटेल चौक, चौकी चौराहा और गांधी उद्यान पर होता है। यहां सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए काम कराया जाना जरूरी है। - अकमल खान, एसपी ट्रैफिक
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राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत परफॉर्मेंस के आधार पर नगर निगम को बजट मिलना है। इसी बजट से यह काम कराया जाना है। हाल में ही डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसपी ट्रैफिक अकमल खान ने इसका प्रस्ताव दिया था। इसके मुताबिक, जिन चौराहों पर यातायात का दबाव ज्यादा है, उनके स्वरूप में इस तरह बदलाव किया जाए कि वाहन निर्बाध गुजरते रहें। इसके बाद डीएम ने नगर निगम के अधिकारियों को एसपी ट्रैफिक के साथ विमर्श कर जरूरी उपाय करने का निर्देश दिया था।
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इसके बाद नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने अनुभवी कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की है। इसके बाद रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार कराया जाएगा। जो फर्म कम से कम खर्च में काम करने के लिए राजी होगी, उसे ही जिम्मेदारी दी जाएगी।
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इन चौराहों का बदलेगा स्वरूप
पटेल चौक, चौकी चौराहा, श्यामगंज, गांधी उद्यान, सेटेलाइट, छत्रपति शिवाजी (शील चौराहा), नावल्टी, कुतुबखाना और डेलापीर चौराहा।
ई-रिक्शा और ऑटो बढ़ने से बढ़ा ट्रैफिक का दबाव
साल-दर-साल ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या बढ़ रही है। फिलहाल, शहर में 19 हजार ई-रिक्शा और ऑटो पंजीकृत हैं, लेकिन संचालन 25 हजार से ज्यादा का हो रहा है। इनकी बढ़ती संख्या यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है। इसका असर यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है। ब्यूरो
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शहर में ट्रैफिक बढ़ता जा रहा है। सबसे ज्यादा ट्रैफिक पटेल चौक, चौकी चौराहा और गांधी उद्यान पर होता है। यहां सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए काम कराया जाना जरूरी है। - अकमल खान, एसपी ट्रैफिक