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मौलाना तौकीर के देवबंद जाने के मुद्दे पर दिन भर चर्चा
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 11 May 2016 01:33 AM IST
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मौलाना तौकीर
आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां के देवबंद जाने के मुद्दे पर दिन भर चर्चाओं का बाजार गरम रहा। एक तरफ जहां खानदान के काफी लोग उनके खिलाफ बयान देते रहे, वहीं देवबंद मसलक से ताल्लुक रखने वाले व अन्य लोग मौलाना के पक्ष में नजर आए।
इसमें खास तौर से देवबंद से जुड़े संगठन जमीअत उलमा हिंद के जिलाध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद मियां कासमी ने कहा कि तौकीर मियां देवबंद गए अच्छी बात है। इसके लिए उनको मुबारकबाद देते हैं। वह दारुल उलूम का मरकज है सभी को जाना चाहिए। यह सिलसिला जारी रहे ताकि जो लोग मुस्लिम को बांटना चाहते हैं वे कामयाब न हो सकें। इस वक्त जरूरत इत्तेहाद की है। कोई किसी भी मसलक का हो उसे आपस में मिलना चाहिए। इससे मुल्क के साथ ही इस्लाम को भी फायदा होगा। जो लोग तौकीर मियां पर एतराज कर रहे हैं उन्हें समझ से काम लेना चाहिए। आल इंडिया सूफी कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी रईस मियां कादरी ने मौलाना तौकीर के कदम की सराहना की है। उन्होंने कहा तौकीर मियां ने वक्त की नब्ज को समझते हुए सही कदम उठाया है। यही वक्त का तकाजा भी है। अधिवक्ता अब्दुल हक ने मौलाना तौकीर का समर्थन करते हुए कहा कि इस्लाम ने कभी कौम को तोड़ने की बात नहीं कही। हमेशा इत्तेहाद की दावत दी है। आला हजरत अजीम शख्सियत थे वह भी कौम को तोड़ना नहीं चाहते थे। आल राबता कमेटी के अध्यक्ष हामिद लतीफ बब्बू ने कहा कि अल्लाह और रसूल का फरमान है कि मजलूम की मदद करो। तौकीर मियां मजलूम की मदद करने देववंद गए। इस लिए इस पर टिप्पड़ी नहीं की चाहिए। उनका कदम सच्चे आशिके रसूल की पहचान है।
आईएमसी मुखिया व नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तौकीर रजा खां के दारूल उलूम देवबंद जाने से सुन्नी उलेमाओं में भूचाल सा आ गया है। तौकीर के देवबंद जाने से उनका पूरा खानदान बेहद नाराज है। उनके छोटे भाई मौलाना तसलीम रजा खां का व्हाट्सएप पर एक आडियो वायरल हुआ है। वह तौकीर रजा खां से फोन पर बेहद खफा नजर आ रहे हैं। फोन पर उन्होंने यहां तक कह डाला कि ऐसे इंसान यानी तौकीर रजा खां और उनकी सियासत पर लानत है।
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सोशल साइट्स पर नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तौकीर रजा खां की देवबंद के उलेमाओं के साथ तस्वीरें देखने के बाद खानदान के लोगों के पास फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया। तौकीर रजा खां के छोटे भाई मौलाना तसलीम रजा खां के मोबाइल फोन पर कॉल आई। फोन करने वाले का कहना था- मुंबई से गुलाम रजा बोल रहा हूूं.. शाम से ही मौलाना तौकीर रजा की फेसबुक और व्हाट्सएप पर तस्वीर घूम रही हैं। वह देवबंद गए थे, इसे लेकर गुलामाने आला हजरत के लिए क्या पैगाम है? तस्लीम रजा ने जवाब दिया कि मैैंने भी फोटो देखे हैं। उन्होंने ऐसा किया तो आला हजरत की रूह को तकलीफ पहुंचाई है, इसका विरोध होना चाहिए। मोबाइल पर फिर सवाल पूछा जाता है: क्या हमें भी इस विरोध को आगे बढ़ाना चाहिए। जवाब: आप लोगों को भी इस विरोध को आगे बढ़ाना चाहिए। अल्लाह ताला उन्हें हिदायत अता फरमाए। इसके बाद भी उनमें सुधार होता है तो खानदान-ए-आला हजरत को उनसे अलग रहने की तौफीक दे। यह फकीर तो 15 साल से उनसे न कभी बात करता है और न सलाम करता है। यह कई बार इसी तरह की हरकत कर चुके हैं। ऐसी सियायत और इंसान पर लानत है। मेरे वालिद रेहाने मिल्लत ने भी सियायत की है। ये कई बार यह ऐसा कर चुके हैं। कोई भी हेलीकाप्टर से तकरीर कराने ले जाता है। वहाबियों से उन्हें क्या मिलेगा। मैं ऐसे लोगों और सियायत पर लानत भेजता हूं। साथ ही सुन्नियों से अपील करता हूं कि ऐसे लोगों का विरोध करें। इनसे मिलने की कोई जरूरत नहीं है। मौलाना तसलीम रजा ने यह कहते हुए गुलाम रजा को आडियो वायरल करने की इजाजत भी दे दी कि वह जो बात करते हैं डंके की चोट पर करते हैं। इसके बाद गुलाम रजा ने मौलाना तसलीम मियां का आडियो वायरल कर दिया।
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इसमें खास तौर से देवबंद से जुड़े संगठन जमीअत उलमा हिंद के जिलाध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद मियां कासमी ने कहा कि तौकीर मियां देवबंद गए अच्छी बात है। इसके लिए उनको मुबारकबाद देते हैं। वह दारुल उलूम का मरकज है सभी को जाना चाहिए। यह सिलसिला जारी रहे ताकि जो लोग मुस्लिम को बांटना चाहते हैं वे कामयाब न हो सकें। इस वक्त जरूरत इत्तेहाद की है। कोई किसी भी मसलक का हो उसे आपस में मिलना चाहिए। इससे मुल्क के साथ ही इस्लाम को भी फायदा होगा। जो लोग तौकीर मियां पर एतराज कर रहे हैं उन्हें समझ से काम लेना चाहिए। आल इंडिया सूफी कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी रईस मियां कादरी ने मौलाना तौकीर के कदम की सराहना की है। उन्होंने कहा तौकीर मियां ने वक्त की नब्ज को समझते हुए सही कदम उठाया है। यही वक्त का तकाजा भी है। अधिवक्ता अब्दुल हक ने मौलाना तौकीर का समर्थन करते हुए कहा कि इस्लाम ने कभी कौम को तोड़ने की बात नहीं कही। हमेशा इत्तेहाद की दावत दी है। आला हजरत अजीम शख्सियत थे वह भी कौम को तोड़ना नहीं चाहते थे। आल राबता कमेटी के अध्यक्ष हामिद लतीफ बब्बू ने कहा कि अल्लाह और रसूल का फरमान है कि मजलूम की मदद करो। तौकीर मियां मजलूम की मदद करने देववंद गए। इस लिए इस पर टिप्पड़ी नहीं की चाहिए। उनका कदम सच्चे आशिके रसूल की पहचान है।
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आईएमसी मुखिया व नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तौकीर रजा खां के दारूल उलूम देवबंद जाने से सुन्नी उलेमाओं में भूचाल सा आ गया है। तौकीर के देवबंद जाने से उनका पूरा खानदान बेहद नाराज है। उनके छोटे भाई मौलाना तसलीम रजा खां का व्हाट्सएप पर एक आडियो वायरल हुआ है। वह तौकीर रजा खां से फोन पर बेहद खफा नजर आ रहे हैं। फोन पर उन्होंने यहां तक कह डाला कि ऐसे इंसान यानी तौकीर रजा खां और उनकी सियासत पर लानत है।
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सोशल साइट्स पर नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तौकीर रजा खां की देवबंद के उलेमाओं के साथ तस्वीरें देखने के बाद खानदान के लोगों के पास फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया। तौकीर रजा खां के छोटे भाई मौलाना तसलीम रजा खां के मोबाइल फोन पर कॉल आई। फोन करने वाले का कहना था- मुंबई से गुलाम रजा बोल रहा हूूं.. शाम से ही मौलाना तौकीर रजा की फेसबुक और व्हाट्सएप पर तस्वीर घूम रही हैं। वह देवबंद गए थे, इसे लेकर गुलामाने आला हजरत के लिए क्या पैगाम है? तस्लीम रजा ने जवाब दिया कि मैैंने भी फोटो देखे हैं। उन्होंने ऐसा किया तो आला हजरत की रूह को तकलीफ पहुंचाई है, इसका विरोध होना चाहिए। मोबाइल पर फिर सवाल पूछा जाता है: क्या हमें भी इस विरोध को आगे बढ़ाना चाहिए। जवाब: आप लोगों को भी इस विरोध को आगे बढ़ाना चाहिए। अल्लाह ताला उन्हें हिदायत अता फरमाए। इसके बाद भी उनमें सुधार होता है तो खानदान-ए-आला हजरत को उनसे अलग रहने की तौफीक दे। यह फकीर तो 15 साल से उनसे न कभी बात करता है और न सलाम करता है। यह कई बार इसी तरह की हरकत कर चुके हैं। ऐसी सियायत और इंसान पर लानत है। मेरे वालिद रेहाने मिल्लत ने भी सियायत की है। ये कई बार यह ऐसा कर चुके हैं। कोई भी हेलीकाप्टर से तकरीर कराने ले जाता है। वहाबियों से उन्हें क्या मिलेगा। मैं ऐसे लोगों और सियायत पर लानत भेजता हूं। साथ ही सुन्नियों से अपील करता हूं कि ऐसे लोगों का विरोध करें। इनसे मिलने की कोई जरूरत नहीं है। मौलाना तसलीम रजा ने यह कहते हुए गुलाम रजा को आडियो वायरल करने की इजाजत भी दे दी कि वह जो बात करते हैं डंके की चोट पर करते हैं। इसके बाद गुलाम रजा ने मौलाना तसलीम मियां का आडियो वायरल कर दिया।