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Bareilly News: तीन सौ बेड अस्पताल का हाल....बिना स्टाफ के मरीज बेहाल
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बरेली। आउटसोर्स कर्मियों के हटने के बाद स्टाफ की कमी से जूझ रहे तीन सौ बेड अस्पताल में दूसरे दिन भी व्यवस्था बेपटरी रही। सेवाएं सुचारू नहीं हो सकीं। अस्पताल में सात लोग बढ़ाए गए, इसमें चार वार्डबॉय और तीन सफाईकर्मी है। कई काउंटर बंद रहे। लिहाजा, मरीज पर्चा और दवा के लिए कतार में खड़े रहे।
शुक्रवार को इलाज के लिए तीन सौ बेड अस्पताल पहुंचे मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा, क्योंकि सुबह पर्चा बनवाने के लिए सिर्फ एक ही काउंटर खुला था। लंबी कतार लग गई। सुबह 11 बजे कतार में खड़े मरीज का पर्चा बनने में आधे घंटे से ज्यादा वक्त लगा। डॉक्टर को दिखाकर दवा लेने के लिए फिर काउंटर पर पहुंचे तो वहां भी यही स्थिति रही। कर्मियों की कमी से दवा और पर्चे के दो काउंटर बंद रहे। काफी देर इंतजार से मरीज और तीमारदार आक्रोशित रहे। उधर, लैब में एक टेक्नीशियन होने से भी जांच में देरी होती रही।
परिसर में सफाई कर्मियों की कमी से भी जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा रहा। एंटी रैबीज क्लीनिक के सभी आउटसोर्स कर्मी हट जाने से टीका लगाने के लिए शुक्रवार को दो एएनएम तैनात की गईं। जिम्मेदारों का दावा है कि अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था एक-दो दिन में हो जाएगी।
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410 मरीजों पर सिमटी ओपीडी, नहीं बने पर्चे
बृहस्पवितार को स्टाफ की कमी के चलते मरीज और तीमारदार जूझे थे। लिहाजा, शुक्रवार को सामान्य दिनों के सापेक्ष करीब सौ मरीज कम पहुंचे। वहीं पर्चा काउंटर पर तैनात कर्मी ने भी डेढ़ बजे से करीब आधे घंटे पहले ही पर्चा बनाना बंद कर दिया। जो मरीज पहुंचे, वे घर लौटने को विवश रहे। मौजूद लोगों से पर्चा बनाने की गुजारिश करते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
190 लोगों को लगाई गई एआरवी
शुक्रवार को एआरवी क्लीनिक पर 190 लोगों को एआरवी लगाई गई। प्रभारी डॉ. वैभव शुक्ला के मुताबिक स्टाफ की कमी के चलते बृहस्पतिवार को क्लीनिक का संचालन प्रभावित रहा। कई पीड़ितों को एआरवी लगवाने के लिए शुक्रवार को बुलाया था। बताया कि एक महिला को कुत्ते ने जख्मी किया था, उसे एंटी रैबीज सीरम लगवाने के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
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सपा सांसद ने सदन में उठाया तीन सौ बेड अस्पताल संचालन का मुद्दा
बरेली। आंवला से सपा सांसद नीरज मौर्य ने बरेली के तीन सौ बेड अस्पताल और बदायूं के मेडिकल कॉलेज का मुद्दा शुक्रवार को सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि बदायूं मेडिकल कॉलेज और तीन सौ बेड अस्पताल सरकार की अनदेखी से बदहाल है। बताया कि बीते दिनों उन्होंने परिसर का जायजा लिया था। दोनों के ही भवन का महज पांच फीसदी हिस्सा ही ओपीडी संचालन के लिए प्रयोग होता मिला। वेंटिलेटर समेत करोडों के उपकरण धूल फांक रहे हैं। भवन भी देखरेख के अभाव में जर्जर हो रहा है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उपेक्षित कॉलेज और तीन सौ बेड अस्पताल के व्यवस्थित संचालन के लिए केंद्र सरकार द्वारा संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। ब्यूरो
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शुक्रवार को इलाज के लिए तीन सौ बेड अस्पताल पहुंचे मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा, क्योंकि सुबह पर्चा बनवाने के लिए सिर्फ एक ही काउंटर खुला था। लंबी कतार लग गई। सुबह 11 बजे कतार में खड़े मरीज का पर्चा बनने में आधे घंटे से ज्यादा वक्त लगा। डॉक्टर को दिखाकर दवा लेने के लिए फिर काउंटर पर पहुंचे तो वहां भी यही स्थिति रही। कर्मियों की कमी से दवा और पर्चे के दो काउंटर बंद रहे। काफी देर इंतजार से मरीज और तीमारदार आक्रोशित रहे। उधर, लैब में एक टेक्नीशियन होने से भी जांच में देरी होती रही।
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परिसर में सफाई कर्मियों की कमी से भी जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा रहा। एंटी रैबीज क्लीनिक के सभी आउटसोर्स कर्मी हट जाने से टीका लगाने के लिए शुक्रवार को दो एएनएम तैनात की गईं। जिम्मेदारों का दावा है कि अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था एक-दो दिन में हो जाएगी।
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410 मरीजों पर सिमटी ओपीडी, नहीं बने पर्चे
बृहस्पवितार को स्टाफ की कमी के चलते मरीज और तीमारदार जूझे थे। लिहाजा, शुक्रवार को सामान्य दिनों के सापेक्ष करीब सौ मरीज कम पहुंचे। वहीं पर्चा काउंटर पर तैनात कर्मी ने भी डेढ़ बजे से करीब आधे घंटे पहले ही पर्चा बनाना बंद कर दिया। जो मरीज पहुंचे, वे घर लौटने को विवश रहे। मौजूद लोगों से पर्चा बनाने की गुजारिश करते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
190 लोगों को लगाई गई एआरवी
शुक्रवार को एआरवी क्लीनिक पर 190 लोगों को एआरवी लगाई गई। प्रभारी डॉ. वैभव शुक्ला के मुताबिक स्टाफ की कमी के चलते बृहस्पतिवार को क्लीनिक का संचालन प्रभावित रहा। कई पीड़ितों को एआरवी लगवाने के लिए शुक्रवार को बुलाया था। बताया कि एक महिला को कुत्ते ने जख्मी किया था, उसे एंटी रैबीज सीरम लगवाने के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
सपा सांसद ने सदन में उठाया तीन सौ बेड अस्पताल संचालन का मुद्दा
बरेली। आंवला से सपा सांसद नीरज मौर्य ने बरेली के तीन सौ बेड अस्पताल और बदायूं के मेडिकल कॉलेज का मुद्दा शुक्रवार को सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि बदायूं मेडिकल कॉलेज और तीन सौ बेड अस्पताल सरकार की अनदेखी से बदहाल है। बताया कि बीते दिनों उन्होंने परिसर का जायजा लिया था। दोनों के ही भवन का महज पांच फीसदी हिस्सा ही ओपीडी संचालन के लिए प्रयोग होता मिला। वेंटिलेटर समेत करोडों के उपकरण धूल फांक रहे हैं। भवन भी देखरेख के अभाव में जर्जर हो रहा है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उपेक्षित कॉलेज और तीन सौ बेड अस्पताल के व्यवस्थित संचालन के लिए केंद्र सरकार द्वारा संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। ब्यूरो