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Bareilly News: बजट नहीं आने व विभागीय सुस्ती से नहीं बदल सकी स्कूलों की सूरत

Thu, 20 Jun 2024 01:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jun 2024 01:58 AM IST
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The condition of schools could not change due to lack of budget and departmental lethargy
पीलीभीत। परिषदीय विद्यालयों को बेहतर रूप देने के प्रयास तो शुरू किए गए लेकिन बजट न आने और विभागीय सुस्ती की वजह से कार्य अधर में लटक गए। विगत वर्ष पीलीभीत के 10 परिषदीय विद्यालयों की सूची शासन को सौंपी गई थी। इन स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया जाना था पर ऐसा नहीं हो सका।
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों का जिक्र आते ही जेहन में जर्जर भवन, जमीन पर बैठे विद्यार्थी और खाली पड़ी शिक्षकों की कुर्सियों की तस्वीर सामने आती है। ऐसे में तमाम योजनाओं के जरिये स्कूलों का कायाकल्प करने की दिशा में कार्य शुरू किया गया। परियोजना निदेशालय ने बेसिक शिक्षा विभाग से जिले के 10 ऐसे विद्यालयों की सूची मांगी थी, जिनका कायाकल्प कराए जाने की आवश्यकता थी।
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विभाग की ओर से जिले के ऐसे स्कूल चिह्नित कर शासन को सूची भेज दी गई लेकिन कभी बजट में देरी तो कभी कार्यदायी संस्था की सुस्ती के कारण यहा कार्य अधर में लटक गया।
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इन स्कूलों की बदली जानी थी तस्वीर

बेसिक शिक्षा विभाग ने परियोजना निदेशालय को जिन 10 स्कूलों की सूची भेजी थी, उनमें गौरिया, बिलसंडा, खजुरिया पचपरा, पूरनपुर के प्राथमिक विद्यालय वहीं गिद्धौर, गौनेरी बदी, खासपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल थे।

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बजट भी कर दिया गया था निर्धारित
इन स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने के लिए अलग-अलग बजट भी निर्धारित कर दिया गया था। इसमें किसी स्कूल के लिए आठ तो किसी के लिए नौ लाख रुपयों का बजट निर्धारित किया गया था। यह और बात है कि धरातल में योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी।

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10 स्कूलों की सूची भेजी गई थी। आचार संहिता की वजह से कार्य रुक गया। दो माह के भीतर कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
-अमित कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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