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कमिश्नर ने शहला के खिलाफ जांच बैठा दी
बरेली।
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:59 AM IST
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The Commissioner sat against the investigator
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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कमिश्नर पीवी जगनमोहन ने छह सभासदों की शिकायत पर नवाबगंज नगर पालिका परिषद की चेयरमैन शहला ताहिर के खिलाफ जांच के आदेश किए हैं। डीएम डॉ. पिंकी जोवल ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी है। बुधवार को तीन सदस्यीय कमेटी शहला पर लगे आरोपों की जांच करने के लिए नवाबगंज जाएगी।
पिछले साल दिसंबर में नगर पालिका परिषद परिषद की सभासद रेखा यादव, संतोष गुप्ता, रेशमा, सफीर अहमद, यासीन मंसूरी और मथुरा प्रसाद ने कमिश्नर से मिलकर चेयरमैन शहला ताहिर पर आरोप लगाया था कि वह मनमाने और अवैध ढंग से विधि के विरु द्ध काम कर रही हैं। उनके पति ताहिर लगातार इन कार्यों को प्रोत्साहन देते हैं। जिससे जनता में त्राहि-त्राहि मची हुई है।
पालिका कार्यालय के सामने हाईवे की जमीन पर कब्जा करके भू-तल पर 36 दुकानों का निर्माण करा दिया। इसका प्रस्ताव पालिका की कार्यकारिणी की बैठक में भी पारित नहीं किया गया। यदि कोई प्रस्ताव है तो उसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। दुकानों के निर्माण को कोई टेंडर नहीं निकाला गया। डॉ.ताहिर ने खुद रात में जनरेटर चलवाकर घटिया सामग्री से दुकानों का निर्माण कराया है। दुकानों का निर्माण पूरी तरह होने से पहले बिना सभासदों की जानकारी से उनकी नीलामी भी कर दी गई। जानकारी यह मिली है कि दुकानों की नीलामी के 15 से 35 लाख रुपये तक लिए हैं और रसीद बहुत कम रुपयों की दी गई है। इस तरह दुकानों की नीलामी में लाखों रुपये की हेराफेरी हुई है। इससे पहले भी चेयरमैन ने फर्जी हस्ताक्षर करके कुछ प्रस्ताव पहले भी लिखे हैं। चेयरमैन के पति उनके पद की आड़ में लोगों की खरीदी हुई जमीन को नगर पालिका की बताकर कब्जा कर रहे हैं। बिजौरिया रोड पर नाला पाटकर लोगों की खरीदी गई जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। नगर के मुख्य मार्ग से दो खोखे वालों को दुकान बनाकर देने की बात कहकर हटाकर एडवांस ले लिया गया। सभासद दीपक सूरी ने डीएम को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर चेयरमैन के खिलाफ जांच कराने की मांग की थी।
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यह हैं मुख्य आरोप
-चेयरमैन शहला ताहिर संजय कम्युनिटी हाल, जिसमें गरीबों के कार्यक्रम कम पैसे में हो जाते हैं, उसे तोड़कर दुकानें का निर्माण कराने प्रयास करा रही हैं। इसके लिए भी फर्जी प्रस्ताव बनाया जा रहा है।
-समाजवादी पार्टी की सरकार में चेयरमैन पति डॉ. ताहिर के कई अवैध धंधे चल रहे थे। विरोध करने वालों के खिलाफ वह कार्रवाई करा देते थे। कई लोगों को उन्होंने मुकदमों में फंसाकर अपने पक्ष में कर लिया है।
-दुकानों के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये निकालने के बाद उसमें खर्च बहुत कम किया गया। इस मामले की रिपोर्ट तत्कालीन एसडीएम ने रजनीश राय ने जांच करके रिपोर्ट शासन को भेजी थी। परंतु उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
-पिछले एक साल से नगर पालिका के कार्य कुटेशन पर कराए गए। किसी काम का विधिवत टेंडर प्रकाशित नहीं कराए। सरकारी योजनाओं का पैसा बिना काम के निकाल लिया गया। बिजली के सामान में लाखों की हेराफेरी कर ली गई।
-बिजौरिया रोड पर कस्सवान में दो करोड़ रुपये की लागत से रोड और नाले का निर्माण कराया गया। मौजूदा स्थिति में न तो रोड डाला गया। नाला बरसात में टूट गया।
-चेयरमैन के गैर कानूनी कामों में साथ न देने पर धमकियां दी जाती हैं। पार्षद संतोष गुप्ता और उनके परिवारी राजीव गुप्ता के खिलाफ जनरेटर चोरी की फर्जी रिपोर्ट लिखा दी। पूर्व सभासद पति के खिलाफ भी पहले मुकदमा लिखाया जा चुका है।
-हाईवे पर ठेला, फड़ और खोखे वालों से लगातार अवैध तरीके से तहबाजारी की वसूली हो रही है। नगर पालिका से कोई ठेका नहीं हुआ है।
-तहसील कार्यालय के पास शुलभ शौचालय को तोड़कर दुकान बनाकर बेचने की योजना है। इससे देहात से आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
इन बिंदुओं पर भी जांच होगी
-पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर के कार्यकाल में किन योजनाओं से कितनी धनराशि आई। किन कामों पर खर्च की गई। किन ठेकेदारों से काम कराया गया। कितनी बार पालिका बोर्ड की बैठक हुई। कौन-कौन से प्रस्ताव पास हुए। दुकानों की नीलामी किन लोगों के नाम और कितनी धनराशि में की गई।
यह कमेटी करेगी जांच
डीएम ने एडीएम प्रशासन एसपी सिंह के अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। कमेटी में कोषाधिकारी रतन सिंह और एसडीएम नवाबगंज भी हैं। जांच के बाद कमेटी के अधिकारी पालिका के कर्मचारियों की बैठक भी लेंगे।
लोकल कमेटी पर हमें भरोसा नहीं है। हमने कोई गैर कानूनी काम नहीं किया है। जांच ही करानी है तो बाहर की कमेटी से कराएं। यहां की कमेटी तो दबाव में ही काम करेगी: शहला ताहिर, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, नवाबगंज
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पिछले साल दिसंबर में नगर पालिका परिषद परिषद की सभासद रेखा यादव, संतोष गुप्ता, रेशमा, सफीर अहमद, यासीन मंसूरी और मथुरा प्रसाद ने कमिश्नर से मिलकर चेयरमैन शहला ताहिर पर आरोप लगाया था कि वह मनमाने और अवैध ढंग से विधि के विरु द्ध काम कर रही हैं। उनके पति ताहिर लगातार इन कार्यों को प्रोत्साहन देते हैं। जिससे जनता में त्राहि-त्राहि मची हुई है।
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पालिका कार्यालय के सामने हाईवे की जमीन पर कब्जा करके भू-तल पर 36 दुकानों का निर्माण करा दिया। इसका प्रस्ताव पालिका की कार्यकारिणी की बैठक में भी पारित नहीं किया गया। यदि कोई प्रस्ताव है तो उसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। दुकानों के निर्माण को कोई टेंडर नहीं निकाला गया। डॉ.ताहिर ने खुद रात में जनरेटर चलवाकर घटिया सामग्री से दुकानों का निर्माण कराया है। दुकानों का निर्माण पूरी तरह होने से पहले बिना सभासदों की जानकारी से उनकी नीलामी भी कर दी गई। जानकारी यह मिली है कि दुकानों की नीलामी के 15 से 35 लाख रुपये तक लिए हैं और रसीद बहुत कम रुपयों की दी गई है। इस तरह दुकानों की नीलामी में लाखों रुपये की हेराफेरी हुई है। इससे पहले भी चेयरमैन ने फर्जी हस्ताक्षर करके कुछ प्रस्ताव पहले भी लिखे हैं। चेयरमैन के पति उनके पद की आड़ में लोगों की खरीदी हुई जमीन को नगर पालिका की बताकर कब्जा कर रहे हैं। बिजौरिया रोड पर नाला पाटकर लोगों की खरीदी गई जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। नगर के मुख्य मार्ग से दो खोखे वालों को दुकान बनाकर देने की बात कहकर हटाकर एडवांस ले लिया गया। सभासद दीपक सूरी ने डीएम को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर चेयरमैन के खिलाफ जांच कराने की मांग की थी।
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यह हैं मुख्य आरोप
-चेयरमैन शहला ताहिर संजय कम्युनिटी हाल, जिसमें गरीबों के कार्यक्रम कम पैसे में हो जाते हैं, उसे तोड़कर दुकानें का निर्माण कराने प्रयास करा रही हैं। इसके लिए भी फर्जी प्रस्ताव बनाया जा रहा है।
-समाजवादी पार्टी की सरकार में चेयरमैन पति डॉ. ताहिर के कई अवैध धंधे चल रहे थे। विरोध करने वालों के खिलाफ वह कार्रवाई करा देते थे। कई लोगों को उन्होंने मुकदमों में फंसाकर अपने पक्ष में कर लिया है।
-दुकानों के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये निकालने के बाद उसमें खर्च बहुत कम किया गया। इस मामले की रिपोर्ट तत्कालीन एसडीएम ने रजनीश राय ने जांच करके रिपोर्ट शासन को भेजी थी। परंतु उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
-पिछले एक साल से नगर पालिका के कार्य कुटेशन पर कराए गए। किसी काम का विधिवत टेंडर प्रकाशित नहीं कराए। सरकारी योजनाओं का पैसा बिना काम के निकाल लिया गया। बिजली के सामान में लाखों की हेराफेरी कर ली गई।
-बिजौरिया रोड पर कस्सवान में दो करोड़ रुपये की लागत से रोड और नाले का निर्माण कराया गया। मौजूदा स्थिति में न तो रोड डाला गया। नाला बरसात में टूट गया।
-चेयरमैन के गैर कानूनी कामों में साथ न देने पर धमकियां दी जाती हैं। पार्षद संतोष गुप्ता और उनके परिवारी राजीव गुप्ता के खिलाफ जनरेटर चोरी की फर्जी रिपोर्ट लिखा दी। पूर्व सभासद पति के खिलाफ भी पहले मुकदमा लिखाया जा चुका है।
-हाईवे पर ठेला, फड़ और खोखे वालों से लगातार अवैध तरीके से तहबाजारी की वसूली हो रही है। नगर पालिका से कोई ठेका नहीं हुआ है।
-तहसील कार्यालय के पास शुलभ शौचालय को तोड़कर दुकान बनाकर बेचने की योजना है। इससे देहात से आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
इन बिंदुओं पर भी जांच होगी
-पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर के कार्यकाल में किन योजनाओं से कितनी धनराशि आई। किन कामों पर खर्च की गई। किन ठेकेदारों से काम कराया गया। कितनी बार पालिका बोर्ड की बैठक हुई। कौन-कौन से प्रस्ताव पास हुए। दुकानों की नीलामी किन लोगों के नाम और कितनी धनराशि में की गई।
यह कमेटी करेगी जांच
डीएम ने एडीएम प्रशासन एसपी सिंह के अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। कमेटी में कोषाधिकारी रतन सिंह और एसडीएम नवाबगंज भी हैं। जांच के बाद कमेटी के अधिकारी पालिका के कर्मचारियों की बैठक भी लेंगे।
लोकल कमेटी पर हमें भरोसा नहीं है। हमने कोई गैर कानूनी काम नहीं किया है। जांच ही करानी है तो बाहर की कमेटी से कराएं। यहां की कमेटी तो दबाव में ही काम करेगी: शहला ताहिर, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, नवाबगंज