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Bareilly News: संग्रह सेवक का आवास खाली कराकर लेखपाल का रखवाया सामान
Sat, 23 Sep 2023 02:39 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 23 Sep 2023 02:39 AM IST
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नवाबगंज। संग्रह सेवक का सरकारी आवास खाली करवाने के बाद एक चहेते लेखपाल का सामान यहां रखवाने का मामला सामने आया है। संग्रह सेवक की पत्नी ने नायब तहसीलदार पर आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के साथ प्रमुख सचिव राजस्व, आयुक्त राजस्व परिषद, कमिश्नर, डीएम और एसडीएम नवाबगंज से की है।
संग्रह सेवक वजीर सरवर की दिव्यांग पत्नी सवा खातून ने बताया कि उनके पति को जुलाई 2021 में सरकारी आवास आवंटित हुआ था। दो दिन पहले नायब तहसीलदार रजनीश सक्सेना अपने स्टाफ के साथ यहां आए। यहां रखा सामान हटाकर उन्होंने अपने एक चहेते लेखपाल का सामान रखवा दिया। उन्होंने कोई नोटिस भी नहीं दिया। आरोप है कि आवास में रखे सोने-चांदी के जेवर, 10 हजार रुपये, इन्वर्टर, बैटरी और चारपाई सहित अन्य सामान कहां रखा गया है वह लोग इसकी भी जानकारी नहीं दे रहे।
उन्होंने बताया कि इस तरह से आवास खाली कराने से पति सदमे में है। उन्होंने जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। मामले में जब नायब तहसीलदार से बात की गई तो उन्होंने ऑफिस आकर फाइल देखने की बात कहकर कॉल काट दी। वहीं, तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने बताया कि नायब तहसीलदार सरकारी आवास का आवंटन नहीं कर सकते। लेखपालों को सरकारी आवास आवंटन करने के लिए तहसीलदार और एसडीएम ही अधिकृत होते हैं। अगर नायब तहसीलदार ने आवास का आवंटन किया है तो जांच कराई जाएगी।
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मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। आरोप सही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - राजेश चंद्रा, एसडीएम नवाबगंज
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चहेतों के पास तीन-तीन आवास
सवा खातून ने बताया कि अधिकारियों के चहेतों को आवास आवंटन में फर्जीवाड़ा किया जाता है। आरोपी नायब तहसीलदार के एक चहेते कर्मचारी के पास तीन सरकारी आवास हैं। जांच कराई जाए तो ऐसे कई और मामले भी सामने आ सकते हैं।
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संग्रह सेवक वजीर सरवर की दिव्यांग पत्नी सवा खातून ने बताया कि उनके पति को जुलाई 2021 में सरकारी आवास आवंटित हुआ था। दो दिन पहले नायब तहसीलदार रजनीश सक्सेना अपने स्टाफ के साथ यहां आए। यहां रखा सामान हटाकर उन्होंने अपने एक चहेते लेखपाल का सामान रखवा दिया। उन्होंने कोई नोटिस भी नहीं दिया। आरोप है कि आवास में रखे सोने-चांदी के जेवर, 10 हजार रुपये, इन्वर्टर, बैटरी और चारपाई सहित अन्य सामान कहां रखा गया है वह लोग इसकी भी जानकारी नहीं दे रहे।
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उन्होंने बताया कि इस तरह से आवास खाली कराने से पति सदमे में है। उन्होंने जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। मामले में जब नायब तहसीलदार से बात की गई तो उन्होंने ऑफिस आकर फाइल देखने की बात कहकर कॉल काट दी। वहीं, तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने बताया कि नायब तहसीलदार सरकारी आवास का आवंटन नहीं कर सकते। लेखपालों को सरकारी आवास आवंटन करने के लिए तहसीलदार और एसडीएम ही अधिकृत होते हैं। अगर नायब तहसीलदार ने आवास का आवंटन किया है तो जांच कराई जाएगी।
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मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। आरोप सही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - राजेश चंद्रा, एसडीएम नवाबगंज
चहेतों के पास तीन-तीन आवास
सवा खातून ने बताया कि अधिकारियों के चहेतों को आवास आवंटन में फर्जीवाड़ा किया जाता है। आरोपी नायब तहसीलदार के एक चहेते कर्मचारी के पास तीन सरकारी आवास हैं। जांच कराई जाए तो ऐसे कई और मामले भी सामने आ सकते हैं।