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Bareilly News: सड़क के किनारे समतलीकरण कराना भूल गया प्रशासन
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नवाबगंज फोटो 1 सेथल टांडा मार्ग का नहीं हुआ समतली करण
ऊबड-खाबड़ मार्ग से लोगों को सता रहा हादसे का डर
सेंथल। सेंथल-टांडा सादात मार्ग के निर्माण के बाद जिम्मेदार सड़क के किनारों को मिट्टी से समतल करना भूल गए। इस मुद्दे को 24 फरवरी के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो विभाग ने काम तो शुरू कराया, लेकिन किनारों को सही तरह से समतल किए बगैर खानापूर्ति कर छोड़ दिया। इसके कारण सड़क जगह-जगह से ऊंची है और हादसों का खतरा अभी भी बना हुआ है। अब सर्दी भी आ गया है, जिससे मार्ग पर हादसों का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
करीब 20 गांवों को जोड़ने वाले सेंथल-टांडा सादात मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2022 में किया गया था। यह सिंगल मार्ग है और यहां प्रतिदिन भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। मार्ग पर भारी वाहन निकलने पर ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन सवारों को सड़क से नीचे उतरते समय हादसे का खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा डर रात के अंधेरे में रहता है।
कस्बा निवासी हसन जहीर ने बताया कि सड़क के किनारे ऊंचे होने के कारण छोटे वाहन सवारों को हादसों का खतरा बना रहता है। अनुपम पंडित ने कहा कि सड़क को ठीक तरीके समतल नहीं करना विभाग की लापरवाही है। इसका खमियाजा राहगीरों को उठाना पड़ रहा है। संवाद
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सेंथल। सेंथल-टांडा सादात मार्ग के निर्माण के बाद जिम्मेदार सड़क के किनारों को मिट्टी से समतल करना भूल गए। इस मुद्दे को 24 फरवरी के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो विभाग ने काम तो शुरू कराया, लेकिन किनारों को सही तरह से समतल किए बगैर खानापूर्ति कर छोड़ दिया। इसके कारण सड़क जगह-जगह से ऊंची है और हादसों का खतरा अभी भी बना हुआ है। अब सर्दी भी आ गया है, जिससे मार्ग पर हादसों का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
करीब 20 गांवों को जोड़ने वाले सेंथल-टांडा सादात मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2022 में किया गया था। यह सिंगल मार्ग है और यहां प्रतिदिन भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। मार्ग पर भारी वाहन निकलने पर ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन सवारों को सड़क से नीचे उतरते समय हादसे का खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा डर रात के अंधेरे में रहता है।
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कस्बा निवासी हसन जहीर ने बताया कि सड़क के किनारे ऊंचे होने के कारण छोटे वाहन सवारों को हादसों का खतरा बना रहता है। अनुपम पंडित ने कहा कि सड़क को ठीक तरीके समतल नहीं करना विभाग की लापरवाही है। इसका खमियाजा राहगीरों को उठाना पड़ रहा है। संवाद
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