फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The Additional Sessions Court cancelled the order of the Baheri Judicial Magistrate.

Bareilly News: अपर सत्र न्यायालय ने बहेड़ी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश किया रद्द

Sun, 24 May 2026 12:39 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sun, 24 May 2026 12:39 AM IST
विज्ञापन
The Additional Sessions Court cancelled the order of the Baheri Judicial Magistrate.
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने बहेड़ी न्यायिक मजिस्ट्रेट के एक आदेश को बृहस्पतिवार को रद्द कर दिया। इस आदेश के जरिये बहेड़ी थाना क्षेत्र के सियाठेर निवासी बेअन्त सिंह के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उसे तलब किया गया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह आदेश ऊधम सिंह नगर के किच्छा थाना क्षेत्र के आवास विकास निवासी पुलकित अरोड़ा की अर्जी पर 16 जुलाई 2025 को दिया था।
विज्ञापन

बेअन्त सिंह ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को अपर सत्र न्यायालय में चुनौती दी। उसने वकील के जरिये कहा कि न्यायिक मजिस्ट्रेट बहेड़ी का आदेश सच्चाई से परे है। आदेश पारित करते वक्त कोर्ट ने पत्रावली का पूरी तरह अध्ययन नहीं किया और विधि व्यवस्थाओं की अनदेखी करते हुए तलबी आदेश पारित कर दिया। बेअन्त की अर्जी को सुनने और तथ्यों पर विचारण के बाद कोर्ट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट बहेड़ी के 16 जुलाई 2025 के आदेश को रद्द करते हुए संबंधित परिवाद में पुनः विधि अनुसार आदेश पारित करने का आदेश दिया।
विज्ञापन

----
एसीजेएम का फैसला रद्द, पिता-पुत्रों की सजा पर रोक

छेड़खानी, चोट पहुंचाने और धमकी देने के मामले में सुनाई थी सजा
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) के आदेश को रद्द करते हुए भोजीपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी चंद्रभान उर्फ संजीव, उसके पिता रामस्वरूप, रवि कुमार और उसके पिता तोताराम की सजा पर रोक लगा दी है। विचारण न्यायालय को आदेश दिया है कि विधिक प्रक्रिया के अनुसार विचारण की कार्रवाई पूरी कर पुनः आदेश पारित जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


भोजीपुरा थाना क्षेत्र के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 नवंबर 2008 को उसकी 14 साल की बहन शाम सात बजे खाना खाने के बाद अपने चाचा के घर सोने जा रही थी। उसे चंद्रभान और रवि ने बदनीयत से दबोच लिया। चिल्लाने पर गांव के लोग आ गए। इसी दौरान चंद्रभान और रवि के पिता लाठी-डंडे लेकर आ गए। चंद्रभान, रवि, रामस्वरूप, तोताराम ने उसके भाई और चाचा को पीटकर घायल कर दिया।
जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के बाद 20 अगस्त 2025 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चारों आरोपियों को दो-दो साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। चंद्रभान, तोताराम और रामस्वरूप ने वकील के जरिये इस आदेश को अपर सत्र न्यायालय में चुनौती दी। सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायालय ने कहा कि दोषसिद्धि का आदेश विधि प्रक्रिया पूर्ण किए बिना पारित किया गया है, जोकि स्थिर रहने योग्य नहीं है।
-----
ब्लैकमेलिंग और हत्या के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

पत्नी के साथ षड्यंत्र रचकर हत्या के बाद खेत में शव छिपाने का है आरोप

बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला ने ब्लैकमेलिंग, वसूली और हत्या के आरोपी हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव टांडा सादात निवासी शानू की जमानत अर्जी निरस्त कर दी है। आरोपी को फिलहाल जेल में रहना होगा।
हाफिजगंज निवासी मुकेश को नगमा नाम की महिला ने अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। मुकेश के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कई बार नगमा और उसके पति शानू ने मुकेश से जबरन रुपये वसूले। मुकेश की शादी तय हो गई तो नगमा ने उसे तुड़वा दिया। चार दिसंबर 2025 को नगमा के बहनोई बबलू ने मुकेश को धमकी दी। शाम को कॉल करके नगमा ने बुलाया। इसके बाद मुकेश घर नहीं आया तो उसको वीडियो कॉल की। नगमा भी उसके साथ थी। अगले दिन सुबह मुकेश का शव मोहल्ला ठाकुरद्वारा में बाग के पास एक खेत में मिला।

मुकेश के भाई की तहरीर पर पुलिस ने नगमा, उसके पति शानू, बहनोई बबलू, चांद, मां वारिसन और भाई हैरान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। शानू जेल में है। उसने वकील के जरिये जमानत अर्जी दी थी। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका निरस्त कर दी।

---
पॉक्सो एक्ट के आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त

बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने सीबीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी विकास रस्तोगी की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया है। क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी को पांच मार्च को विकास रस्तोगी बहला-फुसलाकर ले गया। उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी 15 मार्च से जेल में है। उसके खिलाफ पुलिस पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। आरोपी ने वकील के जरिये जमानत याचिका दी थी। तर्क दिया कि रंजिशन उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अभियोजन ने जमानत अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed