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सड़कें गड्ढा मुक्त करने के लिए नहीं आ रहे टेंडर
बरेली।
Updated Mon, 08 May 2017 01:16 AM IST
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सड़कें गड्ढा मुक्त करने के लिए नहीं आ रहे टेंडर
- फोटो : सड़कें गड्ढा मुक्त करने के लिए नहीं आ रहे टेंडर
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योगी सरकार के 15 जून से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने के फरमान से पीडब्ल्यूडी दबाव में है। ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में कंपटीशन बढ़ने और निर्माण सामग्री महंगी होने से ठेकेदार या तो तय एस्टीमेट से 40 फीसदी ऊपर रेट में टेंडर डाल रहे हैं या फिर टेंडर डालने में संकोच कर रहे हैं। पिछले दो सप्ताह में 60 से ज्यादा सड़कों के टेंडर मांगे गए। नियमानुसार प्रत्येक काम के कम से कम तीन टेंडर आने थे। अधिकांश कामों में एक या दो तो कुछ कामों का एक भी टेंडर नहीं आया। नियमानुकूल न होने से बहुत से टेंडर निरस्त हो गए। इसे लेकर एक्सईएन से लेकर एसई और चीफ इंजीनियर चिंतित हैं। इनके बीच मीटिंगों का दौर चल रहा है। 40 से ज्यादा कामों के टेंडर दोबारा मांगे गए हैं।
पीडब्ल्यूडी ने 15 जून से पहले सरकार के प्रत्येक सड़क को गड्ढामुक्त करने के लिए पिछले महीने 1128 किलोमीटर सड़कें चिह्नित की थीं। गड्ढे भरने के लिए सरकार ने प्रथम चरण में चार करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण के लिए बजट इसी हफ्ते आने की उम्मीद है। पीडब्ल्यूडी ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अलग-अलग चरणों में 80 से ज्यादा कामों के ऑनलाइन टेंडर मांगे। प्रत्येक काम में तीन टेंडर न आने से विभाग को दोबारा टेंडर मांगने पड़ रहे हैं। अवैध खनन और ओवरलोडिंग बंद होने से निर्माण सामग्री महंगी होने से ऑनलाइन टेंडर निर्धारित एस्टीमेट से 40 से 50 फीसदी तक ऊपर डाल रहे हैं। पीडब्ल्यूडी तय रेट से ज्यादा में टेंडर स्वीकृत करने की स्थिति में नहीं है। इसलिए जिन कामों के तीन से कम या तय रेट से ज्यादा में टेंडर आ रहे हैं, उनमें दोबारा टेंडर मांगे जा रहे हैं। सात मई को 28 मार्गों के दोबारा टेंडर मांगे गए। इससे पहले 12 कामों के टेंडर दो दिन पहले दोबारा मांगे गए थे। 15 जून तक कैसे काम पूरा किया जाए। इस पर जेई, एई से लेकर एक्सईएन और चीफ इंजीनियर तक लगातार मीटिंग का दौर चल रहा है। टेंडर कम आने से पीडब्ल्यूडी ने बहेड़ी, नवाबगंज और फतेहगंज पश्चिमी में पांच सड़कों में गड्ढे भरने का काम शुरू किया है।
जिन कामों में टेंडर तय रेट से ज्यादा में या तीन से कम आए हैं, उनमें ऑनलाइन टेंडर दोबारा मांगे गए हैं। बहेड़ी, नवाबगंज और फतेहगंज पश्चिमी में कुछ सड़कों पर पैच वर्क का काम शुरू कर दिया गया है। 15 जून से पहले सड़कों को हर हाल में गड्ढामुक्त किया जाएगा। संजीव भारद्वाज, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
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पीडब्ल्यूडी ने 15 जून से पहले सरकार के प्रत्येक सड़क को गड्ढामुक्त करने के लिए पिछले महीने 1128 किलोमीटर सड़कें चिह्नित की थीं। गड्ढे भरने के लिए सरकार ने प्रथम चरण में चार करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण के लिए बजट इसी हफ्ते आने की उम्मीद है। पीडब्ल्यूडी ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अलग-अलग चरणों में 80 से ज्यादा कामों के ऑनलाइन टेंडर मांगे। प्रत्येक काम में तीन टेंडर न आने से विभाग को दोबारा टेंडर मांगने पड़ रहे हैं। अवैध खनन और ओवरलोडिंग बंद होने से निर्माण सामग्री महंगी होने से ऑनलाइन टेंडर निर्धारित एस्टीमेट से 40 से 50 फीसदी तक ऊपर डाल रहे हैं। पीडब्ल्यूडी तय रेट से ज्यादा में टेंडर स्वीकृत करने की स्थिति में नहीं है। इसलिए जिन कामों के तीन से कम या तय रेट से ज्यादा में टेंडर आ रहे हैं, उनमें दोबारा टेंडर मांगे जा रहे हैं। सात मई को 28 मार्गों के दोबारा टेंडर मांगे गए। इससे पहले 12 कामों के टेंडर दो दिन पहले दोबारा मांगे गए थे। 15 जून तक कैसे काम पूरा किया जाए। इस पर जेई, एई से लेकर एक्सईएन और चीफ इंजीनियर तक लगातार मीटिंग का दौर चल रहा है। टेंडर कम आने से पीडब्ल्यूडी ने बहेड़ी, नवाबगंज और फतेहगंज पश्चिमी में पांच सड़कों में गड्ढे भरने का काम शुरू किया है।
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जिन कामों में टेंडर तय रेट से ज्यादा में या तीन से कम आए हैं, उनमें ऑनलाइन टेंडर दोबारा मांगे गए हैं। बहेड़ी, नवाबगंज और फतेहगंज पश्चिमी में कुछ सड़कों पर पैच वर्क का काम शुरू कर दिया गया है। 15 जून से पहले सड़कों को हर हाल में गड्ढामुक्त किया जाएगा। संजीव भारद्वाज, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
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